भारतीय नाविकों की हत्या में शिपिंग कंपनियों और मंत्रालय के अधिकारियों की मिलीभगत

 तस्करी,अवैध धंधों, भ्रष्टाचार और मानव अंगों के व्यापार का भंडाफोड़  करते हुए कार्रवाई और न्याय की लगाई गुहार 

नई दिल्ली (अनवार अहमद नूर)

भारतीय नाविकों को शिपिंग प्रबंधन कंपनियों द्वारा शिपिंग मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के नियम कानूनों को धत्ता बताकर यानि आंखों में धूल झोंक कर देश से बाहर ले जाने और उनकी हत्या करने,उनके बीमे और मुआवज़े की बड़ी धनराशि हड़पने के अलावा, मानव अंगों के व्यापार का बड़ा गंभीर रहस्योद्घाटन आज प्रेस क्लब आफ इंडिया में किया गया। प्रोग्रेसिव थिंकर्स सोसायटी के तत्वावधान में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐसे लगभग पांच पीड़ित परिवार मौजूद रहे कि जिनके परिवार में किसी न किसी व्यक्ति की मौत हुई है और उसके पश्चात उसको नेचुरल डेथ बताया गया जबकि पोस्ट मार्टम रिपोर्ट और तथ्यों से वह हत्या होना साबित हो रहा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस को एनजीओ के अध्यक्ष राजीव भृगू कुमार, डॉ अमृता सिंह,नदीमुददीन एडवोकेट, डॉ.दुआ, और जुगल चावला आदि ने सम्बोधित किया तथा बताया कि ये दुखी और पीड़ित लोग लगातार शिपिंग मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और पीएमओ जा- जाकर और शिकायत करते करते थक गये हैं,लेकिन न्याय नहीं मिला है।


डॉ अमृता सिंह ने बताया कि भ्रष्टाचार और बड़ी मिली भगःत के चलते नाविकों को मर्चेंट नेवी में रोज़गार के नाम पर विभिन्न पदों पर भर्ती करके विदेश ले जाकर रहस्यमय परिस्थितियों में हत्या कर दी जाती है। जिसके पीछे शिप प्रबंधन कंपनियों का जहाजों पर होने वाली अवैध गतिविधियों जैसे ड्रग्स तस्करी,अवैध मानव व्यापार,मानव अंगों का व्यापार तथा हथियारों की स्मगलिंग मे लिप्त होना है। उन्होंने पूरी तरह से दोषी,मैरिटाइम यूनियन आफ इंडिया (एमयूआई) तथा नेशनल सीफेरर्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनयूएसआई) पर दंडात्मक कार्रवाई और इनके लाइसेंस तुरंत रद्द करने की मांग की, क्योंकि ये मर्चेंट शिपिंग एक्ट 1958 की धाराओं का उल्लंघन करते हुए भारतीय नाविकों को गै़रकानूनी तरीके से सदस्य बनाती हैं तथा देश से बाहर जहाजों पर उनकी हत्या के पश्चात प्रबंधन कंपनियों के साथ मिलकर मुआवज़ा, बीमा की धनराशि को हड़प कर जाती हैं। इनका यह गोरखधंधा पिछले लगभग 70 सालों से लगातार चला आ रहा है जिसके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्यवाही किया जाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि श्री अमिताभ कुमार डायरेक्टर जनरल आफ शिपिंग मुंबई ( पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय भारत सरकार) ने ऐसी अवैध गतिविधियों में संलिप्त आरपीएसएल कंपनियों के विरुद्ध स्थानीय पुलिस के माध्यम से कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध अपने 

अर्धशासकीय पत्र दिनांक 13-12-2022,जो मुख्य सचिव महोदय उत्तर प्रदेश शासन को लिखा है में किया है।

ज्ञात रहे कि डॉ अमृता सिंह के पति स्व० संजय चौधरी चीफ़ इंजीनियर की हत्या 17-04-2018 को जहाज़ के कप्तान और अन्य द्वारा कर दी गई थी हत्या का प्रकरण गाज़ियाबाद के थाना कविनगर में दर्ज है। 

एडवोकेट नदीमुददीन ने कहा कि मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में चल रहा है मगर मामला बड़ा संगीन और मानवता के विरुद्ध है इसके पीछे बड़ा रैकेट है बड़ा भ्रष्टाचार और मिलीभगत है। इसलिए मीडिया इसको दिखाए जिससे पीएम मोदी की सरकार के उन अधिकारियों की पोल खुले जो अवैध धंधों के व्यापारियों और क़ातिलों के हाथों की कठपुतलियां बने हुए हैं। 

यहां स्व संजय चौधरी (चीफ़ इंजीनियर),स्व शिवम मलिक (थर्ड आफिसर), और स्व. जतिन मिश्रा (डैक कैडिट) के परिवार जनों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए पीएम मोदी से न्याय की गुहार लगाई। 

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