जननायक कपूरी ठाकुर की पुण्यतिथि पर पसमांदा समाज की मांग जननायक कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न से सम्मानित करे भारत सरकार: अनीस मंसूरी

‌‌‌       ‌‌  बेताब समाचार एक्सप्रेस के लिए लखनऊ से मुस्तकीम मंसूरी की रिपोर्ट, 

लखनऊ,अनीस मंसूरी राष्ट्रीय अध्यक्ष पसमांदा मुस्लिम समाज, पूर्व मंत्री उत्तर प्रदेश ने  जननायक कर्पूरी ठाकुर की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी, श्रद्धांसुमन अर्पित करने के बाद गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए कहा कि जन नायक कर्पूरी ठाकुर एक कुशल राजनीतिक के साथ सामाजिक परिवर्तन  की विचारधारा के प्रेरणा श्रोत थे उनका फार्मूला देश के शोषित, वंचित, पिछड़ों विशेषकर  पसमांदा मुसलमानों के लिए लाभकारी है।

  श्री मंसूरी ने आज अपने पसमांदा कार्यालय स्थित लालबाग में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री,  जन नायक  स्व कर्पूरी ठाकुर की पुण्यतिथि पर गोष्ठी गत वर्षो के भांति इस वर्ष भी दिनांक 17, फरवरी 2023  को   आयोजित किया।  
 श्री मंसूरी ने कहा कि ,"कर्पूरी जी राष्ट्रीय राजनिति में एक सामाजिक आंदोलन के प्रखर प्रतीक रहे हैं, 

दरअसल, मंडल कमीशन लागू होने से पहले कर्पूरी ठाकुर जी बिहार की राजनीति में वहां तक पहुंचे जहां उनके जैसी पृष्ठभूमि से आने वाले व्यक्ति के लिए पहुँचना लगभग असंभव ही था. वे बिहार की राजनीति में ग़रीब गुरबों की सबसे बड़ी आवाज़ बन कर उभरे थे.
अपने दो कार्यकाल में कुल मिलाकर ढाई साल के मुख्यमंत्रीत्व काल में उन्होंने जिस तरह से शासन की नजीर पेश की  वैसा दूसरा उदाहरण राष्ट्रीय स्तर पर नहीं दिखता है । उनकी हर निति योजना शोषित वंचित को केन्द्र में रख कर लागू हुई। ख़ास बात ये भी है कि वे बिहार के पहले गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री थे.
आज की तारीख में भले ये मामूली क़दम दिखता हो लेकिन संदेशात्मक राजनीति में इसके मायने बहुत ज़्यादा थे.  समाज में उन्हें कहीं अंतरजातीय विवाह की ख़बर मिलती तो उसमें वो पहुंच जाते थे वो समाज में एक तरह का बदलाव चाहते थे।उन्होने कहा की सामंती समाज को उनके हर कदम से मुंह की खानी पड़ी बिहार में उनका सामजिक परिवर्तन व आरक्षण प्रयोग से राष्ट्रीय राजनिति को दिशा मिली पासमांदा  मुस्लिम समाज जननायक कर्पूरी ठाकुर जी को भारत रत्न से सम्मानित करने की अपील भारत सरकार से करता है। उन्होंने कहा की
 मुंगेरीलाल कमीशन लागू करके राज्य की नौकरियों में आरक्षण लागू करने के चलते वो हमेशा के लिए सर्वणों के दुश्मन बन गए, लेकिन कर्पूरी ठाकुर समाज के दबे पिछड़ों के हितों के लिए काम करते रहे।
खुर्शीद आलम सलमानी  मण्डल अध्यक्ष लखनऊ ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर वास्तव में समाजवादी राजनीति के बड़े नेता थे , उनके चित्र पर माल्यापर्ण करने वाले उनकी सादगी और ईमानदारी भरे रास्ते पर चलने का साहस नहीं कर पाऐंगे, इसलिए भी कर्पूरी जैसे नेताओं को याद रखा जाना ज़रूरी है।  श्री खुर्शीद सलमानी ने कर्पूरी ठाकुर फार्मूला लागू करने और केंद्र में बन रहे सरकारी भवनों का कर्पूरी ठाकुर जी के नाम से नामकरण करने की मांग की ।

इस अवसर पर पसमांदा मुस्लिम समाज के कोषाध्यक्ष हाजी नसीम मंसूरी, संगठन मंत्री इलियास मंसूरी , प्रदेश  सचिव हाजी शब्बन मंसूरी,  मौलाना इलियास मंसूरीने भी अपने विचार रखे ,
गोष्ठी में सर्व श्री  सतेंद्र सिंह ठाकुर, राम नायक यादव, आकाश गुप्ता, वाजिद सलमानी, सिराज भाई मंसूरी, फैसल सिद्दीकी, राम प्रकाश मौर्य, अनिल कश्यप अक़ील मंसूरी, डॉक्टर इस्लाम सिद्दीकी के अलावा काफी लोग मौजूद थे|

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