मदरसा मंज़रे इस्लाम, दरगाह-ए-आलाहज़रत में मिशन शक्ति के अन्तर्गत महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंवन के लिए गोष्ठियों का सफल आयोजन।*



 *बरेली से जावेद  खान की रिपोर्ट*


*मदरसा मंज़रे इस्लाम, दरगाह-ए-आलाहज़रत में मिशन शक्ति के अन्तर्गत महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंवन के लिए गोष्ठियों का सफल आयोजन।*

अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के बैनर तले उत्तर प्रदेश शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले विशेष अभियान ‘‘मिशन शक्ति’’ के अन्तर्गत जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी जनाब जगमोहन सिंह के नेतृत्व तथा हज़रत मौलाना मोहम्मद सुब्हान रज़ा खाँ (सुब्हानी मियाँ) साहब प्रबन्धक मदरसा मंज़रे इस्लाम की सरपरस्ती में एक सफल अभियान चलाया जा रहा है। फरवरी 2021 के अन्तिम सप्ताह में कार्ययोजना अनुसार विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम तथा गोष्ठियों का आयोजन कर एक विशेष अभियान चलाया गया जिसमें महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान तथा स्वावलंवन पर मदरसा शिक्षकों एवं बुद्धजीवियों द्वारा विशेष प्रकाश डाला गया और इस क्षेत्र में महिलओं के भीतर जागरूकता पैदा करने का प्रयास किया गया। इस संबन्ध में सेल्फ डिफेंस के अन्तर्गत आत्म रक्षा उपायों पर आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में मुफ्ती मोहम्मद सलीम नूरी ने प्रकाश डालते हुए महिलाओं को बताया कि हमारा मज़हब, हमारा      संविधान और हमारी हुकूमत हमें प्रेरित करती है कि महिलाएँ और बालिकाएँ अपनी सुरक्षा और आत्म रक्षा हेतु प्रभावी तरीके सीखे, अपने अन्दर से भय की भावना को निकालें, अपनी सुरक्षा के लिए अपने अंदर समाज में ब्याप्त बुराईयों तथा कुरीतियों से लड़ने और जुल्म के खिलाफ आवाज़ बुलंद करने का जज़्बा पैदा करें। न खुद किसी पर जुल्म करें और न अपने ऊपर किसी को जुल्म करने दें। इस संबन्ध में उन्होंने नारी सुरक्षा हेतु शासन-प्रशासन की महिला हेल्पलाईन नबरों का हवाला देते हुए बताया कि यदि आपका कोई उत्पीड़न कर रहा है तो फौरन इन महिला हेल्पलाईन नम्बरों पर संपर्क करें।

भ्रूण हत्या के संबन्ध में भी मदरसा मंज़रे इस्लाम ने एक सफल अभियान चलाया, बैनरों, सोशल मीडिया आदि के साथ एक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया जिसमें मुफ्ती मो0 आकिल साहब और मुफ्ती मो0 अफरोज़ नूरी साहब ने बतया कि भ्रूण हत्या हराम है और बहुत बड़ा जुर्म है। कुरान व हदीस में इसे सख्ती से रोका गया है। हमारे देश का कानून भी इसे हत्या मानता है। मास्टर जुबैर रज़ा साहब ने ज़ोर देकर कहा कि हमारे समाज को नारियों और बालिकाओं पर होने वाले इस जुल्म के खिलाफ एकजुट होकर आवाज़ बलंद करने की ज़रूरत है।

हमारे समाज की औरतों और बच्चियों पर होने वाले जुल्मो सितम में नशे का एक अहम रोल होता है जिस समाज में नशा आम होता है वहाँ की औरतों और बच्चियों पर जुल्म और उत्पीड़न का भाव तेज़ी से पनपता है। इस संबन्ध में मदरसा मंज़रे इस्लाम ने एक विशेष गोष्ठी का आयोजन किया जिसमें मदरसा शिक्षक मौलाना एजाज़ अन्जुम और मौलाना सय्यद शाकिर अली साहब ने नशे के खिलाफ अपनी बात रखते हुए मुस्लिम महिलाओं को बताया कि इस्लाम में शराब हराम है दूसरे मज़हब और कोई भी समाज इसे अच्छा नहीं समझता। इसलिए शराब मुक्त समाज की स्थापना के लिए हम सबको एकजुट होकर एक सफल जागरूकता अभियान चलाने की ज़रूरत है। मौलाना अब्दुर्रहमान और सय्यद कफील अहमद साहब ने महिलाओं को बताया कि यदि आप चाहें तो अपने-अपने घरों के पुरूषों को नशे आदि से मुक्त करा सकती हैं। आपको इस संबन्ध में अपने घर ही में नशे के खिलाफ जंग करना होगी।

मदरसा मंज़रे इस्लाम दरगाहे आलाहज़रत बरेली की ओर से सेल्फ डिफेंस, कन्या भ्रूण हत्या, महिला सम्मान एवं शालीनता और मद्य निशेध अन्य नशे के विरूद्ध कार्यक्रमों, गोष्ठियों का सफल आयोजन करने के साथ बैनरों, हैण्डबिलों, पोस्टरों तथा सोशल मीडिया के माध्यम से मिशन शक्ति कार्यक्रम का प्रचार व प्रसार किया गया। मदरसा मंज़रे इस्लाम द्वारा आयोजित कार्यक्रमों का महिलाओं तथा बालिकाओं विशेषकर मुस्लिम महिलाओं तथा बालिकाओं पर गहरा प्रभाव पड़ रहा है, मुस्लिम समाज में इसकी भूरि-भूरि प्रशंसा हो रही है।

इस संबन्ध में मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी व मदरसा मंज़रे इस्लाम के प्रवक्ता सय्यद अनवारूल सादात ने बताया कि आलाहज़रत द्वारा स्थापित हमारी शैक्षिक संस्था लगभग 116 साल से शिक्षा एवं समाज सुधार तथा कल्याण, साफ-सफाई, स्वच्छ पेयजल व्यवस्था एवं बुराईयों के खात्मे के क्षेत्र निरंतर प्रयासरत है जिसकी वजह से सम्पूर्ण विश्व में इस संस्था का एक विशेष स्थान है।

मदरसा मंज़रे इस्लाम के प्रधानाचार्य ने बताया कि शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता का कार्यक्रम मिशन शक्ति के अन्तर्गत विभिन्न प्रकार की गोष्ठियों तथा कार्यक्रमों का यह आयोजन दिनाँक 26-02-2021 से प्रतिदिन मदरसा मंज़रे इस्लाम परिसर में हो रहा है जो शासन के निर्देशानुसार एवं कार्ययोजना के अनुरूप दिनाँक 07-03-2021 तक चलेगा। इन समस्त कार्यक्रमों में मदरसे के समस्त शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के साथ महिलाओं तथा बालिकाओं ने शरई दायरे में रहकर बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया।

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