देश का लोकतंत्र एक दुर्भाग्यपूर्ण दौर से गुजर रहा है, वर्तमान समय की राजनीति में जनहित में आवाज उठाना सबसे कठिन कार्य हो गया है। हेमराज वर्मा पूर्व मंत्री

 देश का लोकतंत्र एक दुर्भाग्यपूर्ण दौर से गुजर रहा है, वर्तमान समय की राजनीति में जनहित में आवाज उठाना सबसे कठिन कार्य हो गया है। हेमराज वर्मा पूर्व मंत्री




बेताब समाचार एक्सप्रेस के लिए पीलीभीत से मुस्तकीम मंसूरी की रिपोर्ट


उत्तर प्रदेश सरकार के इशारे पर जिला प्रशासन में बैठे अधिकारी राजनीतिक षड्यंत्र रच कर भय का वातावरण पैदा कर रहे हैं।


 जनपद पीलीभीत में किसी सपा नेता की हत्या होती है या कोई अप्रिय घटना घटती है तो उसके लिए शासन और प्रशासन पूरी तरह जिम्मेदार होगा।

पीलीभीत 3 मई, सपा नेता पूर्व राज्य मंत्री हेमराज वर्मा के शस्त्र लाइसेंस प्रशासन द्वारा निरस्त किए जाने पर सपाइयों में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है। प्रशासन की इस कार्रवाई से नाराज पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा ने कहा देश का लोकतंत्र एक दुर्भाग्यपूर्ण दौर से गुजर रहा है। वर्तमान समय की राजनीति में जनहित में आवाज उठाना सबसे कठिन कार्य हो गया है। पूर्व मंत्री ने कहा आज जब कोई जनता के हक के लिए संघर्ष कर रहा हो तो उसे अपराधिक गतिविधियों में संलिप्त माना जा रहा है। गरीबों, मजदूरों के ऊपर हो रहे अन्याय के खिलाफ शासन और प्रशासन पर सवाल खड़े करना दुस्साहसिक प्रवृत्ति माना जा रहा है। पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा ने कहा वर्तमान की भाजपा सरकार द्वारा देश की जनता पर जबरन थोपे गए काले कृषि कानूनों के खिलाफ धरना प्रदर्शन आंदोलन करने का मतलब शासन प्रशासन के कोपभाजन का शिकार होना है। और यह हर स्तर पर प्रताड़ना से प्रताड़ित करेंगे, जिसका कोई स्तर नहीं होगा। पूर्व मंत्री ने कहा इस सरकार को आंदोलन से इतनी नफरत हो गई है। जैसे यह शब्द सुनते हैं, वैसे ही आंदोलनकारियों के ऊपर झूठे मुकदमे दर्ज करना, गिरफ्तार करना, घर में नजरबंद करना, जेल भेजना, इनका राष्ट्रीय चरित्र बन चुका है। उन्होंने कहा वर्तमान की सत्ताधारी भाजपा सरकार द्वारा प्रशासनिक अमले का इतना दुरुपयोग कभी पिछली सरकारों में नहीं देखा गया। आज विपक्ष के नेताओं और जनप्रतिनिधियों के ऊपर झूठे मुकदमों की फैरिसत इतनी लंबी है। जिसका अंदाजा लगाना किसी आम इंसान के बस की बात नहीं।

सपा जिला अध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा ने कहा आज हालात इस कदर बद से बदतर हो चुके हैं, कि आज आपके अपने बीच के एक लोकप्रिय जनप्रतिनिधि जिसने अपना सामाजिक राजनीतिक जीवन देश की सबसे छोटी वह महत्वपूर्ण, लोकतांत्रिक, इकाई ग्राम पंचायत से ग्राम प्रधान पद से अपना सफर शुरू किया। और प्रदेश के सदन तक पहुंचा जो पूर्व में विधायक व उत्तर प्रदेश की पिछली सरकार में राज मंत्री तक रहा। वर्ष 2019 में पीलीभीत लोक सभा से चुनाव लड़ा उस लोकसभा क्षेत्र के लोगों ने साढ़े चार लाख वोट देकर अपना अटूट विश्वास जताया। ऐसे जनप्रिय व्यक्ति को समाज के लिए खतरा बताकर पीलीभीत का जिला प्रशासन झूठे मुकदमे के तहत शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की कवायद में जुटा हुआ है। जिसके लिए जिला मजिस्ट्रेट द्वारा बा कायदा कारण बताओ नोटिस भेजा है। और जिस में तत्काल प्रभाव से शस्त्र का लाइसेंस सस्पेंड करने व निरस्त करने के संबंध में 15 दिन के भीतर नोटिस का जवाब मांगा है। एक ऐसे जनप्रिय शख्स के खिलाफ जिसके 21 साल के राजनीतिक सफर में अब तक किसी भी तरह का अपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। लेकिन पिछले 6 से 8 महीने में जब से देश में कृषि के तीनों काले कानूनों के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन शुरू हुआ है। तब से कई अलोकतांत्रिक तरीके से राजनीतिक मुकदमे दर्ज किए गए हैं। कई बार घर में नजरबंद किया गया, और गिरफ्तार भी किया गया।

सपा जिला महासचिव युसूफ कादरी ने कहा पीलीभीत जिले में कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों की लड़ाई सबसे मजबूती से सपा द्वारा लड़ने से बौखलाई भाजपा सरकार सपा की लोकप्रियता हजम नहीं कर पा रही है। यही कारण है सपा की बढ़ती लोकप्रियता से और खौफ कर यह अनैतिक कदम उठाने के लिए मजबूर है। जिसका नतीजा है, पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा के झूठे मुकदमे पुलिस प्रशासन द्वारा लिखकर शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने का कार्य किया जा रहा है। युसूफ कादरी ने कहा सपा नेताओं के खिलाफ शासन के इशारे पर प्रशासन षड्यंत्र रच कर झूठे और फर्जी मुकदमों के आधार पर पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा के शस्त्र लाइसेंस को निरस्त करके उन्हें सुरक्षा विहीन करना चाहता है। उन्होंने कहा अगर जनपद में किसी सपा के बड़े नेता की हत्या होती है, या भविष्य में कोई अप्रिय घटना घटती है, तो उसके लिए पीलीभीत जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार जिम्मेदार होगी।

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