जमशेदपुर के दो मुस्लिम युवकों ने पुलिस पर उनके साथ मारपीट करने, धर्म सूचक गालियां देने एवं आप्राकृतिक यौन संबंध बनाने का दबाव डालने का आरोप लगाया है।

 

आरज़ू ओर औरंगज़ेब जिनका पुलिस ने जबरन आपस में यौन संबंध बनाने पर मजबुर किया गया

झारखंड:(Source-अशरफ हुसैन)

झारखंड जमशेदपुर के दो मुस्लिम युवकों ने पुलिस पर उनके साथ मारपीट करने, धर्म सूचक गालियां देने एवं आप्राकृतिक यौन संबंध बनाने का दबाव डालने का आरोप लगाया है। मामला 23 अगस्त की सुबह का है जब जमशेदपुर धतकीडीह के एक युवक के साथ शास्त्री नगर की एक युवती फरार हो जाती है। मामला पुलिस के पास पहुँचता है।

जमशेदपुर के कदमा पुलिस द्वारा दूसरे दिन शास्त्रीनगर के ही रहने वाले युवक आरज़ू जो कि इलैक्ट्रिशियन का काम करता है जिसे पूछताछ के लिए थाना बुलाती है, आरज़ू बताते हैं कि उस रात पुलिस वालों के द्वारा फरार प्रेमी युगल के मामले में उसकी संलिप्तता का आरोप लगाते हुए उसके साथ मारपीट की गई। जबकि आरज़ू को उनके संबंध में कोई जानकारी नहीं थी।

पुलिस ने दूसरी सुबह आरज़ू के दोस्त औरंगजेब के पिता को थाने बुलाया एवं इस मामले में पूछताछ की और औरंगजेब को थाने में उपस्थित होने को कहा गया, औरंगजेब जो फेब्रिकेशन का काम करते हैं बताते हैं कि पहले उन्होंने थाने जाने से इनकार कर दिया क्योंकि उनको खबर मिली थी कि आरज़ू के साथ थाने में मारपीट की गई है, इसलिए उसने सारा मामला अपने मामा आफताब खान को बताई जिसके बाद आफताब खान द्वारा कदमा थाना में संतोष सिंह से बात की, संतोष सिंह ने आश्वासन दिया कि औरंगजेब को सिर्फ पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है, उसके साथ किसी प्रकार का दुर्व्यवहार नही किया जाएगा, जिसके बाद 25 अगस्त को औरंगजेब थाने में उपस्थित हो जाता है।

औरंगजेब बताते हैं कि करीब शाम 4 बजे पुलिस वालों द्वारा उसको मारना शुरू कर दिया गया एवं फरार प्रेमी युगल के बारे में पूछने लगे, औरंगजेब ने बताया कि उसे इसकी कोई जानकारी नही है चूंकि फरार हुआ लड़का भी उसी की तरह फेब्रिकेशन का काम करता है इसलिए वो केवल उसे जनता है, जिसके बाद पुलिस द्वारा कहा गया कि ‘ये हिंदुस्तान है, हमें पहचान, तुम इसे तालिबान बनाएगा, अफगानिस्तान भेजेंगे तुमको’ ये कहते हुए उसके गालों पर लगातार चप्पलों द्वारा मारा गया और फिर आरज़ू के साथ आप्राकृतिक यौन संबंध बनाने को कहा गया जिसे करने से उन्होंने इनकार कर दिया जिसके बाद विकेट द्वारा उसे मारने शुरू किया गया। उसके बाद दोनों से पूछा गया कि उन्होंने वैक्सीन लिया है कि नहीं, आरज़ू का जवाब था नहीं जिसके बाद उसे कहा गया कि ‘क्या अल्लाह ने मना किया है वैक्सीन लेने से? क्या अल्लाह मियां बुरा मान जाएगा?’ जिसके बाद उसकी पिटाई करते हुए बेहद आपत्तिजनक बाते कही गई। फिर विकेट एवं चप्पलों से उसकी लगातार पिटाई की गई।

औरंगजेब आगे बताते हैं कि करीब 10 बजे रात तक उसे थाने में पुलिसकर्मियों द्वारा प्रताड़ित किया गया जिसके बाद उसे पेन किलर टैबलेट दिया गया एवं उसके अभिभावकों के सामने लिखित में लिया गया कि उसके साथ किसी प्रकार का दुर्व्यवहार या मारपीट नही की गयी है और उसपर हषताक्षर लिए गए, और फिर छोड़ा गया। औरंगजेब उस शाम को याद करते हुए बताते हैं कि उनके साथ जो हुआ उसे याद कर उन्हें रातों को नींद नहीं आती है। वो इस मामले में इंसाफ चाहते हैं।

इसी क्रम में 27 अगस्त को स्थानीय समाजसेवियों द्वारा एसएसपी कार्यालय में उच्च स्तरीय जांच करने एवं दोषी पुलिसकर्मियों को सज़ा दिलाने के संबंध में ज्ञापन सौंपा गया था, जिसके बाद डीएसपी साहब द्वारा उन्हें आश्वासन दिया गया था कि 2 दिन के अंदर इसपर कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में हमने जब डीएसपी साहब से बात की तो उन्होंने बताया कि आला अधिकारियों द्वारा जाँच चल रही है, शीघ्र ही करवाई के इमकान हैं क्योंकि जाँच अपने अंतिम पड़ाव पर है।

वहीं इस मामले को लेकर राजनैतिक दलों के नेताओं द्वारा भी प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गई है, जमशेदपुर से विधायक एवं वर्तमान में झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कार्रवाई का आश्वासन दिया एवं डीएसपी से इस मामले में जल्द से जल्द फैसले पर पहुंचने की बात की। झामुमो नेता बाबर खान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पीड़ितों को इंसाफ की मांग की एवं कोई कार्रवाई ना होने पर शांतिपूर्ण आंदोलन करने की बात भी की है। AIMIM नेता कामरान खान ने कहा है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच हो और जरूरत पड़े तो CBI जांच भी कराई जाए क्योंकि राज्य में JMM की सरकार है और अल्पसंख्यकों के साथ ऐसी घटना काफी निंदनीय है, पीड़ितों को जल्द से जल्द इंसाफ मिले वरना वो इंसाफ के लिए शांतिपूर्वक आंदोलन करेंगे। वहीं झारखंड एकता मोर्चा के नेता आफताब खान ने भी इस मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग की, साथ ही राज्य के मुख्यमंत्री एवं अल्पसंख्यक मंत्री से मुलाकात कर पीड़ितों को इंसाफ दिलाने के लिए ज्ञापन सौंपेंगे और जरूरत पड़ी तो शांतिपूर्वक आंदोलन कर इंसाफ की मांग करेंगे।

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