मोदी कैबिनेट कितनी बदल सकती है, यूपी से हटेंगे यह मंत्री, किन नेताओं पर मंडराया संकट?

बेताब समाचार एक्सप्रेस के लिए मुस्तकीम मंसूरी की खास रिपोर्ट, 

धर्मेंद्र प्रधान को यूपी का इंचार्ज बनाया जा सकता है, जो यूपी की 80 लोकसभा सीटों के साथ 2024 के लिए सबसे अहम राज्य है|

M. A. Mansoori 
नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने वाले हैं| इस बीच चर्चाएं तेज है कि मंत्री परिषद में बड़े फेरबदल हो सकते हैं| चुनावी राज्यों के कुछ नेताओं को मंत्रिमंडल में एंट्री मिल सकती है और कुछ लोगों को बाहर किया जा सकता है| यही नहीं धर्मेंद्र प्रधान और पीयूष गोयल जैसे सीनियर मंत्रियों को संगठन में अहम भूमिका दी जा सकती है| ताकि वह लोकसभा चुनाव में समय दे सकें| इससे पहले 2021 में कैबिनेट में फेरबदल हुआ था| 43 मंत्रियों ने शपथ ली थी| इस दौरान रविशंकर प्रसाद है प्रकाश जावेडकर और हर्षवर्धन जैसे नेताओं को कैबिनेट से बाहर कर दिया गया था, जबकि अनुराग ठाकुर किरेन रिजीजू और पुरुषोत्तम रुपाला प्रमोद किए गए थे| जैसी की चर्चा है कि महाराष्ट्र मध्य प्रदेश राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों को प्रमुखता मिल सकती है| इसके अलावा यूपी बंगाल और बिहार जैसे राज्यों से कुछ मंत्री कम हो सकते हैं| वही गुजरात के कुछ मंत्री भी कम होने की संभावना है| दरअसल भाजपा को लगता है कि महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे,अजित पवार गुट को साधे रखना जरूरी है| इसलिए इन्हें कैबिनेट में कुछ जगह दी जा सकती है|


एकनाथ शिंदे गुड से एक कैबिनेट मंत्री और एक राज्य मंत्री बनना तय माना जा रहा है| सूत्रों की मानें तो खबर यहां तक है की एकनाथ शिंदे गुट अपने लिए तीन मंत्री पद चाहता है| जबकि भाजपा दो पर राजी है|

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते सप्ताह एक दिन रात को करीब 6 घंटे तक मीटिंग की थी| इस मीटिंग में बदलावों को लेकर चर्चा हुई तब से चर्चाएं तेज है कि किन नेताओं को मंत्री परिषद से हटाया जा सकता है और किन नेताओं को जगह मिल सकती है| गुजरात से फिलहाल मनसुख मांडविया, पुरुषोत्तम रुपाला, दर्शना जरदोश, देवी सिंह चौहान महेंद्र मुंजापा मानने मंत्री है| इसके अलावा अमित शाह और पीएम नरेंद्र मोदी को भी गुजरात से ही माना जाता है| अब चर्चा है कि दर्शना, पुरुषोत्तम रुपाला, और मांडविया,पर तलवार लटक रही है| बता दें कि बीते 9 सालों में मोदी सरकार में अब तक तीन हेल्थ मिनिस्टर बन चुके हैं|

चर्चा है कि पियूष गोयल को राजस्थान का प्रभारी बनाया जा सकता है, जहां वह विधानसभा इलेक्शन पर फोकस करेंगे और फिर लोकसभा चुनाव में भी राज्य में पार्टी को मजबूत करेंगे| इसके अलावा धर्मेंद्र प्रधान को यूपी का इंचार्ज बनाया जा सकता हैजो 80 लोकसभा सीटों के साथ 2024 के लिए सबसे अहम राज्य हैं| फिलहाल यूपी और बिहार को मिलाकर कुल 20 मंत्री है| इनमें से कुछ हटाए जा सकते हैं| बिहार से अश्विनी चौबे, पशुपति पारस, और आरके सिंह का पद खतरे में दिख रहा है| वहीं अगर बात यूपी की करें तो महेंद्र नाथ पांडे,  अजय मिश्र टेनी को हटाया जा सकता है| यदि इन लोगों को हटाया गया तो फिर ब्राह्मण चोरों को ही जगह मिलेगी| ऐसे में इनकी जगह पर लंबे समय से अहम पद का इंतजार कर रहे लक्ष्मीकांत बाजपाई और सांसद हरीश त्रिवेदी को मौका मिल सकता है| वही बिहार से चिराग पासवान को जगह मिल सकती है, तो वही भाजपा खेमे से संजय जायसवाल,अजय निषाद और रामकृष्ण पाल यादव को एंट्री मिलने के कयास लगाए जा रहे हैं|

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