जब तक पूर्व सैनिक सरदार रेशम सिंह को न्याय नहीं मिल जाता और दोषियों को सजा, तब तक हमारी संस्था पैनी नजर न्याय के लिए संघर्ष करती रहेगी - एड. सुनीता गंगवार



 





बेताब समाचार एक्सप्रेस के लिए बरेली से मुस्तकीम मंसूरी की रिपोर्ट

पूरनपुर पुलिस द्वारा किए गए जघन्य अपराध जिसमें बर्बरता की सारी सीमाएं पार करते हुए इंसानियत को किया शर्मसार।

एसपी पीलीभीत जब खड़े हैं, बचाव में दोषी पुलिसकर्मियों के साथ तो पीड़ित को कैसे मिलेगा इंसाफ

बरेली 21 जून, पैनी नजर सामाजिक संस्था की अध्यक्ष एड. सुनीता गंगवार पूर्व फौजी सरदार रेशम सिंह को न्याय दिलाने के लिए उस समय सामने आई जब रेशम सिंह की मदद के लिए उनके जनपद के सांसद और विधायकों ने रेशम सिंह की मदद की जरूरत नहीं समझी। क्योंकि मामला पुलिस और रेशम सिंह के बीच का था। जिसमें रेशम सिंह पीड़ित था, और दोषी थी पूरनपुर की पुलिस, और जनप्रतिनिधि मौन थे, जिले के कद्दावर नेता पुलिस से पंगा नहीं लेना चाहते हैं। अब सवाल यह उठता है, पीड़ित पूर्व फौजी सरदार रेशम सिंह की मदद करने पुलिस के सामने कौन आए, ऐसे में सरदार रेशम सिंह के सामने उम्मीद की किरण अगर कोई थी तो वह पैनी नजर सामाजिक संस्था की अध्यक्ष एडवोकेट सुनीता गंगवार ही थी,

पीड़ित सरदार रेशम सिंह पूर्व फौजी ने एडवोकेट सुनीता गंगवार से संपर्क कर पुलिस द्वारा किए गए जघन्य अपराध जिसमें बर्बरता की सारी सीमाएं पार करते हुए इंसानियत को शर्मसार किया था। पूरी घटना से एडवोकेट सुनीता गंगवार को अवगत कराते हुए न्याय दिलाने की गुहार लगाई,

जिस पर पैनी नजर, संस्था की अध्यक्ष एडवोकेट सुनीता गंगवार ने कहा हम आप को न्याय दिलाने की लड़ाई आपके जनपद से शुरू करके बरेली जनपद होते हुए लखनऊ और दिल्ली तक लड़ेंगे जब तक दोषी पुलिसकर्मियों को उनके द्वारा किए गए जघन्य अपराध जिसमें बर्बरता की सारी सीमाएं पार करते हुए मानवता को शर्मसार किया है, जब तक दोषी पुलिसकर्मियों को सजा दिलाकर सरदार रेशम सिंह को न्याय ना मिल जाए तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा।

संस्था अध्यक्ष एडवोकेट सुनीता गंगवार द्वारा एसपी ऑफिस पीलीभीत धरने में एसपी पीलीभीत के पक्षपात पूर्ण रवैया को देखकर सुनीता गंगवार ने घोषणा की थी। कि 21 जून तक रेशम सिंह को अगर न्याय नहीं मिला तो हम बरेली मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ जाएंगे, और जब तक सरदार रेशम सिंह के साथ किए गए जघन्य अपराध में शामिल दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ पुलिस के उच्चअधिकारी पुलिस द्वारा किए गए अपराध से संबंधित धाराओं में मुकदमा लिख कर जेल नहीं भेजते, तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा। और न्याय की लड़ाई इंसाफ की हद तक लड़ी जाएगी।

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