हिमाचल प्रदेश में सलाहुद्दीन बाबर खान की कुर्बानी इंसानियत की बेहतरीन मिसाल और स्वर्ण अक्षरों में लिखने लायक : डेमोक्रेटिक प्रेस क्लब

दूसरों की ज़िंदगी बचाते हुए ख़ुद अपनी ज़िंदगी न्यौछावर कर दी सलाहुद्दीन बाबर खान ने*

नई दिल्ली (अनवार अहमद नूर)

हिमाचल प्रदेश में इंसानियत के लिए अपनी जान लुटा देने वाले सलाहुद्दीन बाबर खान को डेमोक्रेटिक प्रेस क्लब ने अपनी शोक श्रृद्धांजलि अर्पित की और कहा कि वह आज के युग में इंसानियत की ऐसी मिसाल हैं जिसको स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाना चाहिए।


डेमोक्रेटिक प्रेस क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ फ़रीद चुग़ताई और राष्ट्रीय महासचिव सईद अहमद सहित पूरी राष्ट्रीय पदाधिकारियों की टीम ने जिसमें वरिष्ठ उपाध्यक्ष इक़बाल ख़ान,उपाध्यक्ष संजय शर्मा,सचिव जावेद रहमानी,मीडिया सचिव अनवार अहमद नूर, सचिव इमरान कलीम,मशहूर शायर डा.माजिद देवबंदी,अखिल साध के नाम शामिल हैं ने शिमला में हुए लैंडस्लाइड में दबे लोगों को निकालने में जुटी टीम में सलाहुद्दीन बाबर खान की हुई शहादत को सलाम पेश करते हुए उनके अहम योगदान को आज के युग की इंसानियत की ऐसी मिसाल बताया जिसे स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाना चाहिए। जो कुरबानी उन्होंने पेश की है वह सदैव याद रखी जाएगी। यानि उनके असीम बलिदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता।

राष्ट्रीय महासचिव सईद अहमद ने कहा कि 

सलाउद्दीन बाबर खान वास्तव में इंसानियत के हीरो हैं क्योंकि जब सुबह करीब सात बजे शिमला के फागली में अचानक भूस्खलन हुआ और इसकी चपेट में करीब पांच घर आ गए और देखते ही देखते मदद के लिए चीख-पुकार मच गई। हर कोई मदद की गुहार लगा रहा था। मदद की आवाज़ सुनकर सलाउद्दीन बाबर खान ने अपने आप को लोगों की मदद के लिए संकट में उतार लिया और लगातार हो रही बारिश और खिसकती मिट्टी और भूस्खलन के बीच मलबे में उतरकर दबे लोगों की मदद करने लगे, लेकिन तभी अचानक दूसरा भूस्खलन हो गया। दूसरा भूस्खलन होते ही वह उसकी चपेट में आ गए। आसपास के इलाके में चीख-पुकार मच गई‌। हर कोई तबाही का यह मंज़र देखकर सहम गया। भूस्खलन की तीव्रता और प्रभाव इतना ज्यादा था कि लोगों को मलबे से निकालने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। लगातार हो रही बारिश की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था हालांकि मौके पर रेस्क्यू कर रहे जवानों ने कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला लेकिन सलाउद्दीन बाबर का कोई पता नहीं था। दोपहर बाद बाबर का शव बरामद हुआ, जिसकी शिनाख्त इलाके के पूर्व पार्षद संजय सूद ने की, मदद के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर मलबे में उतरे सलाउद्दीन बाबर की मौत ने हर किसी को हिलाकर रख दिया।

राष्ट्रीय सचिव जावेद रहमानी ने कहा कि शिमला की वह आवाज़ 'मैं सलाउद्दीन बाबर खान,पेश हैं आज के मुख्य समाचार' हमेशा के लिए शांत हो गई, जो अक्सर आकाशवाणी के समाचार बुलेटिन में सुनाई दिया करती थी।

डेमोक्रेटिक प्रेस क्लब ने सलाउद्दीन बाबर को इंसानियत का हीरो क़रार देते हुए कहा कि वह पूरे देश में नफ़रत फैलाने वाले चिंटुओ और हिमाचल में हिंदू मुस्लिम करने वालों के मुंह पर करारा तमाचा मार गए। ऐसे इंसानियत के हीरो को हम सब का सलाम। अलविदा हीरो।

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