शहीद भगत सिंह और बटूकेश्वर दत्त को याद करते हुए संसद मार्ग थाने में हुआ कार्यक्रम

कार्यक्रम में सभी राष्ट्र प्रेमियों ने खूब रंग जमाया और शहीदों की याद ताज़ा कर दी 

नई दिल्ली (अनवार अहमद नूर) राष्ट्रीय सैनिक संस्था नई दिल्ली पुलिस और भीम ब्रिगेड ट्रस्ट के सौजन्य से संसद मार्ग पुलिस स्टेशन में ऐतिहासिक कार्यक्रम तीसरी बार किया गया जिसकी अध्यक्षता आध्यात्मिक गुरु प्रोफेसर पवन सिन्हा ने की। मुख्य अतिथि शहीद सुखदेव के प्रोत्र श्री अनुज थापर और पदमश्री आदरणीय जितेंद्र सिंह शंटी कार्यक्रम के मार्गदर्शक राष्ट्रीय सैनिक संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीर चक्र प्राप्त कर्नल


तेजेंद्र पाल त्यागी ,संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के एसीपी अजय कुमार गुप्ता, एसएचओ अतर सिंह यादव,आंध्र प्रदेश सरकार के सलाहकार राजन छिब्बर, वेद प्रकाश, विजय, विशेष आमंत्रितगण मुफ्ती शमून क़ासमी, भाजपा के पार्षद राजू सचदेवा,प्रसिद्ध समाज सेवक सुभाष गोयल, सरदार कुलदीप सिंह भोगल ,योग गुरु स्वामी अमित देव, मधुसूदन बयाना ,बहन सीमा सेहगल, रेखा उदित, डिसएबल पर्सनैलिटी एमी चौहान,

डिसएबल योगा चैंपियन तेजस्वी शर्मा, स्वामी सीताराम, आध्यात्मिक गुरु पवन सिन्हा ने आध्यात्मिक ज्ञान के साथ-साथ क्रांतिकारी वीरों का ज्ञान भी दिया। एसीपी अजय कुमार गुप्ता ने आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसे कार्यक्रम संसद मार्ग पुलिस स्टेशन में हमारे माध्यम से करते रहेंगे। कर्नल  त्यागी ने भी राष्ट्रीय सैनिक संस्था के माध्यम से सभी से वादा लिया कि आपसी वार्तालाप में जय हिंद का ही प्रयोग करेंगे। इसे बोलने से पूरी एनर्जी आती है और सामने वाला भी हिल जाता है।

कार्यक्रम में सभी राष्ट्र प्रेमियों ने खूब रंग जमाया। आवाज़ की जादूगरनी साक्षी कुमारी, प्रसिद्ध कवित्री विभा ,निधि मानवी,करिश्मा, गीतकार सुरेंद्र पुष्करना, दीपक ,बृजेश कुमार, सुभाष राय, संदीप ने भी अपना राष्ट्रप्रेम व्यक्त किया। आकर्षण का केंद्र रहे अंतरराष्ट्रीय जादूगर जगजीत सिंह बब्बर,इंदौर से आए राहुल इंकलाब, मैनपुरी से राज त्रिपाठी, शाहजहांपुर से मोनिस भगत, लुधियाना से अपनी पूरी टीम के साथ आए रमेश अग्रवाल,कार्यक्रम के प्रमुख  राजीव जोली खोसला ने कहा कि आठ अप्रैल1929 की तारीख़ भारत के स्वतंत्रता संग्राम  के इतिहास में बहुत महत्वपूर्ण है। आज ही के दिन  भारतीय क्रांतिकारियों - भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त  ने दुनिया के दिखा दिया था कि क्रांतिकारी देश के हिंसक अपराधी नहीं

बल्कि बहरी ब्रिटिश हुकूमत को जगाने वाले आज़ादी के दीवाने थे। दोनों क्रांतिकारियों ने अंग्रेज़ी हुकूमत को हिलाकर रख दिया था और  हज़ारों युवाओं में आज़ादी की अलख जगा दी थी। इन शहीदों भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने एक नहीं दो बम फेंके थे लेकिन उन्होंने इस बात का खास ख्याल रखा कि कोई भी हताहत न हो और ऐसा हुआ भी। बम फेंकने के बाद दोनों ने वहां से फरार होने या भागने की बिल्कुल कोशिश नहीं की और वहां असेंबली में पर्चे फेंक कर लागातार आजादी के नारे लगाते रहे और अपनी गिरफ्तारी दी। अंतरराष्ट्रीय मॉडल हितेश शर्मा ने क्रांतिकारी वीरों पर सोलो एक्ट किया। पूरे संसद मार्ग थाने में राष्ट्र भक्तों द्वारा इंकलाब ज़िंदाबाद,"जब तक सूरज चांद रहेगा क्रांतिकारियों का नाम रहेगा" गूंजता रहा। कार्यक्रम की सहयोगी संस्थाएं रिटर्न टू नेचर ट्रस्ट, सुखमणि सेवा ट्रस्ट, समर्पण वेलफेयर एसोसिएशन, शिक्षा अभियान ,रानी लक्ष्मीबाई वेलफेयर ब्रिगेड ट्रस्ट, दर्शना फाउंडेशन, अवंतिका शर्मा और संदीप गुड़ियाल की ओर से आए हुए बच्चों को स्कूल बैग और कॉपी पेंसिल से सम्मानित किया गया व आए हुए राष्ट्र भक्तों को 14 क्रांतिकारी वीरों की तस्वीर वाली घड़ी दी गई और भारत माता का चित्र। जिसे देखकर एसीपी साहब ने खूब सराहना की। कार्यक्रम में उपस्थित जय हिंद मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश शर्मा ने आश्वासन दिया कि बीके दत्त कॉलोनी वाले कार्यालय में आप को क्रांतिकारी वीरों के कार्यक्रम के लिए  दिया जाता है,इरशाद कुरैशी ,एजे राजन, ज्योतिषाचार्य महेश जैन, छायाकार प्रेम सिंह, स्वर्ण सिंह यादव, प्रथम महिला ऑटो चालक सुनीता चौधरी ,सर्व धर्म को एक करने वाले हरविंदर सिंह, सुखविंदर सिंह सिद्धू, गृह मंत्रालय से आशीर्वाद देने आई बहन चित्रलेखा जी,अर्चना झा, दर्शना फाउंडेशन से आई सैकड़ों मातृशक्ति ने भी अपना राष्ट्रभक्ति का परिचय दिया। राष्ट्रीय सैनिक संस्था दिल्ली के संयोजक वेद प्रकाश द्वारा कार्यक्रम में आए हुए सभी राष्ट्र भक्तों का स्वागत हुआ।




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