बाबरी मस्जिद विध्वंस दिवस पर sdpi ने प्रदर्शन कर उसके फिर से निर्माण की मांग की


 



बेताब समाचार एक्सप्रेस के लिए मुस्तकीम मंसूरी की रिपोर्ट।(कोटा) दिनांक 6 दिसंबर 2020, सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (sdpi) ने आज बाबरी मस्जिद विध्वंस के दिन 6 दिसंबर को लेकर ज़ोरदार प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार से मांग करी कि भारत के मुसलमानों की आस्था बाबरी मस्जिद से विशेष रूप से जुड़ी हुई थी और कई सालों तक उसमें नमाज़ अदा की जाती थी जिसको माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने भी माना था और इस बाबत बरसों से सर्वोच्च न्यायालय में चल रहे मुकदमे में इस पर फैसला आने से पहले ही उसको साज़िश के तहत ढहा दिया गया जिसमें भाजपा के दिग्गज नेताओं द्वारा उस स्थान पर मौजूद रह कर मस्जिद को गिराने वाले कारसेवकों का नेतृत्व किया गया था, परन्तु आज 28 साल बाद भी उन अभियुक्तों को सज़ा नहीं दी जा रही जिन्होंने इस विध्वंस के लिए भीड़ जमा कर उन के द्वारा इस इमारत को तोड़ा साथ ही माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए फैसले में भी देश के अल्पसंख्यक समुदाय की आस्था और भावनाओं का ध्यान नहीं रखा गया बल्कि बहुसंख्यक वर्ग और भाजपा के एजेंडे के तहत उसको उचित ठहराया गया,,यहां तक कि जब मस्जिद शहीद की गई थी उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिंहा राव ने भी यही बयान दिया था कि बाबरी मस्जिद का पुनर्निर्माण यहीं किया जाएगा।

अतः इस मुद्दे पर आज  11बजे,,,,,,(कोटा चौपाटी चौराहे पर),,,,,,  sdpi द्वारा हर वर्ष की भांति विरोध प्रदर्शन कर यह मांग करी गई कि

1 बाबरी मस्जिद की भूमि फिर से  मस्जिद का निर्माण किया जाए

2 जिन अभियुक्तों ने उक्त विध्वंस की कार्यवाही करवाई थी उनको सज़ा दी जाए

3 देश के सभी उन धार्मिक स्थलों अथवा पूजा इबादतगाह को किसी भी प्रकार से क्षति पहुंचाने से रोकने के लिए 1991 में विशेष कानून बनाया गया था उसका पालन कराया जाए।

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