अमेरिकी निर्यात वस्तुओं का बहिष्कार करेगा व्यापारी*
शाहिद खान संवाददाता पीलीभीत*
अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर जबरदस्त टैरिफ (आयात शुल्क) लगाए जाने के विरोध में उद्योग व्यापार प्रीतिनिधि मंडल पीलीभीत के ज़िला अध्यक्ष एम ए जिलानी के निर्दश पर नगर अध्यक्ष रणवीर पाठक के नेतृत्व में आज नगर के पदाधिकारियों ने भारी वर्षा के बावजूद अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पुतला दहन कर इसका विरोध किया ज़िला अध्यक्ष एम ए जिलानी ने कहा इससे भारतीय अर्थव्यवस्था पर कई तरह के नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं। इन टैरिफ से भारत के निर्यात पर सीधा असर होगा, जिससे कई उद्योगों को नुकसान उठाना पड़ सकता है और देश की आर्थिक विकास दर भी प्रभावित हो सकती है।
ज़िला महामंत्री पंकज अग्रवाल ने कहा अमरीका द्वारा टैरिफ लगाये जाने से भारतीय निर्यात पर सीधा प्रभाव पड़ेगा l अमेरिका भारत का सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य है। वहाँ भारतीय वस्तुओं पर भारी टैरिफ लगने से ये वस्तुएँ अमेरिका के बाजार में महंगी हो जाएंगी। इससे अमेरिकी उपभोक्ता कम टैरिफ वाले या बिना टैरिफ वाले दूसरे देशों के उत्पादों को खरीदना पसंद करेंगे, जिससे भारतीय वस्तुओं की माँग में भारी कमी आएगी। नगर अध्यक्ष रणवीर पाठक ने कहा कि इन टैरिफ के कारण अमेरिका को होने वाले भारत के निर्यात में 40-60% तक की कमी आ सकती है। इससे भारत का कुल निर्यात राजस्व बुरी तरह प्रभावित होगा।
इससे छोटे एवम मध्यम वर्गीय विशेष रूप से श्रम-प्रधान क्षेत्रों जैसे कि कपड़ा, रत्न और आभूषण, चमड़ा, जूते, समुद्री खाद्य और हस्तशिल्प पर इसका सबसे अधिक प्रभाव पड़ेगा। ये उद्योग लाखों लोगों को रोजगार देते हैं, और निर्यात में कमी से इन क्षेत्रों में छंटनी और बेरोजगारी बढ़ सकती है।
आर्थिक विकास और रोजगार पर असर होगा
युवा ज़िला अध्यक्ष शैली शर्मा ने कहा इन टैरिफ का असर सिर्फ निर्यात तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह पूरी भारतीय अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगा
युवा नगर अध्यक्ष आशीष लोधी ने टैरिफ का विरोध करते हुए कहा कि टैरिफ के कारण भारत की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर में 0.2 से 1% तक की गिरावट आ सकती है।
ये टैरिफ विशेष रूप से छोटे और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के लिए बड़ा झटका होंगे। कम मार्जिन और सीमित संसाधनों के कारण, ये कंपनियाँ टैरिफ की मार को झेल नहीं पाएंगी और कई बंद होने के कगार पर पहुँच जाएँगे
नगर महामंत्री राशिद अंसारी ने कहा निर्यात में कमी से भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ेगा, जिससे रुपये की कीमत पर असर पड़ सकता है।अमेरिकी खरीदार भारतीय आपूर्तिकर्ताओं से मुँह मोड़कर दूसरे देशों की तरफ जा सकते हैं, जिससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की स्थिति कमजोर हो सकती है।
अमेरिका द्वारा लगाए गए ये टैरिफ भारत के लिए एक बड़ी चुनौती हैं। इससे निर्यात, जीडीपी विकास और रोजगार पर नकारात्मक असर पड़ने की आशंका है
कार्यक्रम में ज़िला अध्यक्ष एम ए जिलानी के अलावा महामंत्री पंकज अग्रवाल , राजेश अग्रवाल , प्रकाश वीर,अज़ीज़ मंसूरी ,विक्रांत शर्मा ,वीरेंद्र रातोगी , सुनील वर्मा,ललित अग्नानी,साहिल अग्नानी,करण भल्ला ,राहिद अंसारी ,आशीष लोधी ,मोहम्मद रज़ी,ऋषि कन्नौजिया ,शहबाज़ अहमद,राजीव राय,वसीम ख़ान ,सैफ अंसारी ,महिला जिला अध्यक्ष कंचन सक्सेना, शोभनीय सिंह, प्रवीन मोहन अग्रवाल, डॉक्टर ऋषि मुनि त्यागी, नन्हे बाबू, महेश पाठक, सुधीर पाल सिंह,गौतम गोहा, शैली शर्मा, ऋषभ सिंह मनमून, हरिश सिंह, प्रियंक जयसवार, राजीव राय, मुस्तकीम मलिक ,राजा , ताबिश शम्सी के साथ-साथ अनेकों व्यापारी गण मौजूद रहे।
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