देश कि तकदीर सवाँरना हो तो अधिवक्ता-आयोग का गठन करो*

 



*देश कि तकदीर सवाँरना हो तो अधिवक्ता-आयोग का गठन करो*

 *सेवा मे:--*

*1--आदरणीय महामहिम राष्ट्रपति महोदय साहब जी, भारत सरकार, राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली 110004*

(विशेष संबंधित बिंदु:--4 व 7+ आदि सभी बिंदु)

*2...माननीय प्रधानमंत्री जी, प्रधानमंत्री कार्यालय, भारत सरकार, नई दिल्ली 110011* 

(विशेष संबंधित बिंदु:-12+आदि सभी बिंदु)


*3--माननीय केन्द्रीय चुनाव/निर्वाचन आयोग, निर्वाचन सदन, अशोक रोड, नई दिल्ली 110001*

(विशेष संबंधित बिंदु:- 8,9,10+ आदि सभी बिंदु)


*4..आदरणीय लोकसभा स्पीकर संसद भवन, भारत सरकार, नई दिल्ली 110001*

(विशेष संबंधित बिंदु:-3,12+ आदि सभी बिंदु)


*5..माननीय न्याय-विधि मंत्रालय कैबिनेट सेक्रेटरिएट, रायसिना हिल, नई दिल्ली 110001*

(विशेष संबंधित बिंदु:--5,6,7,11 +आदि सभी बिंदु)


*6..भारतीय विधिज्ञ परिषद/BAR COUNCIL OF INDIA, 21 राउस एवेन्यू इंस्टिट्यूशनल एरिया नई दिल्ली 110002*

(विशेष संबंधित बिंदु:-5,6,7,11 +आदि सभी बिंदु)


*7..सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण मंत्रालय, भारत सरकार,  B-2,पंडित दीनदयाल अन्त्योदय भवन, ग्राउंड फ्लोर, CGO काम्प्लेक्स  लोधी रोड, नई दिल्ली –110003*

(विशेष संबंधित बिंदु:--3 व 11 +आदि सभी बिंदु)


*8..सेक्शन ऑफिसर, PMO, साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली - 110011*

(विशेष संबंधित बिंदु:-12+ आदि सभी बिंदु)


*9..सचिव, राष्ट्रिय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) : त्रिकूट-1, भीकाजी कामा पैलेस, नई दिल्ली–110066*

(विशेष संबंधित बिंदु:- 3 व 11+ आदि सभी बिंदु)


*10..सामाजिक न्याय और अधिकारिता  मंत्रालय, भारत सरकार, सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण मंत्रालय, भारत सरकार, शास्त्री भवन, नई दिल्ली-110001* 

(विशेष संबंधित बिंदु:--3 व 11+ आदि सभी बिंदु)


*महोदय साहब जी:--*


*देश के सभी "जूनियर वकील साहब" का दर्द जो बहुजन हसरत पार्टी BHP देशहित-जनहित दिनाँक 14-1-21-व 21-1-21 मे पहले उजागर कर चुकी है फिर पुनःह 6-8-21 को देश के सभी "जूनियर वकील साहब" कि माँग के साथ-साथ दिनाँक 28/5/19 से 4/4/21 तक पूर्व कि तमाम माँग संक्षेप मे इस बार भी अनेक विषय-अपील बिन्दुवार के रूप मे पेश हेतु----*


*1--विषय/अपील:--बहुजन हसरत पार्टी BHP देशहित-जनहित मे देश के समस्त सर्व समाज के सभी "जूनियर वकील साहबों" कि "दुख-दर्द" वाली दास्ताँ सभी 24 बिन्दु माह जनवरी 2021 मे आप सभी को SPEED POST व रजिस्ट्री के जरिये नत-मस्तक होकर पहले भी भेज चुकी है पुनःह 6/8/21 को फिर से भेज रही है उसी के सम्बन्ध मे:--*


*2--विषय/अपील:--देश के सभी "जूनियर वकील साहब" लोगो कि दिली-कहानी आप सभी ज्ञानी युगपुरूष मानवता के तहत स्वंय पर ढालते हुऐ देशहित-जनहित मे खुद पर एहसास करिये तथा इसका निस्तारण करने कि महान कृपा करिये इसके अलावाँ भी इस घटिया पार्टी बहुजन हसरत पार्टी BHP जो आप सहित सभी आला-मंत्री और आफिसरो को 28/5/2019 से 4/4/21 तक करीब लगभग 250 स्पीड के ऊपर स्पीड पोस्ट व रजि० आदि भेजकर माँग करी थी फिर पुनःह ''जूनियर वकील साहब" कि "असली-आवाज" व "'असली-दास्ताँ"' पेश करने के साथ-साथ फिर से "'कला और पेशा"' मे बँटी वंचित हजारों "'कलाकार जाति पेशेवर जाति"' वाले लोग:--जो सदियो से सर्व समाज:--कि "सेवा और खिदमत" करते चली आ रही है जो ये वंचित हजारो कलाकार जाति पेशेवर जाति वाले लोग "हिन्दू-मुस्लिम" दोनो समुदायो मे पाये जाते है जिनकी जनसँख्या पूरे देश मे करीब 50% के इर्द-गिर्द है जो सब के सब 96% OBC कि श्रेणी मे आते है "पसमांदा-फँसमांदा" नाम भी वफादार मुसलमान कलाकार जाति पेशेवर जाति वाले भाई लोगो को राजनैतिक-आरक्षण नही दिला पाया है सरकार माने या न माने ये सरकार पर निर्भर करता है क्योकि "मंडल-आयोग" कि रिपोर्ट मे "आर्टिशियन-कास्ट" शब्द अनेको बार आया हुआ है और "आर्टिशियन-कास्ट" का मतलब "कला और पेशा" ही तो होता है इसीलिए इन्ही "कला और पेशा" मे बँटी वंचित हजारो कलाकार जाति पेशेवर जाति वाले लोगो को "देशहित-जनहित" मे SC ST भाईयो कि तरह "'सेवा और खिदमत"' के नाम पर राजनैतिक आरक्षण देने हेतु कानून बनाने या कानून मे संशोधन करने हेतु फिर अपील कि जा रही है उसी के बाबत मे---*


*3--विषय/अपील:--जो दिनाँक 28/5/19 से 4/4/21 तक जो करीब 250 स्पीड पोस्ट व रजिस्ट्री भेजी गयी है उन सभी 250 के इर्द-गिर्द भेजी गयी रजि० व स्पीड पोस्ट का बहुत सारा जवाब सभी विभाग द्वारा बहुजन हसरत पार्टी BHP को भेजा भी गया है मगर NCBC / सामाजिक कल्याण मंत्रालय / लोकसभा स्पीकर आदि द्वारा जो जवाब आता है जो समझ के बाहर है, मगर P.M. साहब द्वारा इस संदर्भ में कोई भी ठोस जवाब आज तक नही मिला है परन्तु मुस्लिम महिलाओ के उद्धार हेतु जिस तरह (A)--तीन तलाक पर कानून बनाया गया है (B)--10% गरीब सवर्ण समाज को आरक्षण दिया गया (C)--कश्मीर से धारा 370 व 35-A हटायी गयी है ऐसे बेहतरीन/अद्भुत कानून बनाकर महान इतिहास रचने वाले महान युगपुरूष P.M साहब को बहुजन हसरत पार्टी उसी A से C बिन्दु कि तर्ज पर ही सदियों से सर्व समाज कि "सेवा और खिदमत" करने वाले "कला और पेशा" मे बँटी वंचित हजारो कलाकार जाति पेशेवर जाति वाले लोगो को देशहित-जनहित मे SC ST भाईयो कि तरह कम से कम "सेवा और खिदमत" के नाम पर राजनैतिक-आरक्षण देने हेतु कानून बनाकर या कानून मे संशोधन करके इन 96% OBC कलाकार जाति पेशेवर जाति का भला करना चाहिए था ऐसी माँग-अपील कि गयी थी परन्तु P.M साहब ने 250 स्पीड पोस्ट व रजिस्ट्री का सीधे-सीधे कोई जवाब तक नही दिये है तो कैसे माना जाए कि "कला और पेशा" मे बँटी वंचित हजारों कलाकार जाति पेशेवर जाति वाले 96% OBC जातियों को राजनैतिक आरक्षण कैसे देगे यदि P.M साहब द्वारा आज तक बहुजन हसरत पार्टी BHP को शायद ही कोई जवाब भेजा गया होगा बहुजन हसरत पार्टी BHP को बहुत बड़ा दु:ख और अफसोस हो रहा है कि 250 के ऊपर रजि० व स्पीड पोस्ट भेजा गया है उसका कोई जवाब सीधे-सीधे P.M साहब कि तरफ से आया होता तो देशहित-जनहित मे बहुजन हसरत पार्टी को अपार खुशी मिली होती:-----इसी बिन्दु नम्बर 3-विषय/अपील मे A से C कि भाँति जितनी जल्दी हो "सीनियर व जूनियर वकील साहब-गण के तमाम दु:ख दूर करने के लिए देशहित-जनहित मे "अधिवक्ता-आयोग" का गठन करने कि भी महान कृपा करिये-------काश-काश-काश:--आज भीमवादी दलित शेरनी बहन मायावती जी इस महान पद पर विराजमान होती....तो तो तो....देशहित-जनहित मे अवश्य फौरन "'अधिवक्ता-आयोग"' का गठन कर दी होती तथा इन "कला और पेशा" मे बँटी वंचित हजारो "कलाकार जाति पेशेवर जाति" वाले लोगो को जो सदियों से जो सर्व समाज कि ""सेवा और खिदमत"" करते चले आ रहे है उनको SC ST भाईयो कि तरह "सेवा और खिदमत" के नाम पर राजनैतिक आरक्षण 101% दे दी होती और आज देश के इन "कला और पेशा" मे वंचित हजारों "कलाकार जाति पेशेवर जाति" वाले 96% OBC भाईयों को SC ST भाईयों कि तरह "सेवा और खिदमत" के नाम पर राजनैतिक आरक्षण मिल गया होता परन्तु पता नही P.M साहब जी सहित आप सभी ज्ञानी लोग इन "कलाकार जाति पेशेवर जाति" वाले लोगो को देशहित-जनहित मे SC ST भाईयो कि "सेवा और खिदमत" के नाम पर राजनैतिक-आरक्षण व सीनियर/जूनियर वकील साहब-गण के तमाम दुख-दर्द दूर करने के लिए "अधिवक्ता-आयोग" का गठन कब तक करने कि कृपा करोगे उसी के सम्बन्ध मे---*


*4--विषय/अपील:--परन्तु एक बार पुनःह सभी को 6/8/21 को फिर से अपील निवेदन माँग बहुजन हसरत पार्टी BHP द्वारा भेजा जा रहा है---परन्तु महामहिम राष्ट्रपति महोदय साहब जी को सिर्फ पहली बार ही बहुजन हसरत पार्टी नत-मस्तक होकर देशहित-जनहित मे कुछ अपील भेज रही है महामहिम राष्ट्रपति महोदय साहब जी को बहुजन हसरत पार्टी BHP न्याय करने के लिए उस महान "आस/भरोसा" पर घमंड करके "आस" लगाकर उनके पास भी तमाम दुख-तकलीफ लिखित भेज रही है उसी के बाबत मे---*


*5--मुख्य विषय/अपील:--देश के सभी "जूनियर वकील साहब'' का दर्द बहुजन हसरत पार्टी BHP देशहित-जनहित मे इनके "उद्धार/विकास/दुख-तकलीफ आदि के लिऐ एक पैर पर खड़ी होकर तहेदिल से नत-मस्तक होकर सैल्यूट करते हुए अपील करती है कि जितनी जल्दी हो "'अधिवक्ता-आयोग"' का गठन हो क्योंकि अधिवक्ता-आयोग गठन होने के बाद----वकीलों को भी अपने हित-स्वाभिमान-गरिमा-सम्मान-सुरक्षा के साथ-साथ देश-संविधान-लोकतंत्र के हित-गरिमा-सम्मान कि रक्षा व सुरक्षा करने का मौका मिलेगा ---बहुजन हसरत पार्टी "'अधिवक्ता-आयोग"' बने ऐसी माँग पूर्व मे अनेको बार कर चुकी है आज दिनाँक 06/08/2021 को फिर कर रही है तथा "जूनियर वकील साहब" को 5-से-8 लाख P.M फण्ड अर्थात प्रधानमंत्री राहत-कोष से नियम-कानून के तहत 0% ब्याज पर मिले और वह 5 से 8 लाख 5 वर्ष बाद वगैर ब्याज लगाये किश्त के रूप महीना-वार लिया जाय जिससे कोरोना माहमारी मे लाखों रुपये पाकर पूरे 5-साल मे अपनी-अपनी माली-आर्थिक हालात को दुरूस्त कर सके श्रीमान जी "जूनियर वकील साहब" पर दया करो उपकार करो तथा सुप्रीम कोर्ट में तथा देश के सभी राज्यों में हर राज्यों कि स्थानीय भाषाओं मे पेटिशन आदि दाखिल करने के साथ-अपनी-अपनी भाषाओं में अपनी बात रखकर वकील-गण बहस कर सके इसे भी अनिवार्य किया जाये उसके लिये सरकार कोर्ट में द्विभाषी/ट्रांसलेटर कि नियुक्तियाँ करे----तथा सुप्रीम कोर्ट के "आर्डर और जजमेन्ट" ENLISH के साथ-साथ हिंदी में हो तथा देश के हर राज्य के भाषा मे तथा प्रत्येक राज्य के हाई कोर्ट-जिला/सेशन कोर्ट-मजिस्ट्रेट के कोर्ट में ENLISH के साथ-साथ हिंदी में तथा हर उस राज्य के भाषा मे उपलब्ध कराई जाए तथा कोर्ट व बार कौन्सिल कि वेब-साईट/एप पर तथा देश के सभी वकीलों के ईमेल पर भी उपलब्ध हो जिससे वकील-गण के साथ-साथ भारत का हर नागरिक सभी बने कानून को आसानी से समझ सके तथा उसके बाद दो साल के लिए "'जूनियर वकीलो"' को ट्रैवलिंग अलौन्स के साथ सम्मान जनक मान-धन पर अदालती काम-काज हेतु सरकार अदालती काम-काज में लगावे जिससे अदालत और सरकार को सही कानून का अच्छा जानकार कर्मचारी उपलब्ध हो सके और "जूनियर वकील-गण" को भी कोर्ट में वरिष्ठ एडवोकेट कि तरह सम्मान मिल सके तथा वास्तविक तौर पे उन सभी "जूनियर वकील साहबो" को कानून कि प्रक्रिया ठीक ढंग से समझ में आ जावे जो खुशहाल लोकतंत्र/संविधान कि खुश्बू व खूबसूरती की निशानी है तथा लोकतंत्र के चार खंभे में से न्यायपालिका भी एक है और तो और संविधान कि कस्टोडियन भी खुद एक न्यायपालिका है संविधान को मजबूती से अमल में लाना है तो उसे न्यायालय के माध्यम से सभी "जूनियर वकील साहब" ही दिन रात मेहनत करके लाते है बाकी संविधान को और कोई भी मजबूती प्रदान नही कर सकता है यह इस घटिया पार्टी बहुजन हसरत पार्टी BHP का कथन है एडवोकेट शब्द भी इस महान न्याय-पालिका का मुख्य प्रमुख अंग है बिना "जूनियर वकील-जन" से तो यह न्याय-पालिका कभी भी नही चल सकती है इसलिए भारत के महान संविधान और लोकतंत्र को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिऐ माननीय एडवोकेट साहब लोगो कि मुख्य भूमिका होती है इस सच को देशहित-जनहित मे आप सभी लोगो को समझना होगा देश के लोकतंत्र को बनाने व बचाने मे हम सभी लोगो को इन "जूनियर वकील साहब" लोगो का 101% ख्याल रखना ही होगा ये सरकार का परम कर्तव्य भी बनता है उसी के सम्बन्ध मे--*


*6--विषय/अपील:-- "'अधिवक्ता-आयोग"' का गठन होना इसलिए आवश्यक है जिसका निम्न कारण है (A-1)भारतीय संविधान के आर्टिकल 14 -"समानता के मौलिक अधिकार" का खुला हनन होते चले आ रहा है (A-2) कुछ चंद चुनिंदा मनपसंद विशेष समुदाय के लोग अपने भाई-भतीजे, बेटे आदि रिश्तेदार वकीलों को ही सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट में न्यायाधीश/जज बनाते चले आ रहे है (A-3) जिससे सर्व समाज के काबिलियत वाले वकील साहबों में तथा लोअर कोर्ट तहसील-जिला मजिस्ट्रेट/जज आदि में भी अंदर ही अंदर रोष व्याप्त है---(A-4) इन सर्व समाज के वकीलों कि भाँति ही लोअर कोर्ट तहसील-जिला मजिस्ट्रेट/जज आदि में बहुत गुस्सा भरा पड़ा है कि हम (PCS-J और HIGHER JUDICIARY EXAM आदि कॉम्पिटेटिव एग्जाम देकर जज बनते है लेकिन बिना किसी कॉम्पिटेटिव एग्जाम/न्यायिक योग्यता परीक्षा के कुछ चंद चुनिंदा मनपसंद विशेष समुदाय के लोग अपने भाई-भतीजे, बेटे आदि रिश्तेदार जजो को संविधान के आर्टिकल 14 -"समानता के मौलिक अधिकार" का खुला उल्लंघन करके सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट के जज बनाते चले आ रहे है (A-5) इससे न्यायपालिका ही भारतीय संविधान के आर्टिकल 14 "समानता के मौलिक अधिकार" का खुद हनन करके संविधान और लोकतंत्र का गला घोंट रही है जिसके चलते जूनियर वकील और तहसील-जिला मजिस्ट्रेट/जज आदि में अंदरूनी बहस-जंग छिड़ी है कि जब खुद न्यायपालिका ही दो खंडों में बँटी हुई है तो तो तो  हम जूनियर वकील और लोअर कोर्ट तहसील-जिला मजिस्ट्रेट/जज आदि कि बात को कौन सुनेगा इसलिए इसका अंत करने के लिए जितनी जल्दी हो सके ""अधिवक्ता-आयोग"" का गठन किया जाए जिससे (क) न्याय-पालिका द्वारा भारतीय संविधान के आर्टिकल 14- "समानता के मौलिक अधिकार" के हो रहे खुले हनन को रोका जाए, (ख) जूनियर वकीलों के साथ-साथ लोअर कोर्ट तहसील-जिला मजिस्ट्रेट/जज आदि पर काबिल जजो को भी काबलियत के बल-पर सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट में न्यायाधीश/जज बनने का मौका मिले (ग) संविधान के सम्मान-रक्षा के साथ-साथ इन "जूनियर वकील साहब" और लोअर कोर्ट के तहसील/जिला मजिस्ट्रेट/जज साहब के हित/हक/सम्मान/स्वाभिमान/गरिमा कि रक्षा करने के लिए इस ""अधिवक्ता-आयोग"" को सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट के न्यायाधीश/जज बनाने कि प्रक्रिया में सहभागी होने का अधिकार मिले इस बाबत में--*


*7---विषय/अपील:--महामहिम राष्ट्रपति साहब के सम्मति/आदेश/हस्ताक्षर से संसद द्वारा पारित कानून अस्तित्व में आते है एक बार कानून बनता है तो यह माना जाता है ये कानून सभी भारतीयों को मालूम है और सभी भारतीयों पर लागू भी होते है परंतु 99.99% लोगो को इन कानूनों कि जानकारी ही नही होती है तथा COURT द्वारा दिये गए आर्डर और जजमेन्ट भी एक तरीके के कानून ही होते है और इन कानून कि जानकारी भारत के हर नागरिक तक पहुँचाने कि कोई व्यवस्था भारत मे न होने के कारण इसका फायदा चंद जानकारों में से कुछ गलत किस्म के लोग लेते है ऐसे में लोग न्यापालिका और वकील साहब को ही अपना रक्षक/मसीहा/रहनुमा मानकर लोग सीना ठोककर लोकतंत्र को मजबूत बनाने का काम करते है इसलिए भारत देश के बने सभी कानून तथा सभी संबंधित राज्यो में बने राज्य के कानून ENGLISH भाषा के साथ साथ हिंदी तथा संबंधित राज्य कि भाषा मे ग्राम-सभा में ग्राम-सभा विधि-विभाग/समिति बनाकर ग्राम-स्तर पर सही जानकारी वितरित करने व पहुँचाने के संबंध में...*


*8--विषय/अपील:--श्रीमान माननीय चुनाव आयोग महोदय (EVM-EVM-EVM) हटाकर (बैलेट-पेपर) से सीधे-सीधे चुनाव कराये जाय इसके लिऐ बहुजन हसरत पार्टी ने आपको भी दर्जनों भर स्पीड पोस्ट व रजिस्ट्री सब सबूत सहित लगाकर भेजकर माँग-अपील-निवेदन कि है तथा आप द्वारा कुछ जवाब भी बहुजन हसरत पार्टी के पास आया है आप द्वारा ये लिखित बताया गया है कि (EVM-EVM-EVM) सही है इस पर कोई संदेह नही करना चाहिए परन्तु माननीय महोदय आपकी कि "'गुड-आफिस"' से लगभग जितनी भी 2300 के ऊपर पार्टियाँ रजिस्टर्ड है उनके अध्यक्ष/महासचिव/कोषाध्यक्ष आदि पदाधिकारी से लिखित पूंछा जाय कि वे सभी पार्टियों के पदाधिकारी लोग EVM से चुनाव चाहते है कि बैलेट-पेपर से चुनाव चाहते है या एक पर्ची मे दो चुनाव-निशान छापा जाय एक बैलेट-पेपर BOX व दूसरा EVM मशीन का छापकर उन सभी 2300 पार्टियों के राष्ट्रीय पदाधिकारी से चुनाव कराकर फैसला किया जाय या ON-LINE सभी 140 करोड़ के इर्द-गिर्द ज्ञानी जनता से पूंछा जाय कि वे सभी लोग चुनाव EVM से चाहते है कि बैलेट-पेपर से चाहते है या श्री नाना पटोले व श्री अश्वनी उपाध्याय आदि का जिक्र पिछले सभी दर्जनों भर लेटर आदि मे बहुजन हसरत पार्टी BHP ने पूर्व में खुलासा किया है उसी बाबत मे--* 


*9---विषय/अपील:--माननीय सभी ज्ञानी महोदय लोगो आप लोग ही जमीनी विधाता हो जिस तरह जमीनी विधाता "सीनियर=जूनियर वकील साहब" लोग भी होते है परन्तु वकील साहब लोगो को तथा देश के 100 करोड़ देशवासी कलाकार जाति पेशेवर जाति वाले लोगो को कोरोना ने तबाह और बर्बाद कर दिया है श्रीमान महोदय जी कुछ लोग तो बहुजन हसरत पार्टी BHP के पदाधिकारी को "समझाते" है अथवा "भयभीत" करके "डराते" भी है कि कलाकार जाति पेशेवर जाति वाले लोग जो "हिन्दू-मुस्लिम" दोनो समुदायो मे पाये जाते है जो सदियो से "सर्व-समाज" कि "सेवा और खिदमत" करते चले आ रहै है जो सभी 96% OBC कि श्रेणी मे आते है इनको SC ST भाईयो कि तरह "सेवा और खिदमत" के नाम पर राजनैतिक आरक्षण देने कि माँग जो कर रहे हो वह माँग 100% सही है तथा EVM हटाकर बैलेट-पेपर से चुनाव कि माँग कर रहे हो यह तो 1000% सही है परन्तु बार-बार ऐसी माँग और अपील करने पर आपकी पार्टी बहुजन हसरत पार्टी BHP का रजिस्ट्रेशन रद्द हो सकता है तथा मुसलमान होने के कारण कहीं मुशीबत का सामना भी करना पड़ सकता है परन्तु हम सभी पार्टी के पदाधिकारियों को आप सभी के ऊपर 1-लाख-% भरोसा और यकीन है कि आप सभी के रहते हुए हम लोगो का बाल-बाँका नही हो सकता है उसी के सम्बन्ध मे-* 


*10---विषय/अपील:--महोदय EVM के रहते हुए 2300 के इर्द-गिर्द पार्टियों मे चन्द पार्टियों को छोड़कर कोई भी पार्टी सफल नही हो सकती है क्योंकि EVM के रहते हुए कोई भी इंसान BHP जैसे किसी छोटी पार्टियों को न चंदा देता है और न किसी भी तरह कि मदद आदि करता है बल्कि सीधे-सीधे चुनाव लड़ने से भी लोग कोसो-दूर भागते है लोग/जनता/मतदाता अन्य छोटे-छोटे दलों से कहते-फिर रहे है कि जाओ अपनी पार्टियाँ खुद रद्द करवा लो...क्योंकि समाज के पास सभी चीज का इलाज है परन्तु इस EVM मशीन का इलाज व उपाय नही है.. महोदय जी इसीलिए 2019 के चुनाव मे इस बहुजन हसरत पार्टी को बार-बार चुनाव निशान माँगने के बाद 9/3/19 को आचार-संहिता लगने के वक्त चुनाव निशान रेजर मिला था:--जिससे 2019 मे अंतिम क्षण मे चुनाव निशान मिलने के कारण 80 लोकसभा मे चुनाव लड़ने के लिए कुछ लोगो को तैयार भी किया गया था परंतु EVM का हवाला देकर लोग नयी-नयी पार्टी से लोग चुनाव न लड़ने के लिए भाग खड़े हुए है--2022 U.P और पंजाब आदि मे भी चुनाव होने वाला है परन्तु ऐसा प्रतीत हो रहा है कि बहुजन हसरत पार्टी BHP ही क्या अन्य ज्यादातर छोटे-छोटे दलों-पार्टियों का हाल 2019 कि भाँति ही होगा क्योंकि EVM के रहते किसी छोटी पार्टियों का कल्याण और उद्धार नही हो सकता है अभी तक हम पार्टी के संविधान के मुताबिक पदाधिकारियों कि "फीस-फीस-फीस" तक नही जमा कर सके है सिर्फ खाता खोलकर छोड़ने के लिए मजबूर हुए है और कोरोना-पापी वाली बीमारी के कारण ऑडिट-आदि भी नही करवा सके है इसके पहले बहुजन हसरत पार्टी कई बार आपसे अपील भी कर चुकी है कि यदि EVM बंद करके सीधे-सीधे बैलेट-पेपर से चुनाव नही हुआ तो बहुजन हसरत पार्टी सहित EVM से चुनाव न चाहने वाली उन सभी 90% पार्टियों का पार्टी रजिस्ट्रेशन फौरन रद्द करो क्योंकि जो पार्टियाँ EVM से चुनाव नही चाहती है उनको चुनाव लड़ने का कोई फायदा नही है क्योंकि चुनाव में प्रत्याशी न उतारने के कारण वैसे भी आप द्वारा पार्टियों का रजिस्ट्रेशन रद्द हो सकता है क्योंकि आप ही सभी पार्टियों के अन्नदाता हो उसी के बाबत मे--*


*11--विषय/अपील--महोदय जी मंडल आयोग कि रिपोर्ट मे "आर्टिशियन-कास्ट" शब्द अनेको बार आया हुआ है आर्टिशियन कास्ट का मतलब "कला और पेशा" ही तो होता है यदि 27% मंडल आयोग इन 3743 OBC वाले लोगो पर "राजनैतिक-आरक्षण" के तौर पे लागू हो गया होता तो 543 लोकसभा मे जिस तरह 133 साँसद SC ST भाईयो के है ठीक उसी तरह 27% मंडल-आयोग के सुविधा के मुताबिक 543 लोकसभा कि सीट मे लगभग 147-साँसद OBC/पिछड़े भाईयो के होते परन्तु 27% मंडल आयोग कि सुविधा को राजनैतिक-आरक्षण के तौर पर आज 2021 तक लागू नही किया गया है इसलिए "बहुजन" व "कामगार-मजदूर-श्रमिक" को ही अदालत मे अपील करके देशहित-जनहित मे बहुजन हसरत पार्टी BHP द्वारा महान नया नाम कलाकार जाति पेशेवर जाति दिया गया है क्योंकि देश आजाद होने के बाद और आजाद होने के पहले इन 3743 OBC जाति व समाज के लोगो को सिर्फ बस सिर्फ ठगा गया है इसलिए यह कलाकार जाति पेशेवर जाति जैसा नाम नया नही है बल्कि देखा जाय तो बहुत ही पुराना है क्योंकि "कला और पेशा" मे बँटी वंचित हजारो कलाकार जाति पेशेवर जाति सदियों से सर्व समाज कि "सेवा और खिदमत" करती चली आ रही है ये "'कला और पेशा"' मे बँटी वंचित हजारो कलाकार जाति पेशेवर जाति वाले लोग "'हिन्दू-मुस्लिम"' दोनो समुदायो मे पाये जाते है जिनकी जनसँख्या पूरे देश मे करीब 50% के इर्द-गिर्द है जिनका पूरा आधा देश है जो सब के सब 96% OBC कि श्रेणी मे आते है वफादार मुसलमान भाईयो को "पसमांदा-फँसमांदा" नाम को तलाक देकर कलाकार जाति पेशेवर जाति जैसा महान नया नाम कबूल करना चाहिए यदि 7/7 P.I.L और SLP (C) मे माननीय अदालत ने इन "कला और पेशा" मे बँटी वंचित हजारो कलाकार जाति पेशेवर जाति वाले लोगो के उद्धार हेतु SC ST भाईयो कि तरह "सेवा और खिदमत" के नाम राजनैतिक-आरक्षण देने हेतु कानून बनाने या संशोधन करने के लिए कोई डायरेक्शन केन्द्र सरकार को दे दि होती तो BSP के जन्मदाता मान्यवर काँशीराम साहब के जन्मदिन 15/3/2017 को बहुजन हसरत पार्टी का उदय कदापि न होता इसलिए या 27% मंडल आयोग कि रिपोर्ट के मुताबिक इन 3743 OBC जाति/समाज को राजनैतिक-आरक्षण दो या या या सदियों से "सर्व-समाज" कि "सेवा और खिदमत" करते चली आ रही "कला और पेशा" मे बँटी वंचित हजारो कलाकार जाति पेशेवर जाति वाले लोगो को देशहित-जनहित मे SC ST भाईयों कि तरह "सेवा और खिदमत" के नाम पर राजनैतिक-आरक्षण दो वरना जाति व्यवस्था ही ख़त्म करो उसी के सम्बन्ध मे--*


*12--विषय/अपील:--1) "कलाकार जाति पेशेवर जाति'' वाले लोगो को SC ST भाई कि तरह ''सेवा और खिदमत'' के नाम पर राजनैतिक आरक्षण दे दीजिऐ वरना जाति व्यवस्था ही ख़त्म कीजिए इस मुख्य माँग के साथ-साथ 2)•••EVM बंद कराकर "बैलेट पेपर" से चुनाव कराईये 3)•••आधार कार्ड पर जाति का जिक्र हो 4)••• स्वास्थ्य पहचान पत्र पर जाति का जिक्र हो 5)•••2021 कि जनगणना आदि पर "कलाकार जाति पेशेवर जाति'' व घुमंतू जाति आदि सभी लोगो के जाति का जिक्र 101% हो 6)•••मुस्लिम महिलाओं को 16% सच्चर समिती-रंगनाथ मिश्रा आयोग के सुविधा के अनुसार राजनैतिक आरक्षण दो 7)•••गरीब सवर्ण भाईयों को भी 10% राजनैतिक आरक्षण दो 8)•••सुप्रीम कोर्ट से लेकर तहसील स्तर के सभी न्यायालयों में न्यायाधीश-जज में तथा मंत्रिमंडल में भी सर्व समाज के लोगो को आरक्षण दो 9)•••CM--PM के अविश्वास प्रस्ताव के तरह ही MP/MLA के खिलाफ भी अविश्वास प्रस्ताव का कानून बने 10) संविधान के आर्टिकल 341 के तहत मुस्लिम क्रिश्चन आदि सभी धर्म के दलित भाई को भारत शासन अधिनियम 1935 के कानून कि भाँति आरक्षण दो 11)•••6 महीने के अंदर CM--PM जब-तक किसी एक सदन का सदस्य न बन जावे तब-तक उनके द्वारा बनाया गया सभी कानून अवैध हो 12)•••NRC CAA NPR जैसे कानून मे मचे कोहराम को खत्म करने कि माँग करी गई है जो पुनःह आज फिर उपरोक्ति सभी माँगो के साथ कि जा रही है आदि उसी बाबत मे---*


*नोट:--सभी महान ज्ञानी समाज के युगपुरूष/मसीहा/रहनुमा--जैसे महामहिम-राष्ट्रपति महोदय जी, माननीय प्रधानमंत्री जी, माननीय केन्द्रीय चुनाव/निर्वाचन आयोग जी, आदरणीय लोकसभा स्पीकर जी, माननीय न्याय-विधि मंत्रालय कैबिनेट सेक्रेटरिएट, भारतीय विधिज्ञ परिषद/BAR COUNCIL OF INDIA, सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण मंत्रालय, भारत सरकार, सेक्शन ऑफिसर, PMO, सचिव, राष्ट्रिय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC), सामाजिक न्याय और अधिकारिता  मंत्रालय, भारत सरकार आदि आप जैसे मसीहा लोग इन जूनियर वकील साहब लोगो कि 24 बिन्दु कि दु:खद समस्या देशहित-जनहित मे मानवता के तहत समझने कि महान कृपा करके उसका उपाय/निस्तारण करने कि भी महान कृपा करिये*


*1---"जूनियर वकील" को देखते ही एक सूट बूट वाला परेशानी छिपाए मुस्कुराता हुआ इन्सान नज़र आता है...*


*2---कानून में "जूनियर वकील" नाम का कोई अस्तित्व नहीं है परन्तु-लेकिन ऐसे इन्सान भारत के सभी न्यायालय में पाए जाते हैं वकालत के पेशे में इनकी संख्या 88% के इर्द-गिर्द होती है...*


*3---अपने सीनियर से बिना गलती के डांट खाने वाला यह "जूनियर वकील" 12वीं कक्षा या स्नातक के बाद अनगिनत परीक्षाएं देकर उत्तीर्ण होता है...*


*4---वकालत की परीक्षा पास करने के बाद बार कौंसिल में पंजीकृत होने के लिए तथा एडवोकेट वेलफेयर फण्ड में हज़ारों रुपये जमा कराता है उसके बाद बार कौंसिल ऑफ इंडिया की परीक्षा भी पास करता है उक्त परीक्षा का फॉर्म भरने के लिए "जूनियर वकील साहब" को हज़ारों रुपये देने पड़ते हैं...*


*5---वह "जूनियर वकील" बेचारा तथा उसके माता-पिता अपने होनहार वकील बेटे पर इतना बड़ा निवेश करते है कि पूंछो मत परन्तु निवेश करने के बाद वकील बनते ही कमाई की अपेक्षा भी करने लग जाते हैं...*


*6---अब खोज शुरू होती है एक अदद "सीनियर वकील" की---जो काफी "नखरों-नजाकत" के बाद अपने साथ काम करने की अनुमति देता है जब कि अंदर-अंदर "'सीनियर वकील साहब"' को एक निःशुल्क कर्मचारी प्राप्त होने की मन में जबर्दस्त खुशी भी होती है...*


*7---"जूनियर वकील साहब" माता-पिता द्वारा मिले खर्चे से मोटर-साईकिल में पेट्रोल भरवा कर सूटेड बूटेड होकर व पहनकर न्यायालय की ओर बहुत ही शान से चलते है...*


*8--सुबह-सुबह पहले "'सीनियर वकील साहब"' के चैंबर में फाइलों का बस्ता और कई बार "सीनियर वकील साहब" को भी बस्ते के साथ मोटर-साईकिल पर बिठाकर कोर्ट ले जाना पड़ता है ऐसी परिस्थिति भी बन जाया करती है...*


*9---"सीनियर वकील साहब" डायरी के साथ "जूनियर वकील साहब" को न्यायालयों में दौड़ाते हैं कि जाओ फौरन भागो मामलों ऐमें तारीखें ले आओ तो वह "जूनियर वकील साहब" न्यायालय के "चपरासी-बाबू-पेशकार-जमादार और मजिस्ट्रेट/जज साहब" के हाँथ जोड़-जोड़कर तारीखें लाते हैं...फाइलें और डायरी लिए "सीनियर वकील साहब" के पीछे-पीछे दौड़ना भी प्रमुख काम होता है...*


*10---सभी काम सही करने के बावजूद भी जब-तक "सीनियर वकील साहब" लताड़ नहीं लगाएं तब-तक "सीनियर वकील साहब" का भोजन नहीं पचता है...घर से अपना स्वयं का लंच बॉक्स लाना होता है और कई बार चाय भी माता-पिता के द्वारा दिए गए खर्चे में से पीनी एवं सीनियर वकील साहब को पिलाना भी पड़ता है...*


*11---न्यायालय के तुरंत बाद "सीनियर वकील साहब" के चैम्बर में फिर से जाना होता है और कुछ बची हुई गालियां चैम्बर में भी खानी पड़ती है...रात के लगभग 10-11 बजे जूनियर वकील साहब को घर जाने के लिए छोड़ा जाता है...*


*12---"जूनियर वकील साहब" घर जाने पर चेहरे पर झूठी मुस्कान रखते हैं ताकि परिवार-जनों को चेहरे पर तनाव न दिखे---वह जूनियर वकील साहब बेचारा बनावटी रूप पेश करता है तथा दूसरे दिन सुबह जल्दी उठकर फिर से वही प्रक्रिया रोजाना के लिए अपनानी पड़ती है...*


*13---वर्षों तक "जूनियर-शिप" करने के बावजूद "सीनियर वकील साहब" कोई वेतन या मानदेय नहीं देते हैं...कमाई नहीं लाने के कारण घर-परिवार में ताने सुनने को मिलते हैं और "जूनियर वकील साहब" की पीड़ा सुनने या समझने की कोई कोशिश ही नहीं करता है...*


*14--"जूनियर-शिप" के दौरान "सीनियर वकील साहब" द्वारा कही गई गलत बातों का विरोध करने पर, चैंबर से निकालने की धमकी भी तुरंत दे दी जाती है...यही असली कहानी समस्त जूनियर वकील साहब लोगो का है*


*15--पढ़ाई पूरी होने के पश्चात वकालत करते-करते "जूनियर वकील साहब" की उम्र शादी लायक हो जाती है लेकिन "वकालत के पेशे" में आई गिरावट के कारण विवाह के अच्छे प्रस्ताव नहीं आ पाते हैं..."वकालत के पेशे" में आई गिरावट का कारण ""जूनियर वकील साहब'"' नहीं होकर "सीनियर वकील" ही होते हैं क्योंकि "जूनियर वकील" ने तो "वकालत शुरू" ही की होती है अतः गिरावट वाली कमाई, सीनियरों द्वारा अर्जित की गई होती है...*


*16---"जूनियर वकील साहब" के पास कानून समझने व देखने के लिए किताबें नहीं होती है अतः किसी सामान्यतः "सीनियर वकील साहब" के चैम्बर की किताबों पर निर्भर रहना पड़ता है...*


*17---सुबह जल्दी उठने से लेकर देर रात्रि तक की जाने वाली इस मजदूरी के कारण "जूनियर वकील साहब" के व्यक्तिगत संबंध समया-भाव के कारण चल बसते हैं...*


*18---"जूनियर वकील साहब" के कहने पर किसी मित्र का मुकदमा "सीनियर वकील साहब" फ्री में नहीं लड़ते हैं और साथ में यह ज्ञान भी पेल देते हैं कि वकालत के व्यवसाय में किसी का मामला फ्री में नहीं लड़ना चाहिए...*


*19---कोई मामला जब "जूनियर वकील साईहब" किसी "सीनियर वकील साहब" के पास लेकर जाते हैं तो "सीनियर वकील साहब" पक्षकार से पूर्ण फीस ले लेते हैं और "जूनियर वकील साहब" को इसके बदले कुछ भी नहीं मिलता है...सिवाय ताना के "वाह-वाह-वाह" इस घटिया पार्टी बहुजन हसरत पार्टी BHP को "'जूनियर वकील साहब"' के आर्थिक हालात पर बहुत ही तरस आ रहा है*


*20---न्यायालय के समक्ष पैरवी करते समय मजिस्ट्रेट या जज साहब ऐसे "जूनियर वकील साहब" को "'केवल बस केवल"' एक तारीखें लेने वाला वकील ही समझते हैं बाकी 75 % जूनियर वकील साहब कि औकात आजीवन ऐसी ही न के बराबर बनी रहती है इसलिए जज साहब आदि लोग उनको ज्यादा महत्व नहीं देते हैं...*


*21---समाज और न्यायालय में "जूनियर वकील" को वकील "साहब" तो कहा जाता है लेकिन "'जूनियर वकील साहब"' अपने मन में जानता है कि सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी भी हम जैसे "'जूनियर वकील साहब"' कमा नहीं पाते हैं...सुबह जल्दी उठकर रात तक किया जाने वाला काम बंधुआ मजदूरी समझकर यह जूनियर वकील साहब वर्षों तक करते रहते हैं और इसी को अपनी नियति समझ लेते हैं...*


*22---वकालत से आजीविका नहीं चलने पर आजीविका चलाने के लिए यदि वकालत के साथ कोई दूसरा काम कर लिया तो बार कौंसिल वकालत का लाइसेंस रद्द करने के लिए तैयार रहती है...*


*23---"सीनियर वकील साहब" की बंधुआ मजदूरी छोड़ देने पर "सीनियर वकील साहब" ऐसे "जूनियर वकील" को बदनाम करने में कोई कसर नहीं छोड़ते हैं क्योंकि अब वर्षों से उनकी बेगार निकालने वाला उनके चैंबर को छोड़कर जा रहा होता है...*


*24---जब-जब इस योग्य "जूनियर वकील" ने independent (स्वतन्त्र) होकर वकालत शुरू की है तब-तब हमेशा मन में यह मलाल रहता है कि इतने वर्ष तक बस्ते और डायरी उठाने की बजाय अगर अलग से वकालत की होती तो अब तक अच्छे वकील के रूप में स्थापित हो चुके होते..*


*इस प्रकार यह निरीह प्राणी "जूनियर वकील" वर्षों तक अपनी तकलीफ होठों की झूठी मुस्कान के नीचे दबाकर रखता है...Lockdown ने इन वकील साहब कि पीड़ा को अत्यधिक बढ़ा दिया है क्योंकि न सीनियर वकील साहब न सरकार और न ही बार-कौंसिल ही इनकी सुध ले रही है...केवल इनका मज़ाक बनाने के लिए नोटिफिकेशन जारी किये जा रहे हैं...*


*इसके साथ बहुजन हसरत पार्टी ने जो 3-3 संस्थाओ के जरिए अदालत मे 7/7 p.i.l और slp (c) कि थी उसका डिटेल नीचे है*


*A.... 5842 कि P.I.L 6.2.17 को दरगाह शरीफ शहीद बाबा इसराईल शाह जन कल्याण सेवा संस्था के नाम से दाखिल करी गयी जो 9.2.17 DROW कर दि गयी थी फिर एक साल बाद P.I.L NO. 2961 को फरवरी माह मे वापस दरगाह के नाम से फाइल दाखिल हुई तथा माननीय जज महोदय ने बहस सुनने के बाद "दिस इज ऐ नाँट मैन्टीनेबुल" करके दिनाँक 26/2/2018 खारिज कर दिया....जिसकी अपील सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली मे दिनाँक 21/5/2018 को करी गयी है जिसका केश नम्बर 30983 है डायरी नम्बर 20166 है वह भी दिनाँक 7/12/2018को माननीय सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी*


*B...10499 को P.I.L 6.3.2017 को संत रविदास एंव अंम्बेडकर जन कल्याण सेवा समीति के नाम से दाखिल करी गयी जो 9.3.2017 को खारिज कर दी गयी ..जिसकी अपील माननीय सुप्रीम कोर्ट मे दिनाँक 7/12/2017 को करी गयी जिसका केश नम्बर 002258/2017 तथा डायरी नम्बर 39989/2017  है वह भी दिनाँक 19/1/2018 को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी गयी*


*C... 3562 को P.I.L माह मई 2018 को मुस्लिम जन कल्याण सेवा समीति कि तरफ से दाखिल करी गयी जो दिनाँक 21/5/2018 को खारिज कर दि गयी ..जिसकी अपील माननीय सुप्रीम कोर्ट मे दिनाँक 30/7/2018 को करी गयी जिसका केश नम्बर SLP(C) 20769/2018 तथा डायरी नम्बर 27881/2018/ये है वह भी दिनाँक 13/08/2018 को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी गयी यह सब Date और डायरी नम्बर सहित है...*


*मंडल आयोग कि रिपोर्ट मे आर्टिशियन कास्ट शब्द अनेको बार आया हुआ है आर्टिशियन कास्ट का मतलब "कला और पेशा" ही तो होता है इसलिए 124 क्या हजारों वंचित कलाकार जाति पेशेवर जाति वाले लोगो का नाम संक्षेप मे नीचे दिया जा रहा है सरकार माने या न माने यह सरकार पर निर्भर है*


*1..चुड़ीहार (मनियार) चूड़िया बनाता है 2..मल्लाह निषाद मछलीहार मछली पकड़ता है 3..दर्जी-कपड़ा सिलता है 4..नाऊ-दाढ़ी बनाता है 5..धुनियाँ-रजाई/गद्दा धुनता है 6..डफाली-डफ़ली यानि शादी विवाह में बैंड-बाजा बजाता है 7.. लोनियाँ-ईट बनाता है*


*8..ठठेरा-बर्तन बनाता है 9..धोबी-कपड़ा धोता है 10..मिल्कमैन (यादव)-दूध वाला कहलाता है 11..चौरसिया-पान की पैदावार करता है 12..बढ़ई-कुर्सी मेज बनाता है  13..अंसारी-कपड़ा बुनता हैई 14..कुम्हार (प्रजापति) - मिट्टी का सामान बनाता है*


*15).कहार (गौड़)ईडोली उठता और शादी विवाह में  पानी भरता है..16).लोहार-लोहे का औजार बनाता है..17).सुनार-सोने का आभूषण बनाता है..18).धरिकार-(बंसफोड) बाँस का सारा सामान बनाता है..19).कोईरी-(मौर्य सैनीम कुशवाहा)-सब्जी की पैदावार करता है..20).राईन(कुंजड़ा)-सब्जी बेचता है..21).नोनियाँ-नमक बनाता है*


*22..तांबेर-तांबे का बर्तन बनाता है  23..हवाईदार-पटाखे बनाता है 24... सलमानी(तुर्किया नाऊ) बाल दाढ़ी काटता है  25...रंगरेज-छपाई का काम करता है  26..गुप्ता (भड़भूजा)-चना दाना भूँजते है 27..सिद्दीकी-तेल की पेराई करता है 28..ज्योतिष-भविष्य बताने वाला 29..शेख मेहतर हलालखोर  30..पाल गड़ेरिया धनगर का भेड़-बकरे आदि पालना होता है*


*इसके बाद आखिर क्यों माननीय अदालत मे "कलाकार जाति पेशेवर जाति" जैसा महान नया नाम बहुजन हसरत पार्टी BHP को देना पड़ा है जब कि पूरे देश मे सभी का "कला और पेशा" एक है चलो यह संक्षेप मे समझते है कि पूर्व भारत सरकार ने न जाने ऐसे कितने जातियों को गुमराह किया होगा देशहित-जनहित मे इसका अंदाजा आप सभी को भीमवादी-हसरत मोहानीवादी बनकर समझना होगा* 


*1...रजक-निर्मल-बरेठा-दिवाकर कन्नौजिया (धोबी भाई) यह UP में SC के श्रेणी में आते है तथा मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में OBC के श्रेणी में आते हैं जो समझ के बाहर है इसी षड्यंत्र के तहत वर्षो से ये मनुवादी सत्ता का सुख भोग रहे है इसलिए इन सबका एक उपाय ''कलाकार जाति-पेशेवर जाति'' तथा घुमंतू/आदिवासी जाति-जनजाति का कॉलम "स्वास्थ्य पहचान पत्र" पर जाति का कालम /2021 कि जनगणना फ़ॉर्म में निर्धारित किया जाय*


*2...विश्वकर्मा (लोहार भाई) यह UP में OBC के श्रेणी में आते है तथा बिहार हिमांचल प्रदेश और दिल्ली में शायद SC के श्रेणी में आते हैं जो सम के बाहर है इसी षड्यंत्र के तहत वर्षो से ये मनुवादी सत्ता का सुख भोग रहे है इसलिए इन सबका एक उपाय ''कलाकार जाति-पेशेवर जाति'' तथा घुमंतू/आदिवासी जाति-जनजाति का कॉलम "स्वास्थ्य पहचान पत्र" पर जाति का कालम /2021 कि जनगणना फ़ॉर्म में निर्धारित किया जाय*


*3...प्रजापति (कुम्हार भाई) यह UP में OBC के श्रेणी में आते है तथा मध्य प्रदेश में और बुंदेलखंड के कुछ 10 जिलों में SC के श्रेणी में आते हैं जो7h समझ के बाहर है इसी षड्यंत्र के तहत वर्षो से ये मनुवादी सत्ता का सुख भोग रहे है इसलिए इन सबका एक उपाय ''कलाकार जाति-पेशेवर जाति'' तथा घुमंतू/आदिवासी जाति-जनजाति का कॉलम "स्वास्थ्य पहचान पत्र" पर जाति का कॉलम तथा 2021 कि जनगणना फ़ॉर्म में निर्धारित किया जाय*


          *अत: माननीय महामहिम राष्ट्रपति महोदय जी प्रधानमंत्री महोदय व विधि मंत्रालय व लोकसभा स्पीकर व महामहिम-राष्ट्रपति महोदय जी, माननीय प्रधानमंत्री जी, माननीय केन्द्रीय चुनाव/निर्वाचन आयोग, आदरणीय लोकसभा स्पीकर जी, माननीय न्याय-विधि मंत्रालय कैबिनेट सेक्रेटरिएट, भारतीय विधिज्ञ परिषद/BAR COUNCIL OF INDIA, सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण मंत्रालय, भारत सरकार, सेक्शन ऑफिसर, PMO, सचिव, राष्ट्रिय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC), सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार आदि लोगो से बहुजन हसरत पार्टी BHP "देशहित-जनहित" मे भीमवादी-हसरत मोहानीवादी बनकर नत-मस्तक होकर विषय/अपील 1 लगायत 12 के साथ-साथ अपील नंबर 1 लगायत 5 बिन्दुवार निवेदन/अपील क्रम संख्या सहित देशहित-जनहित मे पेश करती है लिखने में कोई अपराध व गलती हो गई हो तो देशहित-जनहित में माफ व क्षमा करने कि अति-महान कृपा करिये*


*अपील नम्बर 1:--अत: इन सर्व समाज के सभी पेशेवर "जूनियर वकील साहब" को कम से कम 5-से 8 लाख रुपए 0% ब्याज दर पर कर्ज-ऋण के रूप मे प्रधानमंत्री राहत-कोष से दिया जाय तथा वह 5-से-8 लाख रूपए को 5-वर्ष बाद ही किश्त के तौर पर वसूलने का नियम बनाकर लागू करने कि कृपा करिये जिससे आप सभी कि दया पर समस्त देश के सर्व समाज के "जूनियर वकील साहब" को 5-से-8 लाख पाकर पूरे पाँच साल मे अपनी-अपनी माली-आर्थिक हालात को फौरन दुरूस्त करने का मौका मिल सके इसीलिये आप अपने स्तर से सबका उद्धार करने कि महान कृपा करिये अपील-माँग-निवेदन लिखने मे कोई अपराध व गलती हो गयी हो तो देशहित-जनहित मे आप सभी माफ करना* 


*अपील नम्बर 2:--अत: इसके बाद सुप्रीम कोर्ट तथा देश के सभी राज्यो में हर राज्यों कि स्थानीय भाषाओं मे भी पेटिशन आदि दाखिल करने के साथ-साथ अपनी-अपनी भाषाओं में अपनी बात रखकर बहस करना अनिवार्य किया जाये उसके लिये सरकार कोर्ट में द्विभाषी/ट्रांसलेटर कि नियुक्तियाँ करे तथा उसके बाद दो साल के लिए "जूनियर वकीलो" को ट्रैवलिंग अलौन्स के साथ सम्मान जनक मानधन पर अदालती काम-काज मे लगावे जिससे अदालत को कानून का सही जानकार कर्मचारी उपलब्ध हो सके और "जूनियर वकील" भी कोर्ट में चलने लायक बन सके तथा वास्तविक तौर पर कानून कि प्रक्रिया उन सभी के समझ में आ जावे जो खुशहाल लोकतंत्र/संविधान कि खुश्बू व खूबसूरती कि यही निशानी है कृपया इन सबका उद्धार करने कि अति-महान कृपा करिये जिससे आप लोगो द्वारा सभी का उपकार हो सके *अपील-माँग-निवेदन लिखने मे कोई अपराध व गलती हो गयी हो तो देशहित-जनहित मे आप सभी माफ करना* 

 

*अपील नम्बर 3:---अत: माननीय महोदय इसके बाद "कला और पेशा" मे बँटी वंचित हजारों कलाकार जाति पेशेवर जाति वाले लोगो को "देशहित-जनहित" मे बहुजन हसरत पार्टी BHP ने दिनाँक 28/5/2017 से लेकर 4/4/2021 तक जो SPEED POST व रजिस्ट्री भेजकर माँग-अपील-निवेदन कर चुकी है उसे देशहित-जनहित मे अपने संज्ञान मे लेते हुऐ जिस तरह P.M साहब आदि सहित सभी ज्ञानी लोगो ने 3-तलाक कि भाँति कानून बनाये हो 10% गरीब सवर्ण भाईयों के आरक्षण दिये हो व कश्मीर से धारा 370 व 35-A हटाकर कानून बनाये हो और इन सभी लोगो का भला किये हो ठीक उसी तरह सदियों से "सर्व-समाज" कि "सेवा और खिदमत" करते चली आ रही है इन "कला और पेशा'' मे बँटी वंचित हजारों "कलाकार जाति पेशेवर जाति"' के लोगों के उद्धार के लिऐ SC ST भाईयो कि तरह "'सेवा और खिदमत"' के नाम पर राजनैतिक आरक्षण देने हेतु कानून बनाकर या कानून मे संशोधन करके इन "'कला और पेशा"' मे बँटी वंचित हजारो "'कलाकार जाति पेशेवर जाति"' वाले लोगो का कल्याण करने कि महान कृपा कीजिए----काश-काश-काश:--आज भीमवादी दलित शेरनी बहन मायावती जी इस महान पद पर विराजमान होती....तो तो तो....देशहित-जनहित मे अवश्य फौरन "'अधिवक्ता-आयोग"' का गठन कर दी होती तथा इन "कला और पेशा" मे बँटी वंचित हजारो "कलाकार जाति पेशेवर जाति" वाले लोगो को जो सदियों से "सर्व-समाज" कि ""सेवा और खिदमत"" करते चली आ रही है उनको SC ST भाईयो कि तरह "सेवा और खिदमत" के नाम पर "राजनैतिक-आरक्षण" 101% दे दी होती और आज देश के इन "कला और पेशा" मे वंचित हजारों "कलाकार जाति पेशेवर जाति" वाले 96% OBC भाईयों को SC ST भाईयों कि तरह "सेवा और खिदमत" के नाम पर "राजनैतिक-आरक्षण" मिल गया होता परन्तु पता नही P.M साहब जी आप सहित सभी ज्ञानी लोग इन "कलाकार जाति पेशेवर जाति" वाले लोगो को देशहित-जनहित मे SC ST भाईयो कि "सेवा और खिदमत" के नाम पर राजनैतिक-आरक्षण कब देने कि महान कृपा करोगे तथा सीनियर/जूनियर वकील साहब-गण के तमाम दुख-दर्द दूर करने के लिए "अधिवक्ता-आयोग" का गठन कब तक करने कि कृपा करोगे:---अपील-माँग-निवेदन लिखने मे कोई अपराध व गलती हो गयी हो तो देशहित-जनहित मे आप सभी माफ करना* 


*4--अपील नम्बर:--अत: माननीय महोदय मंडल आयोग कि रिपोर्ट मे आर्टिशियन कास्ट शब्द अनेको बार आया हुआ है आर्टिशियन कास्ट का मतलब "कला और पेशा" ही तो होता है यदि 27% मंडल आयोग इन 3743 OBC वाले लोगो पर "राजनैतिक-आरक्षण" के तौर पे लागू हो गया होता तो 543 लोकसभा मे जिस तरह 133 साँसद SC ST भाईयो के है ठीक उसी तरह 27% मंडल-आयोग के सुविधा के मुताबिक 543 लोकसभा कि सीट मे लगभग 147-साँसद OBC/पिछड़े भाईयो के होते परन्तु 27% मंडल आयोग कि सुविधा को राजनैतिक-आरक्षण के तौर पर लागू नही किया गया इसलिए बहुजन व कामगार-मजदूर-श्रमिक को ही अदालत मे अपील करके देशहित-जनहित मे बहुजन हसरत पार्टी BHP द्वारा महान नया नाम कलाकार जाति पेशेवर जाति दिया गया है क्योंकि देश आजाद होने के बाद और आजाद होने के पहले इन 3743 OBC जाति व समाज के लोगो को सिर्फ बस सिर्फ ठगा गया है इसलिए कलाकार जाति पेशेवर जाति जैसा नाम नया नही है क्योंकि "कला और पेशा" मे बँटी वंचित हजारो कलाकार जाति पेशेवर जाति सदियों से सर्व समाज कि "सेवा और खिदमत" करती चली आ रही है यदि 7/7 P.I.L और SLP (C) मे माननीय अदालत ने केंद्र सरकार को इन "कला और पेशा" मे बँटी वंचित हजारो कलाकार जाति पेशेवर जाति वाले लोगो के उद्धार हेतु SC ST भाईयो कि तरह "सेवा और खिदमत" के नाम राजनैतिक-आरक्षण देने हेतु कानून बनाने या संशोधन करने के लिए कोई डायरेक्शन केन्द्र सरकार को दे दि होती तो BSP के जन्मदाता मान्यवर काँशीराम साहब के जन्मदिन 15/3/2017 को बहुजन हसरत पार्टी का उदय कदापि न होता महोदय प्रत्येक बिन्दु पर अपनी दया दिखाने कि महान कृपा करिये जब आप कला और पेशा मे बँटी वंचित हजारो कलाकार जाति पेशेवर जाति वाले लोगो का उद्धार-विकास नही करोगे तो इनका भला कौन करेगा अपील-माँग-निवेदन लिखने मे कोई अपराध व गलती हो गयी हो तो देशहित-जनहित मे आप सभी माफ करना*

 

*अपील नम्बर 5:--अत: माननीय महोदय ये "कला और पेशा'' मे बँटी वंचित हजारो "'कलाकार जाति पेशेवर जाति"' वाले लोग जो "हिन्दू+मुस्लिम" दोनों समुदायो मे पाये जाते है जिनकी जनसँख्या पूरे देश मे 50% के इर्द-गिर्द है जो सब के सब 96% OBC कि श्रेणी मे आते है इन सभी का भला और उद्धार करिये आपकी महान कृपा होगी विषय/अपील वाली प्रत्येक सभी 12 बिन्दुओ पर अपनी दया दिखाते हुए सभी 12 बिन्दुओ कि अपील/माँग पूरा करने कि महान कृपा करिये तथा EVM कि बजाय बैलेट-पेपर से चुनाव हो क्योंकि यदि बहुजन हसरत पार्टी कि यदि सभी माँगे पूरी हो गयी तो बहुजन हसरत पार्टी क्या देश कि सभी पार्टियाँ खुशी-खुशी अपना विलय "BJP BJP BJP" मे अति-शीघ्र करने पर बाध्य हो जायेगी क्योंकि जब बहुजन हसरत पार्टी द्वारा सभी जायज माँगे पूरी हो जायेगी तो बहुजन हसरत पार्टी को राजनीति से कोई सरोकार नही रहेगा अपील-माँग-निवेदन लिखने मे कोई अपराध व गलती हो गयी हो तो देशहित-जनहित मे आप सभी माफ करना*

*4/8/21--9819316944*


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