ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन दिल्ली प्रदेश का एक प्रोग्राम देश निर्माण में युवाओं की भागीदारी के नाम


ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन दिल्ली प्रदेश का एक प्रोग्राम देश निर्माण में युवाओं की भागीदारी के टॉपिक पर श्री राम कॉलोनी ख़जूरी में आयोजित हुआ।जिसमें सैकड़ों की तादाद में नौजवानों ने शिरकत की। सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष कलीमुल हफ़ीज़ ने कहा कि नौजवान किसी भी कौम और देश का भविष्य होते हैं और उनको सही राह पर डाल दिया जाए तो क़ौम और मुल्क तरक़्क़ी की राह पर गामज़न होते हैं, और अगर यही नौजवान बे रहा- रवि का शिकार हो जाए तो क़ौम और रियासतें पस्ती की ग़ार में चली जाया करती हैं। उन्होंने कहा कि मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन सिर्फ राजनीति करने नहीं आई बल्कि एक बा शऊर माशरे की तशकील भी चाहती है। ताकि इस क़ौम के नौजवान अपने अधिकार जाने और उनको हासिल करने की कोशिश करें। देश में 70 सालों से जिस तरह की सियासत का बोलबाला है उसमें इंसाफ़ बहुत मुश्किल अमर है। ग़रीबों अल्पसंख्यकों और ख़ासतौर से मुस्लिम समाज को जिस बेरहमी से किनारे पर धकेला गया है। वह कांग्रेस भाजपा और तथाकथित सेक्युलर पार्टियों की ख़ास पॉलिसी और मानसिकता को उजागर करती हैं। बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी देश की राजनीति में इस वक़्त अकेले लीडर हैं। जो पीड़ितों, वंचितों और मुसलमानों की मज़बूत आवाज़ है।कलीमुल हफ़ीज़ ने नौजवानों को संबोधित करते हुए कहा कि जब भी किसी के मुंह से सुनो की मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन भाजपा की बी टीम और असदुद्दीन ओवैसी आप को नुक़सान पहुंचाने के लिए चुनावी मैदान में आए हैं तो समझ लो कि कहने वाला आपका विरोधी है। वह नहीं चाहता कि मुसलमान सियासी तौर पर मज़बूत हो और ताक़त के बल पर सरकारों से अपना अधिकार हासिल करने के क़ाबिल बन सकें आख़िर मुसलमानों को क्यों यह बात समझ में नहीं आती कि जिस जिस ढांचे में लोग ज़िदगी गुज़ार रहे हैं। उसके दो ही पहलू हैं एक पक्ष और दूसरा विपक्ष जब आप इन दोनों में से किसी जगह नहीं होंगे तो सियासी और सामाजिक तौर पर आपकी हैसियत नहीं होगी  उन्होंने कहा कि आपको हैरत नहीं होती यह देख कर कि देश का बहुसंख्यक वर्ग पक्ष और विपक्ष के रोल में हैं जबकि होना यह चाहिए था कि कुल आबादी का 20% रखने वाला मुसलमान राजनीतिक तौर पर मुख्य विपक्ष रोल अदा करता ताकि ग़रीब मजदूर और वंचित वर्गो को इंसाफ़ मिल सकता उन्होंने कहा कि मजलिस की हर वक़्त कोशिश है कि मुसलमान वक़ार की ज़िन्दगी जीने के लायक हो जाए जिसका दारोमदार नौजवानों पर आधारित है। इसलिए कि वह दोनों पीढ़ियों की नुमाइंदगी करता है। केजरीवाल सरकार को उन्होंने जहां आर एस एस और भाजपा की नाजायज़ औलाद बताया तो वही कांग्रेस पर मुसलमान और दलित के शोषण का इल्ज़ाम लगाया । एमसीडी इलेक्शन 2022 के मद्देनजर उन्होंने कहा कि दिल्ली में मजलिस पूरी ताक़त के साथ लड़ेगी और जीतेगी हमारी मजबूत आहट ने आम आदमी पार्टी के गलियारों में जलज़ला पैदा कर दिया है और हम दावे से कह सकते हैं कि मुस्लिम प्रभावित इलाकों से आपका जनाज़ा निकलना तय है कि कांग्रेस को पस्ती के अंधेरों से निकलने तक का मौक़ा नहीं मिलेगा। इस मौक़े पर प्रदेश महासचिव शाह आलम सिद्दीक़ी, लीगल सेल के कन्वीनर एडवोकेट रुख़सार अहमद, संगठन सचिव अब्दुल ग़फ़्फ़ार सिद्दीक़ी, युवा नेता क़ासिम उस्मानी आई टी सेल प्रभारी मारूफ़ ख़ान के अलावा बहुत से नौजवानों ने अपने विचारों को व्यक्त किया। उपस्थितिगणों में ज़िला के जिम्मेदारों के अलावा वार्ड अध्यक्ष की भारी संख्या मौजूद थी।

अब्दुल ग़फ़्फ़ार सिद्दीक़ी संगठन सचिव मजलिस दिल्ली

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