तमाम सहाबा ए किराम आलिम हैं, अहले सुन्नत के उल्मा हमारे रहबर - सज्जादा नशीन शाह मुहम्मद सकलैन मियां हुज़ूर

रिपोर्ट -नाज़िश अली

"कुल शरीफ़ में लाखों ज़ायरीन का उमड़ा सैलाब"

आज बातरीख 27 सितंबर 2023 बरोज़ बुध मुताबिक 11 रबीउल सवाल शरीफ़ सुबह बाद नमाज़ फज्र कुरआन ख्वानी हुई।

इसके बाद 8 बजे ख़ानक़ाह शरीफ़ के मेहमान खाने में तकरीरी प्रोग्राम का आग़ाज़ हुआ, तकरीरी प्रोग्राम का आग़ाज़ हाफ़िज़ आमिल ने कुरआन शरीफ की तिलावत से किया।

मुंबई से आए आलिम हज़रत मौलाना आबिद सकलैनी ने अपने खुसूसी ब्यान में अहले बैअत की अज़मत और शान ब्यान की उन्होंने हज़रत मौला अली की फजीलतों पर रौशनी डाली और बताया कि हज़रत मौला अली विलायत के ताजदार हैं, आप ही के दरबार से दुनिया में इल्म की खैरात बटती है और उन्होंने सिलसिला ए कादरिया शराफ़तिया के कई ऐसे वाकिये बयान किए जिसमें सिलसिले के बुजुर्गो की अज़मत बताई उन्होंने एक वाकिया बयान किया कि हज़रत साबिर ए पाक कलियरी रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह पर एक शख्स हाज़िर हुआ और वो रोता रहा रोता रहा उसने ख़्वाब में देखा कि हज़रत साबिर ए पाक तशरीफ़ लाए और साथ में एक और बुजुर्ग हैं उन्होंने फरमाया इनको देखलो पहचान लो और बरेली जाकर इनसे वाबस्ता हो जाओ, वो शख्स बरेली आया और उसे तलाश शुरू हो गई इधर उधर गया फिर वो आपके आस्ताने पर हाज़िर हुआ और जब उसने हज़रत किब्ला शाह मौलाना शराफ़त अली मियां को देखा तो तो फौरन पहचान लिया कि ये ही वो बुज़ुर्ग हैं जिनके बारे में साबिर साहब ने बिशारत दी है, सुब्हानअल्लाह जिन बुज़ुर्ग के लिए हज़रत साबिर साहब पता बता रहे हैं उनकी अज़मत और मर्तबे का क्या ठिकाना होगा" 

हज़रत अल्लामा शाहिद शेख सकलैनी ने अपने बयान में कहा कि हम खुशनसीब हैं कि हम सिलसिला ए कादिरिया शराफ़तिया के बुजुर्गों से वाबस्ता हैं जिसमें बड़ी शान और आला मर्तबे के बुजुर्ग हैं जैसे एक हज़ार साल के मुजद्दिद हज़रत इमाम रब्बानी मुजद्दिद अलिफसानी सरहिंदी रहमतुल्लाह अलैह हैं,  जो हमें सीधे रास्ते पर चलाने, अल्लाह से मजबूती से जोड़ने व हमारी आखिरत के लिए काफी हैं, उन्होंने आगे कहा कि बुजुर्गों के लिए करामात यानी करिश्मे दिखाना हाथों का मैल जैसा है, बुजुर्ग हस्तियां इससे बचती हैं ये तो उनकी शान है जो उनकी रूहानी ताकत और तकवा व परहेजगारी से करिश्में होते रहते हैं।

आखिर में सज्जादानशीन- (दरगाह शाह शराफत अली मियां) पीरो मुरशिद हज़रत शाह मुहम्मद सकलैन मियां हुज़ूर ने फरमाया कि हम तमाम अहले सुन्नत वल जमाअत के उल्मा का अदब ओ एहतिराम करते हैं और तमाम उलमा हमारे रहबर हैं और फरमाया आलिम वो है जिसके अंदर अल्लाह का खौफ़ है जब तक अल्लाह का खौफ नहीं होगा आलिम नहीं हो सकता चाहे कितना भी पढ़ ले, आगे फरमाया कि हम तमाम सहाबा को आलिम मानते हैं, सज्जादा नशीन ने कुल में शामिल लाखों अकीदतमंदों को ये खास हिदायत फरमाई कि कल निकलने वाले जुलूसे मुहम्मदी में अदब ओ एहतिराम का खास ख्याल रखें और शोर शराबा  उछल कूद जैसे ना ज़ेबा कामों से बचें और दूसरे लोगों को भी रोकें, और रास्ते में अदब के साथ दुरूद शरीफ़ के नज़राने व नअत खवानी पेश करते चलें

कुल शरीफ़ में पीरो मुरशिद मियां हुज़ूर ने देश में अमन-चैन बना रहे आपस में सब मिल-जुल कर रहें इसके लिए खुसूसी दुआएं कीं।आज कुल शरीफ़ के मौके पर पीरो मुरशिद शाह सकलैन मियां हुज़ूर के हाथों डिजिटल पोस्ट्स का लॉन्च (प्रोमोचन) किया गया, "दार उस सकालैन फाउंडेशन" के बनाए गए इस सोशल मीडिया पोस्ट्स में "अल कुरआन सिरीज़" के ज़रिए मानवता को अल्लाह का संदेश पहुंचाने का उद्देश्य है।

अल्लामा शाहिद शेख ने बताया कि ये एक अदब, इल्म व मुहब्बत की तहरीक है।

इससे तमाम मुरीदीन व अकीदतमंदों को जुड़ने की अपील की गई। इस प्रोमोचन ने दार उस सकालैन फाउंडेशन में टेक्नोलॉजी के इस्तिमाल पर रौशनी डाली गई और भविष्य के योजनाओं के बारे में भी उपस्थित सभी लोगों को बताया गया।

उर्स में शामिल होने के लिए कल से ही हज़ारों की तादाद में ज़ायरीन के जत्थे आना शुरू हो गए, पुलिस-प्रशासन की मदद से शहर की चारों तरफ वाहनों की पार्किंग हेतु इस्लामिया इंटर कॉलेज ग्राउंड, के.डी.एम कॉलेज ग्राउंड, बिशप मंडल ग्राउंड, एम.बी कॉलेज ग्राउंड में बेहतर व्यवस्था की गई थी।

कुल शरीफ़ में हिंदुस्तान के सभी प्रदेशों व समस्त शहरों और गांवों-कस्बों से लाखों की संख्या में ज़ायरीन शामिल हुए, इसके अलावा ऑनलाइन के ज़रिए देश-विदेश में करोड़ों लोगों ने कुल में शिरकत की और दुआएं मांगी।कुल के वक्त दरगाह शरीफ़ के चारों तरफ के इलाक़े कोहाड़ापीर पेट्रोल पंप, भूड़, कुतुबखाना, बास मंडी, घंटा घर, सराय खाम, ब्रह्मपुरा, मूर्ति नर्सिंग होम चौराहे तक ज़ायरीन का रेला चलता रहा मानों जैसे पूरा शहर कुल में शामिल होने के लिए उमड़ पड़ा हो जिसकी वजह से दरगाह शरीफ की चारों तरह की तंग गलियां ज़ायरीन की भीड़ से खचाखच भर गई थी और कई ज़ायरीन दब व कुचल गए जिन्हें दरगाह के वॉलिंटियर्स ने बचाया और भीड़ से निकाला।

इसके अलावा दरगाह शरीफ़ का मेहमान खाना और चारो तरफ के मकानों, शादी हाल व मस्जिदों में ज़ायरीन भरे रहे।कुल के मौके पर हज़ारों ज़ायरीन हुए मुरीद

कुल शरीफ़ में देश-विदेश से आए सभी जायरीन ने पीरो मुरशिद शाह मुहम्मद सकलैन मियां हुज़ूर से मुलाकात की और इस मबारक मौके पर हज़ारों की तादाद में लोग मियां हुज़ूर से मुरीद होकर सिलसिले में दाखिल हुए और अपने लिए दुआएं कराईं।

बड़े पैमाने पर जारी रहा लंगर 

उर्स शराफती में लंगर का हमेशा से ख़ास और बड़ा एहतमाम किया जाता है, इस साल भी उर्स में आए ज़ायरीन के लिए लंगर का बड़े पैमाने पर एहतिमाम रहा और दरगाह पर कई जगह लंगर चलते रहे। 

उर्स में आने वाले ज़ायरीन दरगाह से बगैर खाए गया। 

इसके अलावा दरगाह के पास सभी ज़ायरीन के लिए चाय, पानी, नाश्ते का भी सबीलो की भी व्यवस्था रही। उर्स इंतजामिया कमेटी ने बखूबी अदा की अपनी जिम्मेदारियांउर्स में आए ज़ायरीन की देख-भाल व बेहतर व्यवस्था के लिए दरगाह के कंट्रोल रूम से पूरी निगरानी की गई, उर्स इंतजामिया कमेटी ने अपनी -अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी अदा किया। कमेटी में गुलाम गौस सकलैनी, मुंतासिब सकलैनी, फैज़याब सकलैनी, मुकीत सकलैनी, सरताज सकलैनी, हाजी लतीफ़ सकलैनी, मन्ना सकलैनी, इंतजार सकलैनी, मुख़्तार सकलैनी, ज़िया सकलैनी, रिज़वान सकलैनी, निज़ाम सकलैनी, अबरार सकलैनी, इस्लाम सकलैनी, रीनू सकलैनी आदि शामिल रहे।मीडिया प्रभारी हमज़ा सकलैनी ने बताया कि दरगाह शरीफ़ के पास नैनीताल रोड पुल निर्माण के चलते जगह-जगह डायवर्सन के होते हुए भी पुलिस व प्रशासन की मदद से उचित व्यवस्था कराई गई और उर्स साथ खैरियत के संपन्न हो गया इसके लिए पुलिस व प्रशासन का शुक्रिया अदा किया। कल-आज सुबह 9 बजे दरगाह शाह शराफ़त मियां से दरगाह बशीर मियां हुज़ूर मोहल्ला गुलाबनगर चादर पोशी के लिए हमेशा की तरह पीरो मुरशिद शाह सकलैन मियां हुज़ूर तशरीफ ले जायेंगे, दरगाह बशीर मियां पर तबर्रुकात की ज्यारत कराई जायेगी।

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