पत्रकारों को अपनी व्यक्तिगत भावनाओं को रिपोर्टिंग से अलग रखना चाहिए,

बेताब समाचार एक्सप्रेस के लिए बरेली से नाज़िश अली की रिपोर्ट,

पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है,पत्रकारों को हमेशा सच्चाई अपनी कलम से लिखना चाहिए, गुड्डू मिश्रा

 हम सब पत्रकार बंधुओ को गुरुजनों के बताने के मुताबिक पत्रकारों को अपनी व्यक्तिगत भावनाओं को रिपोर्टिंग से अलग रखना चाहिए। उन्हें वही लिखना चाहिए जिसकी उन्हें जानकारी है न की जो वे सोचते हो तथा सभी पक्षों को सुनें जानने का उन्हें अवसर देना चाहिए। हम सब पत्रकार बंधुओ में मनोवैज्ञानिक वकील कुशल लेखक वक्ता और गुप्तचर के गुण का समावेश होना चाहिए। तभी वह एक घटना में समाचार का बोध कर उसे जनता के समक्ष लापाता है। इसके अतिरिक्त उसे दूरदर्शी भी


होना चाहिए तभी वह यह समझ पाएगा कि किस खबर को लोगो समाज और देश पर क्या प्रभाव पड़ेगा। पत्रकारिता के चलते ज्ञान और विचारों की समीक्षात्मक टिप्पणियों के साथ शब्द ध्वनि तथा चित्रों के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाना ही पत्रकारिता है। यह वह विद्या है जिसमें सभी प्रकार के पत्रकारों के कार्यों कर्तव्य और लक्ष्यों का विवेचन होता है पत्रकारिता समय के साथ समाज की दिग्दर्शिका और नियामिका  है। पत्रकारिता की पगडंडी पर चलकर नियमानुसार सत्य का करें उजागर

पत्रकार सुरक्षा महा समिति।

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