शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए ज्ञानपीठ केन्द्र 1, स्वरुप पार्क जी0 टी0 रोड साहिबाबाद के प्रांगण में कार्यक्रम आयोजित किया गया,
प्रकाशनार्थ
लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट द्वारा राजनैतिक चिन्तक, संस्था के संस्थापक/अध्यक्ष राम दुलार यादव शिक्षाविद के नेतृत्व में राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के आह्वान पर भारत छोडो आन्दोलन 1942 “करो या मरो” के नारे के साथ कांग्रेस, समाजवादियों, स्वतंत्रता सेनानियों, काकोरी कांड के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए ज्ञानपीठ केन्द्र 1, स्वरुप पार्क जी0 टी0 रोड साहिबाबाद के प्रांगण में कार्यक्रम आयोजित किया गया, कार्यक्रम में भाई, बहन के पवित्र पर्व रक्षाबंधन की बधाई भी दी गयी, आयोजन इंजी0 धीरेन्द्र यादव ने किया, भारत छोडो आन्दोलन के वीर सपूतों, शहीदों के सम्मान में जोरदार नारे लगाये गये, इस अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज लेकर पदयात्रा निकाली गयी तथा क्रांतिकारियों को नमन किया गया कि अपार कुर्बानियों से मिली स्वतंत्रता को हम सभी मिलकर आंच न आने देंगे| कार्यक्रम को मुख्य अतिथि विशन लाल गौड़, अवधेश सिंह, सम्राट सिंह यादव, जगन्नाथ प्रसाद, श्रीमती लज्जा यादव, चक्रधारी दूबे ने भी संबोधित किया|
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षाविद राम दुलार यादव ने कहा कि क्रिप्समिशन की असफलता और ब्रिटिश सरकार की वादाखिलाफी ने कांग्रेस नेतृत्व में आक्रोश पैदा कर दिया, तथा महात्मा गाँधी के आह्वान पर “अंग्रेजों भारत छोडो” “करो या मरो” के नारे के साथ जनता को सन्देश दिया कि या तो भारत को ब्रिटिश सरकार गुलामी से मुक्ति दे, नहीं तो हम सभी अपनी जान दे देंगे| ब्रिटिश सरकार ने 8 अगस्त को कांग्रेस पार्टी के नेताओं को गिरफ्तार कर लिया, 9 अगस्त को ग्वालिया टैंक मैदान में अरुणा आसिफ अली ने राष्ट्रीय ध्वज फहरा दिया, तथा कांग्रेस समाजवादियों ने आन्दोलन अपने हाथ में ले लिया,
आचार्य नरेन्द्र देव, जय प्रकाश नारायण, अशोक मेहता, राम मनोहर लोहिया, अच्युतपटवर्धन, युसुफ मेहर अली, कमला देवी चट्टोपाध्याय, अरुणा आसिफ अली ने मोर्चा संभाल पूरे देश में ब्रिटिश सरकार की मनमानी के विरोध में बिगुल बजा दिया, अब यह जन आन्दोलन बन गया, इस आन्दोलन में भारत की 20 प्रतिशत जनता ने भाग लिया, पूरा देश ब्रिटिश हुकूमत के विरुद्ध आंदोलित हो गया, सैकड़ों शहीद हुए, हजारों घायल हुए, लाखों गिरफ्तार हुए, बहुतों पर डी0आई0आर0 लगा लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी, इस अन्दोलन ने भारत की आजादी का मार्ग प्रशस्त किया तथा देश 15 अगस्त 1947 मे आजाद हुआ |
कार्यक्रम में प्रमुख रूप शामिल रहे, राम दुलार यादव, डा0 विशन लाल गौड़, डा0 देव कर्ण चौहान, सम्राट सिंह यादव, चक्रधारी दूबे, ओम प्रकाश अरोड़ा, मुनीव यादव, सत्यपाल सिंह, ब्रह्म प्रकाश, हरेन्द्र सिंह, लज्जा यादव, बालकरन यादव, प्रतिभा, विक्रम सिंह, अमर बहादुर, हरिकृष्ण, यासीन, रामेश्वर यादव, दिलीप यादव आदि|
भवदीय
हरिशंकर यादव
(कार्यालय मंत्री)
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