हाथरस कांड में सीबीआई ने चारों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की


 हाथरस,। हाथरस कांड में  18 दिसंबर 2020 को सीबीआई ने चारों आरोपितों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। सीबीआई ने भी अपनी जांच में माना है कि हाथरस में पीड़ित लड़की के साथ गैंगरेप हुआ था और उसकी हत्या की गई थी। सीबीआई ने चार्जशीट में चारों आरोपितों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म, हत्या, छेड़छाड़ और एससी-एसटी एक्ट की धारा में केस बनाया है। गांव से पीड़ित लड़की के भाई और भाभी को भी सीआरपीएफ की सुरक्षा में कोर्ट पर लाया गया।हाईकोर्ट में 25 नवम्बर को सुनवाई के दौरान सीबीआई ने आज के दिन चार्जशीट दाखिल करने की बात कही थी। तक़रीबन ढाई माह की जांच के बाद इस मामले की विवेचनाधिकारी सीमा पाहुजा और सीबीआई के अफसर आज हाथरस जिला कोर्ट पहुंचे और एससी/एसटी कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। सीबीआई ने 22 सितम्बर को दिए गए पीड़ित लड़की के आखिरी बयान को आधार बनाते हुए चार्जशीट दाखिल की है और निर्णय कोर्ट के ऊपर छोड़ा है।हाथरस कांड की पीड़ित लड़की 14 सितम्बर को अपने गांव के ही खेत में गंभीर हालत में मिली थी। बाद में उसे अलीगढ़ के अस्पताल और उसके बाद दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। उसने अपने ही गांव के 4 लड़कों पर गैंग रेप का आरोप लगाया था, जिसके बाद सबसे पहले संदीप को, उसके बाद रवि को नामजद किया गया। उसके बाद 22 सितम्बर को हुए लड़की के बयान पर लव कुश और रामू के नाम मुक़दमे में बढ़ाये गए थे। स्थानीय पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया था।दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में लड़की की मौत होने और उसका अंतिम संस्कार रातोरात किये जाने के बाद देशभर में प्रदर्शन शुरू हो गए थे। इस दौरान यूपी पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पीड़ित लड़की के साथ गैंग रेप न होने का दावा किया था। यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा जिस पर कोर्ट ने यूपी पुलिस को फटकार भी लगाई थी। इस मामले में योगी सरकार ने एसआईटी भी बनाई थी जिसने जांच के बाद रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है।इस मामले में योगी सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी, जिसके बाद सीबीआई ने जांच संभाली और कई बार पीड़ित लड़की के परिवार से पूछताछ के अलावा अलीगढ़ जेल में बंद चारों आरोपियों से पूछताछ की है। आरोपियों का पॉलीग्राफी टेस्ट और ब्रेन मैपिंग भी कराया जा चुका है।आरोपियों के वकील ने बताया कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने संदीप, लवकुश, रवि और रामू के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म एवं हत्या के आरोप लगाए तथा हाथरस में स्थानीय अदालत ने संज्ञान लिया है। सीबीआइ ने दो दिन पहले हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में सुनवाई के दौरान 18 दिसंबर को चार्जशीट दाखिल करने की बात कही थी।इस मामले की जांच कर रही सीबीआई पीड़िता के भाई को फोरेंसिक साइकोलॉजिकल टेस्ट के लिए गुजरात के गांधीनगर लेकर जाएगी। यहां उसका साइकोलॉजिकल एक्सेसमेंट कराया जाएगा। हाथरस कांड में पीड़िता के भाई की ओर से ही एफआईआर दर्ज कराई गई थी।बूलगढ़ी कांड के चारों आरोपितों के गांधीनगर में पॉलीग्राफ टेस्ट हो चुका है। इसके साथ ही जांच एजेंसी ने बूलगढ़ी गांव में सीन रीक्रिएशन करने के साथ ही यहां पर हर स्तर की पड़ताल कर चुकी है। सीबीआइ गांव में मृतका के भाई और घटनास्थल वाले खेत के मालिक का पॉलीग्राफ कराने के प्रयास में है। अभी तक दोनों इनकार कर रहे हैं। सामूहिक दुष्कर्म एवं हत्या पीड़िता केेेेेेेेे परिवार वालों का कहना है कि  सीबीआई जांच  के बाद चार्जशीट दाखिल होने से  उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद  लगी है। निर्भया रेप कांड के बाद देश में  हाथरस  रेप एवं हत्याकांड  सबसे ज्यादा चर्चित रहा था।

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