वक्फ बोर्ड की मस्जिदों के इमामों ने सड़क पर उतर कर मांगा अपना वेतन,

*ग्रांट नहीं आई इसलिए 11 महीनों से नहीं मिली तनख्वाह *

"वक्फ बोर्ड में इमामों की न इज्जत है और न तनख्वाह" इमामों का चेयरमैन पर आरोप।

*वक्फ बोर्ड के दफ्तर के सामने हुआ धरना - प्रदर्शन*

नई दिल्ली (अनवार अहमद नूर) 

दिल्ली वक्फ बोर्ड के दफ्तर के सामने पहुंच कर मस्जिदों के पेश इमामों ने अपना रोष प्रकट करते हुए वक्फ बोर्ड के वर्तमान चेयरमैन पर अनेक आरोप लगाए और अपनी 11 महीनों की तनख्वाह मांगी। प्राप्त समाचार के अनुसार दिल्ली के वक्फ बोर्ड कार्यालय पर बड़ी संख्या में जुटे मस्जिदों के इमामों ने धरना प्रदर्शन किया। और प्रेस वालों को बताया कि वक्फ बोर्ड ने उन्हें 11 महीनों से तनख्वाह (वज़ीफा) नहीं दिया है। जिससे उन्हें और उनके परिवारों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। और उनके सब्र का पैमाना टूट रहा है। वह इससे पहले भी वक्फ बोर्ड के चेयरमैन को एक पत्र लिख कर स्थिति से अवगत करा चुके हैं।






लेकिन जनाब अमानतुल्ला साहब ने कोई ध्यान नहीं दिया जिसके बाद अब हम सब इमाम  सड़क पर उतर कर अपनी मांग कर रहे हैं। एक साहब का कहना था कि हमें जानबूझकर बेइज्जत किया जा रहा है। दफ्तर के दोनों तरफ़ के दरवाज़ों पर ताले डाल दिए गए। और हम लोगों के अंदर जाने पर रोक लगा दी गई। यह सरासर इमाम हज़रात का अपमान है। एक तो तनख्वाह नहीं ऊपर से बेइज्जती। 

इमामों ने बताया कि उनको कहा जा रहा है कि जब ग्रांट आएगी तो आपको वेतन मिलेगा। 11 महीनों से इमामों को उलझा कर रखा गया है। कभी कहा जाता है कि इमामों के वज़ीफे (तनख्वाह) की फाइल रेवेन्यू विभाग में है कभी कहा जाता है कि फाइनेंस विभाग में। और वक्फ बोर्ड के सीईओ कहते हैं कि चैक बन रहे हैं। 

इमामों ने धरना प्रदर्शन करते हुए बताया कि हमें ग्रांट आदि से कोई लेना देना नहीं है। क्योंकि ग्रांट के माध्यम से पैसा देने में अनेक काग़ज़ी अड़चनें और टैक्नीकल परेशानियाँ हैं। इसलिए हमारी तनख्वाहें वक्फ आमदनी यानि रेवेन्यू से दी जानी चाहिएं। इससे पहले भी बोर्ड की आमदनी से ही मिलती रही है। सभी इमाम हज़रात ने अपनी मांगों को दोहराया कि - 

11माह का वेतन उन्हें तुरंत दिया जाए और भविष्य में एक निश्चित तारीख पर समय से दिया जाए। दिल्ली वक्फ बोर्ड में चीफ़ एक्जीक्यूटिव नहीं मिलते उसकी व्यवस्था कराई जाए। इमामों का वेतन बढ़ाया जाए। इमाम हज़रात को वक्फ बोर्ड के आई कार्ड दिए जाएं। उनके इधर-उधर तबादले को बंद किया जाए। और किसी भी इमाम के ख़िलाफ़ शिकायत पर बिना जांच किए उस पर कार्रवाई न की जाए।

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