देश की आजादी की 75 वीं वर्षगांठ पर सत्ता, शासन, और प्रशासन पर कई सवालिया निशान खड़े हुए हैं, आखिर क्यों?

 देश की आजादी की 75 वीं वर्षगांठ पर सत्ता, शासन, और प्रशासन पर कई सवालिया निशान खड़े हुए हैं, आखिर क्यों?


बेताब समाचार एक्सप्रेस के लिए मुस्तकीम मंसूरी की रिपोर्ट।




जिला अधिकारी औरैया


15 अगस्त देश में 75 वें स्वतंत्रता दिवस के रूप में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मनाया गया, और आगे भी मनाया जाता रहेगा, परंतु इस बार स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सत्ता शासन और प्रशासन में जिस तरह की अज्ञानता दिखाई दी, वह सारे देश के लिए शर्मसार करने वाली बात है। जो सत्ता में बैठे लोगों और उनके द्वारा प्रशासनिक सिस्टम को चलाने में उनकी योग्यता पर कई सवाल खड़े करती हैं। जैसे कि औरैया के जिलाधिकारी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उल्टा झंडा फहरा कर राष्ट ध्वज का जो अपमान किया है उससे जिला अधिकारी की योग्यता पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं, वहीं दूसरी घटना मुरादाबाद से समाजवादी पार्टी के सांसद डॉ एस टी हसन एमबीबीएस एमडी द्वारा ध्वजारोहण के अवसर पर पूरा राष्ट्रगान याद ना होना भी राष्ट्रगान का अपमान है, अगर सपा सांसद डॉक्टर एसटी हसन जो कि एमबीबीएस एमडी है, उनको राष्ट्रगान याद ना होना भी सांसद की योग्यता पर कई सवाल खड़े करता है। इसी क्रम में तीसरी घटना जनपद बरेली के बेसिक शिक्षा अधिकारी बीएसए द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में स्वतंत्रता दिवस की जगह गणतंत्र दिवस लिखवाना भी बीएससी की योग्यता पर कई सवाल खड़े करता है, गौरतलब है की जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बीएसए जिनके अधीन पूरे जिले के शिक्षण संस्थान आते हैं, और वह इस तरह की गलती करें तो यह उनकी अज्ञानता नहीं तो और क्या है। इसी क्रम में सबको पीछे छोड़ते हुए सत्ताधारी भाजपा के एक कार्यालय पर राष्ट्रीय ध्वज के ऊपर भाजपा का झंडा लगा होना भी राष्ट्रीय ध्वज का अपमान माना जाता है।

आपको बताते चलें इस बार स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिला अधिकारी जो जिले का मुखिया होता है, उसका उल्टा राष्ट्र ध्वज फहराना, वर्तमान लोकसभा में सपा सांसद का राष्ट्र गान ना पढ़ पाना, वही बीएसए द्वारा स्वतंत्रता दिवस को गणतंत्र दिवस लिखवाना यह इस देश का दुर्भाग्य नहीं तो और क्या है, इन सब से कहीं आगे बढ़कर सत्ताधारी पार्टी का झंडा देश के राष्ट्रीय ध्वज के ऊपर लगाना भी राष्ट्र का अपमान नहीं तो और क्या है? निम्नलिखित सभी घटनाओं से जहां राष्ट के सम्मान को ठेस पहुंची है, वही स्वतंत्रता दिवस कि 75 वीं वर्षगांठ पर राष्ट्रध्वज के साथ ही हमारे देश का अपमान भी हुआ है, आखिर क्यों?

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