600000 करोड रुपए के लिए बेची जा रही है देश की संपत्तियां


 संत कबीर के दोहे से शुरुआत करते हैं


 बिना विचारे जो करे सो पाछे

 पछताए काम बिगाड़ेआपनो 

जग में होत हंसाय जग में होत हंसाय 

चित में चैन न पावे खानपान सब राग

 रंग कछु मन नहीं भावे


 अज्ञानता और जागरूकता दोनों में जमीन आसमान का फर्क है

बुद्धिहीन इंसान अक्ल के पीछे लट्ठ लेकर दौड़ रहा है मानवतावादी इंसान अपने आप को धिक्कार कर ऊपर वाले को दोषी मान रहा है

शातिर दिमाग वाला पावर या पूंजी बढ़ाने के लिए अपनी जाति बदलना या बड़े से बड़े झूठ को सच्चाई मैं परिवर्तित कर  सच्चाई उजागर करने वाले को अपराधी देशद्रोही साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ता

कुश्ती के मैदान में बनिया और पहलवान  बनिया को लगा कि हारने वाला है तो पहलवान के कान में कहा मुझे जीतने दे 15 लाख दूंगा पहलवान की हालत खस्ता थी लालच में कुश्ती हार गया व्यापारी चैंपियन बन गया  पहलवान याद दिलाता है वादे की व्यापारी ने कहा पहलवान  तुम अपना दांवपेच सही से नहीं चला पाए और हार गए पैसा मांगना निष्क्रिय शब्द है तथा बनिया ने बहुत सारे रूप बदले संस्कृति बदली  चाय बेची आलू से सोना बनाने वाली मशीन राहुल गांधी को सौंप दी जाने अनजाने में विरोधी लोग बार-बार राहुल गांधी को बताते हैं कि सोना कब बनेगा अब मानव संवेदना बेची जा रही है तो वोटर की जिम्मेदारी बनती है अपने दांवपेच  चलाने पर धोखा ना खाए 

मोदी सरकार में लगातार सरकारी संपत्तियों को बेचा जा रहा है लाल किले को सबसे पहले बेच दिया था नोटबंदी जीएसटी लॉकडाउन  ने देश की आर्थिक व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया

 5.96 लाख करोड़ रुपये में निम्नलिखित चीजें बेची जा रही है

25 हवाईअड्डे 26,700 किलोमीटर राजमार्ग 6 गीगावॉट क्षमता के पनबिजली और सौर बिजली संयंत्र कोयला खदान की 160 परियोजनाएं 8,154 किलोमीटर प्राकृतिक गैस पाइपलाइन 2.86 लाख किलोमीटर टेलीकॉम फाइबर 14,917 टेलीकॉम टॉवर 210 लाख मीट्रिक टन क्षमता के तमाम गोदाम 400 रेलवे स्टेशन और भी कई सरकारी  संपत्तियां और जमीनें बेची तथा सरकारी संस्थाओं व शहरों के नाम बदले जा रहे हैं किसी एक संस्था या शहर का नाम बदलने पर  500 करोड रुपए से भी ज्यादा खर्च होता है

खासकर एयरपोर्ट, नैशनल हाइवे, गैस पाइपलाइन, फाइबर और गोदाम  हजारों की संख्या में शोध संस्थान, विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज हैं, लाखों की संख्या में डिग्री कॉलेज हैं, लाखों प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक विद्यालय हैं इसी तरह होता रहा तो आपके मोहल्ले और गलियां  जिनमें सड़कें  व पार्क पहले की सरकारों ने बनवाए हैं, बिकनेे के बाद वहां भी एक टोल प्लाजा बन जाएगा और आप अपने घर में तभी घुस पाएंगे जब किसी गुंडे को टोल भुगतान करेंगे

यह सब रोकने की जिम्मेदारी एससी एसटी ओबीसी की ही नहीं है बल्कि 50% सीटें अनारक्षित हैं तो अपर कास्ट को भी भांग का नशा उतारना पड़ेगा  प्राइवेट कंपनियों में सवर्ण लोग बाबू बनेंगे तो उन्हें 8,000 रुपये महीने सेलरी पर काम करना पड़ेगा और सेठ जब चाहेगा पिछवाड़े  पर जोरदार लात मारकर निकाल देगा। तमाम आरक्षण के बावजूद अभी सरकारी संस्थानों में 80 प्रतिशत कब्जा सवर्ण का ही बना हुआ है

सरकार देश बेच रही है इसलिए देसी व विदेशी दोनों तरह के सेठों द्वारा मोदी सरकार लगातार बिक रही है जो अंग्रेजी शासन की यादों को ताजा कर रही है इसलिए एससी एसटी ओबीसी अपर कास्ट सभी की जिम्मेदारी विरोध करने की बनती है 2024 के बाद बीजेपी की सत्ता आने पर शौचालयों को भी किसी कंपनी को बेच दिया जाएगा शायद देश में सभी वस्तुओं पर कर देना ही होगा तथा विरोध करने पर पुलिस के डंडे जेल की हवा खानी पड़ेगी 

अभी नहीं जागे तो कभी नहीं जाग पाओगे सर्प निकलने के बाद क्या लकीर पर ही लठ बजाओगे

जय जवान जय किसान एकता जागरूकता देश की अखंडता महान जय हिंद


 चौधरी शौकत अली चेची

    प्रदेश अध्यक्ष 

भारतीय किसान यूनियन बलराज

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