एसडीपीआई का उत्तर प्रदेश राज्य स्तरीय प्रतिनिधि सम्मेलन एवं उतर प्रदेश कार्यकारिणी का चुनाव हुआ सम्पन्न

बेताब समाचार एक्सप्रेस के लिए लखनऊ से इरफान काद़री की रिपोर्ट 

संवैधानिक संस्थाओं को पंगु बना दिया गया फासीवादी ताकतें लगातार देश में डर का माहौल पैदा कर रहे हैं, शरफुद्दीन

लखनऊ 13 नवम्बर  2021। सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इण्डिया उत्तर प्रदेश के एक  दिवसीय प्रदेश प्रतिनिधि सम्मेलन का आयोजन लखनऊ स्थित होटल पार्क अवध में किया गया। कार्यक्रम के उद्घाटन सम्बोधन  में  सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया  के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एडो. शर्फुद्दीन अहमद ने  कहा कि  एस.डी.पी.आई विगत 12 वर्षों से ‘भूख से आजादी, भय से आजादी‘ के लिए संघर्षरत है तथा विकास की धारा को चन्द लोगों की मुट्ठी से बाहर लाकर आमजन को मजबूत बनाने के लिए प्रयासरत है ताकि लोकतंत्र के प्रति जन जागरण पैदा हो एवं लोकतांत्रिक व संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए विकल्प पैदा किया जा सके।




उन्हों ने यह भी कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार फैडरल व्यवस्था को नष्ट कर रही है और राज्य के अधिकारों को छीन रही है। चाहे वह नई शिक्षा नीति का मामला हो या अंतराष्ट्रीय सीमाओं से सटे राज्यों में बी.एस.एफ को दिए गए अधिकार हो जिसके जरिए राज्यों की पुलिस के अधिकार छीने जा रहे है।भाजपा की सरकार अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए हिन्दुओं और मुसलमानों में बंटवारे की राजनीतिक कर रही है। सारी संवैधानिक संस्थाओं को पंगु बना दिया गया।फासीवादी ताकतें लगातार देश में डर का माहौल पैदा कर रही हैं। आज की परिस्थिति में देश में एसडीपीआई की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। भारती जनता पार्टी की सरकारें आर एस एस के फासिस्ट एजंडे को लागू करने में लगी हैं तथा  विपक्ष ने जिस तरह से उसके सामने घुटने टेक दिये है उससे साफ है कि भविष्य में नफरत की  नफरत वाली राजनीति का मुकाबला सिर्फ एस.डी.पी.आई ही कर सकती है और देश में भय मुक्त समाज का निर्माण कर सकती है। उन्हों यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्य नाथ के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनते ही प्रदेश में विकास की रफ़्तार ने दम तोड़ दिया। दलितों, पिछड़ो, निर्बल व वंचित वर्ग और विशेष रूप से मुसलमानों पर जुल्म व नाइंसाफी ढाई जा रही है। कानून व्यवस्था की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है  प्रदेश सरकार द्वारा जनविरोधी नीतियों के विरुद्ध उठने वाली हर आवाज को दबाने और कुचलने के लिए कानून का बेजा इस्तेमाल हो रहा है तथा पुलिस राज स्थापित कर दिया गया  है। मुख्य मंत्री अपने तथा अपनी पार्टी के अन्य अपराधियों के विरुद्ध मुकदमें वापस लेकर कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं। सत्ता पक्ष और उससे सम्बन्धित जुड़े सभी संगठनो के लोग अपने आप को कानून से ऊपर मानकर काम कर रहे हैं। भ्रष्टाचार, लूट, मार, बलात्कार, मोबलिंचिंग, जातीय हिंसा और  इनकाउंटर की वारदातें चरम सीमां पर हैं। महिलाएं, बहू बेटियाँ सुरक्षित नहीं हैं। योगी सरकार के बीते साढ़े चार सालों के दौरान ऐसी घटनाएं भरी पड़ी हैं जिन में सरकार खुलकर सत्ता पक्ष से जुड़े अपराधियों के संरक्षण में खड़ी नजर आई है। उन्नाव, हाथरस, कानपुर, महोबा कांड व मुजफ्फरनगर दंगों के आरोपियों पर से मुकदमों की वापसी, लखीमपुर में किसानों का नरसंहार इन सब मामलों में सरकार की भूमिका पर गंभीर सवाल उठे हैं और लोकतंत्र को बुरी तरह रौंदा गया है। 

इस अवसर पर सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी आफ इंडिया के राष्ट्रीय महासचिव मो शफी ने पार्टी के संविधान के अनुरूप आगामी तीन वर्ष के कार्यकाल के सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी आफ इंडिया उत्तर प्रदेश कार्यकारिणी का चुनाव सम्पन्न कराया जिसमें निजामुद्दीन खान को एसडीपीआई उत्तर प्रदेश का अध्यक्ष चुना गया तथा  हारून साहिल को प्रदेश उपाध्यक्ष, अब्दुल मुईद हाशिमी को प्रदेश महासचिव, नूर हसन को  सचिव, मौलाना कमर मजाहरी को कोषाध्यक्ष एवं शाबान करीमी, मो.सलीम, मौलाना फुरकान  नदवी, डा फखरे आलम, जवाहर यादव, मो कामिल,महेन्द्र सिंह, इमरान तोमर, शुएब हसन को सदस्य चुना गया। सम्मेलन में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी आफ इंडिया पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष मो कामिल, मध्य उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष शाबान करीमी सहित पार्टी के पश्चिमी उत्तर प्रदेश व मध्य उत्तर प्रदेश इकाई के सभी पदाधिकारियों सदस्यों ने भाग लिया। नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष निजामुद्दीन खान ने धन्यवाद प्रकट करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश ही देश के राजनीति की दिशा और दशा तय करता है इसलिए देश में बदलाव लाने, भूख-भय, जुल्म, नाइंसाफ़ी, भ्रष्टाचार और नफरत के वातावरण को समाप्त करके देश को एक कल्याणकारी राज्य बनाने के लिए उत्तर प्रदेश में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी आफ इंडिया का मजबूत होना बहुत जरूरी है।

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