जिला अधिकारी नरेंद्र सिंह भंडारी ने सोमवार को मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम जो जिले के दो विकास खंडों चंपावत एवं लोहाघाट में संचालित है,

 जिला अधिकारी नरेंद्र सिंह भंडारी ने सोमवार को मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम जो जिले के दो विकास खंडों चंपावत एवं लोहाघाट में संचालित है, 

बेताब समाचार एक्सप्रेस के लिए उत्तराखंड से हमारे संवाददाता हनीफ रजा़ की रिपोर्ट, 

चंपावत,जिलाधिकारी नरेन्द्र सिंह भण्डारी ने सोमवार को मुख्यमंत्री सीमान्त क्षेत्र विकास कार्यक्रम जो जिले के दो विकास खण्डों चम्पावत एवं लोहाघाट में संचालित हैं, की वित्तीय वर्ष 2022-23 की कार्ययोजना के सम्बध में विभिन्न विभागों के माध्यम से प्राप्त प्रस्तावों पर समीक्षा करते हुए सभी विभागों को निर्देश दिये कि एमबीएडीपी के अंतर्गत जो भी योजनाएं विभागों द्वारा प्रस्तावित की जा रही है उसमें विशेष तौर पर स्वरोजगार परख योजनाओं को प्राथमिकता दें जिससे कि गांव में अधिक से अधिक लोगों को रोजगार से जोड़ा जा सकें। जिलाधिकारी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ाए जाने हेतु कृषि औद्योनिकि, मत्स्य पालन, मौन पालन, मशरूम पालन आदि के क्षेत्र में सुनियोजित विकास हेतु एमबीएडीपी में योजनाएँ प्रस्तावित की जाए। जिलाधिकारी ने मुख्य कृषि अधिकारी को निर्देश दिये कि दोनों विकास खण्डों में एक एक गाँव को कृषि एवं कृषि से संबंधित अन्य गतिविधियों हेतु मॉडल गाँव के रूप में विकसित किया जाना है। इस हेतु प्रत्येक विकास खण्ड से तीन ऐसे गाँवों का चयन करें। उसमें से एक गाँव का चयन किया जाएगा। चयनित गाँव में क्लस्टर तैयार कर खेती को बढ़ाए जाने से लेकर आधुनिक खेती, खेती की सुरक्षा हेतु घेरबाड, सोलर फेंसिंग, सिंचाई जैसे विभिन्न कार्य किए जाएंगे। 
इसी प्रकार जिलाधिकारी ने जिला उद्यान अधिकारी को निर्देश दिये कि एमबीएडीपी में दोनों विकासखण्डों में एक एक माडल गांव सेव का, एक एक गाँव कीवी का, एक एक गांव मशरूम उत्पादन का तथा एक एक मौनपालन का विकसित किये जाने हेतु गांवों का चयन कर प्रस्ताव तैयार किये जाए। इसी के  आधार पर भविष्य में अन्य गाँवों को भी इसी प्रकार क्लस्टर के तौर पर विभिन्न उत्पादन के क्षेत्र में विकसित किया जाएगा।

    जिलाधिकारी ने मत्स्य तथा भेषज विभाग को भी दोनों विकासखंडों में *एक एक गाँव मत्स्य पालन हेतु तथा एक एक गांव जड़ी बूटी उत्पादन हेतु चयन कर प्रस्ताव तैयार कर गांव में इस कार्य को कलस्टर तौर पर कार्य करने के निर्देश दिये।   


  इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने विभिन्न गांवों में ओपन जिम निर्माण, सड़क, सिंचाई सुविधा, उद्यमिता विकास, आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण एवं सुदृढीकरण,एलबीआर सड़क व संपर्क मार्गों व पुलिया निर्माण सहित गाँवो का समग्र विकास हेतु विभिन्न आवश्यक कार्यों प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश सम्बधित विभागों से आए अधिकारियों को दिए। 
 जिलाधिकारी ने कहा कि अधिक से अधिक लोगों को स्वरोजगार गाँव में ही मिले विभाग ऐसी योजनाएं प्रस्तावित करें। उन्होंने विभिन्न प्रस्तावित निर्माण कार्यों के संबंध में दोनों खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिये कि जो भी योजनाएं प्रस्तावित की जा रही है वह संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण कर फोटोग्राफ एवं योजना के औचित्य सहित प्रस्ताव प्रस्तुत करें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, जिला विकास अधिकारी संतोष कुमार पंत, मुख्य कृषि अधिकारी गोपाल सिंह भंडारी, मुख्य शिक्षा अधिकारी जेके सक्सेना, जिला उद्यान अधिकारी टीएन पांडे, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी पीएस भंडारी, खंड विकास अधिकारी चंपावत केएस रावत, लोहाघाट कमल किशोर पाण्डेय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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