डेमोक्रेटिक प्रेस क्लब की एक्जीक्यूटिव काउन्सिल की बैठक संपन्न,

 डीपीसी के सभी मेम्बर सैनिक की तरह कार्य करें" :  डॉक्टर फ़रीद चुगताई (राष्ट्रीय अध्यक्ष डीपीसी) 


“मीडिया और पत्रकारों से संबंधित खबरों को वाच करके उन पर डीपीसी लेगा एक्शन।”


नई दिल्ली (अनवार अहमद नूर) 
डेमोक्रेटिक प्रेस क्लब (DPC) की एक महत्वपूर्ण बैठक प्रेस क्लब आफ इंडिया में  वरिष्ठ पत्रकार- श्री संजय शर्मा की अध्यक्षता और डीपीसी के सचिव ,जर्नलिस्ट टुडे के सम्पादक जावेद रहमानी के संचालन में सम्पन्न हुई। 

मुख्य अतिथि के रूप में प्रोफेसर जसीम मोहम्मद और विशिष्ट अतिथि के तौर पर पश्चिमी बंगाल के डीपीसी प्रमुख श्री दिलीप शर्मा जी थे । 


।।कोरोना काल के पश्चात पहली बार इतनी बड़ी संख्या में जुटे पत्रकारों - संपादकों और डीपीसी एक्जीक्यूटिव मेंबर्स की बैठक में इस बात को लेकर पूर्ण सहमति रही कि बिना किसी पद और स्वार्थ के सभी को डीपीसी की तरक्की के लिए जी जान से मेहनत करनी है। और पत्रकारों के हितों के लिए व्यवहारिक रूप में सभी को काम करना है। बैठक में उपस्थित एनसीआर टुडे के संपादक संजय शर्मा जो डीपीसी के सेक्रेटरी हैं उनको लीगल सेल का प्रमुख भी बनाया गया। 
साथ ही प्रेस काउन्सिल आफ इंडिया के पूर्व मेम्बर श्री अशोक नवरत्न , सहारा के पूर्व सम्पादक प्रोफ़ेसर जसीम मोहम्मद को उपाध्यक्ष बनाया गया।

आईटी सेल की ज़िम्मेदारी नौजवान 
श्री अम्मार आब्दी को सौंपी गई। 

वेबवार्ता न्यूज़ एजेंसी के संपादक और डीपीसी के महासचिव श्री सईद अहमद ने  डीपीसी के उद्देश्यों और अभी तक किए कार्यों पर संक्षिप्त रूप से प्रकाश डाला। जबकि 
प्रकाश भारती के सम्पादक  श्री  मोहम्मद इकबाल खान, एशियन पत्रिका के सम्पादक श्री इमरान कलीम वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक अनवार अहमद नूर,उर्दू दैनिक अरहमा के सम्पादक श्री इफ्तिखार अहमद,
  जीं-सलाम सीनियर पत्रकार श्री अफसर अहंमद ,जीं सलाम के रिपोर्टर श्री धर्मेंद्र लोधी  ,आदि ने अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर सहारा से श्री शकील अहमद, सीनियर एडिटर श्री इमाम अज़हर रिज़वी, श्री अफ़जान अराफ़ात  और श्री वसीम भी मौजूद रहे। 

डेमोक्रेटिक प्रेस क्लब के संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉक्टर फ़रीद चुगताई ने कहा कि क्लब अब शिशु काल से निकल कर कारवाँ बन गया है। 

डॉक्टर चुगताई ने बल देकर कहा ,मैं हर पत्रकार के दुख सुख पीड़ा में साथ हूं। 
उन्होंने डीपीसी की आफिस व्यवस्था से लेकर हर आवश्यकता में पूरा सहयोग देने को कहा। 

डीपीसी मुख्यालय दिल्ली में सभी प्रकार की सुविधाओं को मुहैया कराने का वायदा किया , साथ ही उन्होंने डीपीसी के हर सदस्य तथा पदाधिकारी से एक सैनिक की तरह कार्य करने की अपील की। 

पश्चिमी बंगाल के दिलीप शर्मा ने सभी को इगो को एक तरफ रख कर, संगठित होकर कार्य करने का आव्हान किया। और अगली बैठक बंगाल  में रखने का आमंत्रण दिया। 

प्रोफ़ेसर मोहम्मद जसीम ने डीपीसी के लिए अनेक सुझाव देते हुए कहा कि प्रतिदिन मीडिया और पत्रकारों से संबंधित खबरों को वाच करके उन पर डीपीसी एक्शन ले। वैब साइट एक्टिव हो। डीपीसी टाइम्स न्यूज़ लेटर का प्रकाशन हो। 
पीड़ित पत्रकार और उसके परिवार के लिए एक पत्रकार रिलीफ़ फंड  की स्थापना की जाए । जिससे पत्रकार को मदद मिल सके । समस्त देश में जिला तहसील पर डीसीपी पत्रकारों की सूची डीएम - एसपी को सहयोग हेतु भेजी जाए। 
अंत में  संजय शर्मा ने अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि डीपीसी लगातार एक्शन भरे कदम उठाए। यू ट्यूबर और वैबसाइट के पत्रकारों पर चर्चा हो। संगठन अपने फैसलों को मनवाने के लिए हर प्रयास करे। आवश्यक हो तो पत्रकार हित में धरना प्रदर्शन और कानूनी लीगल कार्रवाई भी की जाए।

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