राकेश टिकैत पहुंचे किसानों के संघर्ष में खिरिया की बाग

जमुआ, आज़मगढ़ 9 नवम्बर 2022. जीवन-जमीन बचाने के लिए पिछले 28 दिनों से संघर्ष कर रहे किसान-मजदूरों के संघर्ष में शामिल हुए किसान नेता राकेश टिकैत। किसान आंदोलन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि एक भी किसान अपनी जमीन नहीं देना चाहेगा तो उसकी लड़ाई मैं यहां लड़ूंगा. यहां एक भी किसान जमीन देने को तैयार नहीं है ऐसे में किसी भी हालत में यहां एयरपोर्ट नहीं बनाया जा सकता है. उन्होंने जिलाधिकारी को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी तरह के उत्पीड़न की कार्रवाई में न जाएं नहीं तो खिरिया का मैदान देश के किसानों के बड़े आंदोलन का मैदान होगा. 






टिकैत ने कहा कि जमीन की लड़ाई आदिवासियों से सीखनी चाहिए कि वो किस तरह से सेना तोप के आगे जमीन बचाने की लंबी लड़ाई लड़ रहे हैं. ये संघर्ष लंबा है हम किसानों के साथ हैं. शांति एकता के जरिए ही आन्दोलनों की जीत होती है. 

भारतीय किसान यूनियन के नेता राजवीर सिंह जादौन ने कहा की जमीन, मकान के बाद आने वाले समय में जान बचाने की लड़ाई लड़नी होगी. आठ गांवों का सवाल है आप और ताकत लगाइये. हिंदुस्तान के किसान को जाति-धर्म  में नहीं बटना चाहिए.

सभा की अध्यक्षता रामनयन यादव, संचालन किसान नेता राजीव यादव ने की.

रामनयन यादव- 9935503059

राजीव यादव- 9452800752


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

जिला गाजियाबाद के प्रसिद्ध वकील सुरेंद्र कुमार एडवोकेट ने महामहिम राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री को देश में समता, समानता और स्वतंत्रता पर आधारित भारतवासियों के मूल अधिकारों और संवैधानिक अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए लिखा पत्र

ज़िला पंचायत सदस्य पद के उपचुनाव में वार्ड नंबर 16 से श्रीमती जसविंदर कौर की शानदार जीत

पीलीभीत सदर तहसील में दस्तावेज लेखक की गैर मौजूदगी में उसका सामान फेंका, इस गुंडागर्दी के खिलाफ न्याय के लिए कातिब थाना कोतवाली पहुंचा*