क्यों मुस्लिम नेताओं को अपनी नेतृत्व क्षमता से नेताजी मुलायम सिंह यादव की तरह संतुष्ट नहीं कर पा रहे हैं सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव?



 क्यों मुस्लिम नेताओं को अपनी नेतृत्व क्षमता से नेताजी मुलायम सिंह यादव की तरह संतुष्ट नहीं कर पा रहे हैं सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव?


बेताब समाचार एक्सप्रेस के लिए बरेली से मुस्तकीम मंसूरी की खास रिपोर्ट।


मुलायम सिंह के जमाने से सपा की मजबूत कद्दावर नेत्री नाहिद सुल्ताना ने सपा छोड़ कांग्रेस का पकड़ा दामन आखिर क्यों?


विरासत में मिली सियासत और सत्ता को क्या संभालने में सक्षम नहीं है, अखिलेश यादव?


बरेली 23 मार्च नेताजी मुलायम सिंह यादव के समय से सपा में सक्रिय भूमिका निभाने वाली सपा नेत्री नाहिदा सुल्तान ने सपा छोड़कर कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करते हुए कहा की जब तक सपा की कमान नेताजी मुलायम सिंह यादव के हाथ में रही सपा में हर छोटे बड़े कार्यकर्ताओं को पूरा मान सम्मान मिलता था। जो अखिलेश यादव के दौर में नहीं मिल पा रहा है। जिसकी वजह से सपा का परंपरागत वोट भाजपा में चला गया। और अब मुसलमान भी धीरे-धीरे सपा से अलग होकर लगातार कांग्रेस से जुड़ रहा है।

नाहिद सुल्ताना ने कहा सत्ता और सियासत अखिलेश यादव को विरासत में मिली है। जिस को संभालने में वह पूरी तरीके से नाकाम साबित हुए हैं। यही कारण है। उनके मुख्यमंत्री बनते ही यादव समाज ने उनको अपना नेता मानने से इनकार कर दिया और उनके ही परिवार में उनके चाचा शिवपाल यादव ने उनके नेतृत्व को स्वीकार ना करके अपनी अलग पार्टी बना कर सपा को समाप्त करने का जो संकल्प लिया था। वह अब पूरा होता  नजर आ रहा है। उन्होंने कहा जिसका उदाहरण आपके सामने है। सपा के कद्दावर नेता मोहम्मद आजम खान और उनका परिवार 1 साल से शासन और प्रशासन का उत्पीड़न झेल कर जेल में बंद रहा, और अखिलेश यादव मायावती की तरह टि्वटर टि्वटर खेलते रहे। जिसको लेकर मुसलमानों में जबरदस्त नाराजगी बढ़ती गई, और मुसलमानों का मोह सपा और अखिलेश यादव से भंग होता जा रहा है। और मुसलमान सोनिया गांधी, राहुल गांधी, और प्रियंका गांधी की नेतृत्व क्षमता और संघर्ष को देखकर कांग्रेस से जुड़ने लगा है।

नाहिद सुल्ताना ने कहा सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव लगातार अखबारों में यह बयान दे रहे हैं। कि 2022 के चुनाव में समाजवादी पार्टी छोटे-छोटे दलों को साथ लेकर चुनाव में जाएगी। यह इस बात का संकेत है। कि सपा की ताकत उत्तर प्रदेश में कम हो रही है। क्योंकि यादव भाजपा के साथ चला गया है। और प्रदेश का मुस्लिम आजम खान की वजह से अखिलेश यादव से नाराज है। उन्होंने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा जिस तरह मुलायम सिंह यादव सड़क से लेकर संसद तक जनहित के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाते थे। वह गुण अखिलेश यादव में दूर दूर तक नजर नहीं आते।

नाहिद सुल्ताना ने कहा आज देश का किसान लंबे समय से आंदोलन कर रहा है। प्रदेश में कमरतोड़ महंगाई, डीजल, पेट्रोल और गैस की बढ़ती हुई कीमतों, बदहाल कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार के खिलाफ  कांग्रेस पार्टी और उसके नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू से लेकर कांग्रेसका एक एक कार्यकर्ता लगातार संघर्ष कर रहा हैं। उन्होंने सवाल करते हुए कहा जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार होती थी। तब भाजपा के नेता कुर्ता फाड़ आंदोलन करते थे। धरना, प्रदर्शन, और रोड जाम करते थे। तब सपा के लोग भाजपा की सुर में सुर मिलाते हुए कांग्रेस के खिलाफ सड़कों पर दिखते थे। परंतु आज भाजपा की सरकार केंद्र व प्रदेश में है। तो सपा कार्यकर्ता भाजपा के खिलाफ आंदोलन क्यों नहीं कर रहे हैं? इस पर उत्तर प्रदेश की जनता को गौर करना पड़ेगा।

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