आदिवासी नृत्य से मुख्यमंत्री हो गए गदगद कर दिया एलान

गुवाहाटी छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नेशनल ट्राइबल डांस फेस्ट का आयोजन किया गया है। इसका समापन रविवार रात को हुआ है इस फेस्ट में अरूणाचल और त्रिपुरा के नृत्य कलाकारों ने भी भाग लिया है। इस कार्यक्रम में राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी पहुंचे थे। नृत्य कलाओं को देखने  मुख्यमंत्री ने की घोषणा है कि आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन अब हर साल होगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने विजेता टीमों को सम्मानित भी किया।छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन तीन दिनों के लिए किया गया था। इस दौरान अपने सम्बोधन में सीएम ने कहा कि 1 नवंबर को राज्योत्सव मनाया जाएगा जो कि दो दिनों तक चलेगा, इसमें स्थानीय कलाकरों को मौका दिया जाएगा। इसके बाद तीन दिनों आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। समापन समारोह में विजेता टीमों को सम्मानित भी किया गया। आपको बता दें कि विवाह श्रेणी में छत्तीसगढ़ ने बाजी मारी है और यहां के गौर माड़िया नृत्य ने 5 लाख रुपयों का पहला पुरुस्कार जीता है। दूसरे नंबर पर झारखंड का दमकच रहा, तीसरे नंबर पर लद्दाख और सिक्किम की टीमें संयुक्त रूप से रही। मध्यप्रदेश की टीम को पारंपरिक त्योहार कैटेगरी में सांत्वना पुरस्कार मिला। इसी कैटेगरी में पहला स्थान ओड़िशा के सिंगारी नृत्य ने हासिल किया। दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र, तीसरे नंबर पर झारखंड का छऊ और आंध्रप्रदेश का कोमकोया नृत्य रहा।इसके अलावा फसल कटाई के मौके पर किए जाने वाले नृत्य की श्रेणी में बिहार के कर्मा ने बाजी मारी, दूसरे नंबर पर यूपी का झींझी नृत्य रहा, तीसरे नंबर पर त्रिपुरा का ममिता और तमिलनाड़ू का तोड़ा नृत्य रहा, इस श्रेणी में सांत्वना पुरस्कार तेलंगाना के लम्बाड़ी को मिला।अन्य पारंपरिक नृत्यों की श्रेणी में प्रथम स्थान उत्तराखंड के बगरवाल नृत्य ने हासिल किया, दूसरे नंबर पर हिमाचल का गद्दी नृत्य रहा, तीसरे नंबर पर गुजरात की टीम ने जगह बनाई। इसी श्रेणी में अरुणाचल प्रदेश के इदो नृत्य को सांत्वना पुरस्कार मिला


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