केंद्र सरकार अगले साल प्याज का 100000 टन का बफर स्टॉक बनाने की तैयारी में

नयी दिल्ली : केंद्र ने अगले साल प्याज का एक लाख टन का बफर स्टॉक बनाने का फैसला किया है. हाल में प्याज के दाम में उछाल तथा आगे ऐसी स्थिति से बचने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह कहा. सरकार ने चालू वर्ष में प्याज का 56,000 टन का बफर स्टॉक तैयार किया था, लेकिन यह बढ़ती कीमत को थामने में नाकाम रहा।प्याज के दाम अभी भी ज्यादातर शहरों में 100 रुपये किलो से ऊपर चल रहे हैं. नतीजतन, सरकार को सार्वजनिक क्षेत्र की एमएमटीसी के जरिये प्याज आयात के लिए विवश होना पड़ा है. अधिकारी ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हाल में मंत्री समूह की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी. यह निर्णय किया गया है कि अगले साल के लिए करीब एक लाख टन का बफर स्टॉक सृजित किया जायेगा.सरकार की तरफ से बफर स्टॉक रखने वाली संस्था नेफेड (भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन परिसंघ) अगले साल यह जिम्मेदारी निभायेगा. नेफेड मार्च-जुलाई के दौरान रबी मौसम में उत्पादित होने वाले प्याज की खरीदारी करेगा. इस प्याज का जीवनकाल अधिक होता है. खरीफ मौसम में उत्पादक क्षेत्रों में देर तक मानसूनी बारिश और बाद में बेमौसम भारी बारिश के कारण इस साल प्याज के उत्पादन में 26 फीसदी गिरावट आयी है. इसका असर कीमत पर पड़ा है।सरकार ने प्याज के दाम में तेजी पर अंकुश लगाने के लिए कई कदम उठायें हैं. इसमें निर्यात पर पाबंदी, व्यापारियों पर भंडार सीमा के अलावा बफर स्टॉक और आयात के जरिये सस्ती दर पर प्याज की बिक्री शामिल हैं. सरकार के पास जो बफर स्टॉक था, वह समाप्त हो चुका है. सस्ती दर पर ग्राहकों को उपलब्ध कराने के लिए अब आयातित प्याज की बिक्री की जा रही है.


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