दिल्ली अध्यादेश पर संविधान पीठ करेगी सुनवाई, DERC अध्यक्ष पर कहा- दोनों मिलकर एक जज चुनें

 बेताब समाचार एक्सप्रेस के लिए एडवोकेट नबी हसन की रिपोर्ट, 

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र के सेवा अध्यादेश को चुनौती देने वाली दिल्ली सरकार की याचिका को पांच जजों की संविधान पीठ के पास भेज दिया है। अब जल्द ही संविधान पीठ इस मामले की सुनवाई शुरू करेगी।


DERC अध्यक्ष की नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट ने पूछा- क्या आप दोनों एक जज को नहीं चुन सकते? दिल्ली सरकार और LG ने जवाब दिया कि वे आम सहमति बनाने में विफल रहे हैं।

केंद्र सरकार ने दिल्ली अध्यादेश के जरिए अफसरों के ट्रांसफर-पोस्टिंग के अधिकार उपराज्यपाल को दे दिए थे। दिल्ली सरकार इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी।


इस पर CJI चंद्रचूड़ ने सोमवार को कहा- हम यह मामला पांच जजों के संविधान पीठ को भेजना चाहते हैं। फिर संविधान पीठ तय करेगा कि क्या केंद्र इस तरह संशोधन कर सकता है या नहीं?

केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर करते हुए कहा कि संविधान का आर्टिकल 246(4) संसद को भारत के किसी भी हिस्से के लिए और किसी भी मामले के संबंध में कानून बनाने का अधिकार देता है जो किसी राज्य में शामिल नहीं है।

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