किसानों का रेल रोको अभियान, सरकार मस्त और लोग परेशान,

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नई दिल्ली (अनवार अहमद नूर) तीन कृषि कानूनों को रद्द करने के लिए अपना आंदोलन कर रहे किसानों ने आज देश भर में रेल रोको आंदोलन किया और जहां-तहां किसानों ने ट्रेनों को रोका। रेल पटरी एवं ट्रैक पर किसान बैठे तथा रेलवे स्टेशनों पर धरना प्रदर्शन किया और नारेबाजी की गई। ज्ञापन पत्र भी दिए गए हैं। इन किसानों की मांग थी कि किसानों के हत्यारे के पिता होने के कारण केंद्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्रा को तुरंत उनके पद से हटाया जाए क्योंकि उनके पद पर रहते हुए उनके दोषी बेटे आशीष मिश्रा को सज़ा नहीं मिल सकती। देशभर में रेल रोको आंदोलन को पूर्णता सफल बताते हुए किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार के कानों तक आवाज़ पहुँचे इसलिए यह सब किया जा रहा है। सरकार लापरवाह बनी हुई है इस पर टिकैत ने कहा कि "सुनेगी अवश्य सुनेगी और अगर नहीं सुनेगी तो कुछ इस तरह सुना दी जाएगी कि वह याद रखेगी।" उनका आज का ट्रेन रोको आंदोलन इसीलिए था कि अभी सरकार की आंख खुल जानी चाहिए और वह किसानों के काले कानून वापस ले ले और किसानों के हत्यारे के पिता को मंत्री पद से हटाकर दोषी को कड़ी सज़ा दे।



संयुक्त किसान मोर्चा के आवाहन पर किसानों ने पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश सहित देशभर के राज्यों में अपने रेल रोको आंदोलन को चलाया। कहीं धरने - प्रदर्शन किए तो कहीं रेलवे स्टेशन पर जाकर ट्रेनों को रोका और कहीं वह ट्रैक पर बैठकर ट्रेन को रोकने का प्रयास करते दिखाई दिए। उनके इस आंदोलन को देखते हुए सरकार ने बहुत कड़े सुरक्षा प्रबंध किए थे लेकिन उसके उपरांत भी 6 घंटे का रेल रोको आंदोलन पूर्णतया सफल रहा। सुबह 10 से 4 के बीच अनेक स्थानों पर किसानों के आंदोलन और रेल रोकने के समाचार मिले हैं। मोहाली, बहादुरगढ़, सोनीपत, मोदीनगर, इसके अलावा अंबाला, करनाल, अमृतसर, दनकौर  हापुड़ और मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर रेलवे स्टेशनों सहित अनेक स्थानों से ऐसे समाचार प्राप्त हुए हैं कि किसानों ने सरकार के खिलाफ़ नारेबाजी करते हुए रेलवे ट्रैक को बाधित किया और एक जानकारी के अनुसार 150 से अधिक माल गाड़ियां प्रभावित हुई तो 293 से ज़्यादा ट्रेनों पर पूरा प्रभाव पड़ा है। लगभग 120 ट्रेनों को अपने गंतव्य से पहले रोके रखा गया। 43 ट्रेनों को रद्द कर देने की खबर है। दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में रेल रोको आंदोलन काफ़ी तेज़ और सरगर्म देखा गया। हालांकि कड़े सुरक्षा प्रबंधों के कारण शाम तक वह बिना किसी अशांत या अप्रिय घटना के समाप्त हो गया। अनेक स्थानों पर किसानों ने ज्ञापन देकर यह मांग रखी कि केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा को तुरंत उनके पद से हटाया जाए क्योंकि लखीमपुर खीरी में किसानों पर गाड़ी चढ़ाकर मौत के घाट उतारने वाले केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के बेटे आशीष मिश्रा को तब तक सज़ा नहीं मिल सकती जब तक उनके पिता मंत्री पद पर हैं इसलिए उन्हें तुरंत इस पद से हटाया जाए।

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