गहरे भारत-ईरानी संबंधों में उर्दू मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका। डॉ मुहम्मद अली रब्बानी

नयी दिल्ली, 20 दिसंबर (भाषा) भारत और ईरान के बीच गहरे संबंधों का जिक्र करते हुए ईरान के सांस्कृतिक सलाहकार डॉ. मोहम्मद अली रब्बानी ने कहा कि भारत-ईरान संबंध बहुत पुराने और सांस्कृतिक हैं और मीडिया इसमें चार चांद लगा सकता है। ।  उन्होंने आज यहां ईरान कल्चरल हाउस में उर्दू मीडिया के पत्रकारों के साथ विशेष बैठक में यह बात कही।










उन्होंने कहा कि भारत और ईरान के बीच कई सदियों से सांस्कृतिक, सभ्यतागत और प्राचीन संबंध रहे हैं, जिन्हें कई अलग-अलग प्लेटफार्मों पर स्वीकार किया गया है, लेकिन यहां का मीडिया और विशेष रूप से उर्दू पत्रकार इन तथ्यों को सामने ला सकते हैं।  उन्होंने कहा कि पत्रकारों को उन बातों पर विशेष ध्यान देना चाहिए जो दोनों देशों के विषयों, समान संस्कृति और परंपराओं को उजागर करें।  उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बहुत सारे मुद्दे हैं जिन पर ध्यान देने और उन पर लिखने से दोनों देशों के बीच संबंध और लोगों से लोगों के बीच संबंध मजबूत हो सकते हैं।

 उन्होंने सुझाव दिया कि भारतीय और ईरानी पत्रकारों का एक ऐसा संघ होना चाहिए जहां दोनों देशों के पत्रकार एक दूसरे के देश और उसके उत्पादों, संस्कृति और सभ्यता के बारे में खुलकर बात कर सकें।

 उन्होंने कहा कि ईरानी कला और संस्कृति के बारे में भारतीय लोगों को जागरूक करने के लिए, ईरान भारतीय राज्य हरियाणा में आने वाले उत्सव में शामिल होगा और अपनी कला और शिल्प का प्रदर्शन करेगा।  इससे भारतीय लोगों को ईरानी कला और संस्कृति की बेहतर समझ मिलेगी।  साथ ही उन्होंने कहा कि वह कुछ ऐसा कार्यक्रम करना चाहते हैं जिसमें भारत और ईरान के पत्रकार शामिल हों.

 आईआरआईबी के दिल्ली ब्यूरो चीफ डॉ. अब्बास नसीरी ने कहा कि इस अवसर पर जानकारी प्रदान करने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है और भारतीय, विशेष रूप से उर्दू मीडिया को ईरान के लोगों के बीच सूचना प्रसारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए।  उन्होंने कहा कि मीडिया लोगों और देशों को जोड़ने का एक महत्वपूर्ण साधन है और जिस युग में वे रह रहे हैं उसे सूचना प्रौद्योगिकी का युग कहा जाता है।  उन्होंने कहा, "मेरा उद्देश्य मीडिया के महत्व को उजागर करना है।"

 उन्होंने कहा कि मैं डॉ. मोहम्मद अली रब्बानी की बात को और आगे ले जाना चाहूंगा और कहूंगा कि भारत को ईरान से और ईरान को भारत से जोड़ने में मीडिया अहम भूमिका निभा सकता है.  उन्होंने कहा कि मीडिया को भारत और ईरान के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को उजागर नहीं करना चाहिए।  उन्होंने कहा कि उर्दू मीडिया के पत्रकार ईरान के उर्दू में रेडियो, टीवी और अन्य मीडिया संस्थानों से जुड़ सकते हैं और उनके बारे में वहां पढ़ सकते हैं।  उन्होंने कहा कि हम यह भी जानना चाहते हैं कि ईरान के बारे में उर्दू मीडिया की 'फीडबैक' क्या है।

 डॉ. नसीरी ने उर्दू मीडिया से मदद की गुहार लगाते हुए कहा कि आप ईरान की बेहतर स्थिति ले सकते हैं।  उन्होंने कहा कि आपका काम पवित्र है और जैसे संत अल्लाह का संदेश देते थे, वैसे ही आप दोनों देशों को सच्चा संदेश पहुंचा सकते हैं।

 इस मौके पर ईरान के कल्चरल काउंसलर डॉ. मोहम्मद अली बानी ने भी उर्दू पत्रकारों को धन्यवाद पत्र देकर सम्मानित किया.



ہندو ایران کے گہرے تعلقات میں اردو میڈیا کا اہم کردار۔

 ڈاکٹر محمد علی ربانی

نئی دہلی، 20 دسمبر (پریس ریلیز)ہندوستان ایران کے گہرے تعلقات کی طرف اشارہ کرتے ہوئے ایران کے کلچرل کاؤنسلرڈاکٹر محمد علی ربانی نے کہا کہ ہندوستان اور ایران کے تعلقات بہت ہی قدیم اور ثقافتی ہیں اور میڈیا والے اس میں مزید چار چاند لگاسکتے ہیں۔ یہ بات انہوں نے آج یہاں اردو میڈیا کے صحافیوں کے ساتھ ایران کلچرل ہاؤس میں منعقدہ ایک خصوصی نشست میں کہی۔

انہوں نے کہاکہ کئی صدیوں سے ہند ایران کے ثقافتی، تہذیبی اور قدیم رشتے ہیں جس کا اعتراف کئی الگ الگ پلیٹ فارم پر کیا جاتا رہا ہے لیکن یہاں کا میڈیا اور خاص طور پر اردو کے صحافی ان حقائق کو مزید سامنے لاسکتے  ہیں۔ انہوں نے کہاکہ صحافیوں کو ان چیزوں کی طرف خاص طور پر توجہ دینی چاہئے جس سے دونوں ملکوں کے موضوعات،یکساں تہذیب اور ثقافت نمایاں ہوسکے۔ انہوں نے کہاکہ دونوں ممالک کے بہت سارے موضوعات ہیں جس پر توجہ دینے اور اس پر لکھنے سے دونوں ملکوں کے تعلقات اور عوام کے درمیان رابطے کی کڑی مضبوط ہوسکتی ہے۔ 

انہوں نے مشورہ دیتے ہوئے کہاکہ ہندوستان اور ایران کے صحافیوں کی ایک انجمن ہونی چاہئے جہاں دونوں ملکو.ں کے صحافیوں ایک دوسرے ملک کے بارے میں اور وہاں کی مصنوعات، کلچرل اور تہذیب کے بارے میں کھل کر باتیں کرسکیں اور میڈیا میں ان چیزوں کو جگہ دے سکے۔

انہوں نے کہاکہ ایرانی آرٹ اور کلچر سے ہندوستانی عوام کو روشناس کرانے کے لئے ایران آئندہ ہندوستان کے صوبہ ہریانہ لگنے والے میلے میں شامل ہوگا اور اپنے آرٹ اور فن کاری کا نمونہ پیش کرے گا۔ اس سے ہندوستانی عوام کو ایران کے آرٹ اور کلچرل کے بارے میں بہتر طور پر جاننے کا موقع ملے گا۔ اسی کے ساتھ انہوں نے کہاکہ کچھ ایسا پروگرام کرنا چاہتے ہیں جس میں ہند وستان اور ایران کے صحافی شامل ہوں گے۔

آئی آرآئی بی کے دہلی کے بیورو چیف ڈاکٹر عباس ناصری نے اس موقع پر اطلاعات فراہم کرنے میں میڈیا کا کردار اہم ہوتا ہے اورہندوستانی خاص طور پر اردو میڈیا کوہند ایران کے مابین اطلاع بہم پہنچانے میں اہم کردار ادا کرنا چاہئے۔ انہوں نے کہاکہ میڈیا عوام اور ملکوں کو جوڑنے کا اہم ذریعہ ہے اور جس دور میں اپنی زندگی گزار رہے ہیں اس دور کو اطلاعاتی تکنالوجی کا دور کہا جاتا ہے۔ انہوں نے کہا کہ میرے کہنے کا مقصد میڈیا کی اہمیت کو اجاگر کرنا ہے۔ 

انہوں نے کہاکہ میں ڈاکٹر محمد علی ربانی کی بات کو آگے بڑھاتے ہوئے کہنا چاہتا ہوں کہ ہندوستان کا ایران سے اور ایران کا ہندوستان سے رابطہ پیدا کرنے میں میڈیا اہم کردار ادا کرسکتا ہے۔ انہوں نے کہاکہ اس میں میڈیا کو ہندوستان اور ایرانی تاریخی اور ثَقافتی تعلقات کو اجاگر نا ہوگا۔ انہوں نے کہاکہ اردو میڈیا کے صحافی ایران کے اردو میں ریڈیو، ٹی وی اور دیگر میڈیا ادارے سے جڑسکتے ہیں وہاں کے بارے میں پڑھ سکتے ہیں۔ انہوں نے کہا کہ ہم یہ بھی جاننے کے خواہش مند ہیں کہ ایران کے بارے میں اردو میڈیا کا کیا ‘فیڈ بیک’ ہے۔

ڈاکٹر نصیری نے اردو میڈیا سے مدد کی درخواست کرتے ہوئے کہاکہ آپ ایران کا بہتر موقف رکھ سکتے ہیں۔ انہوں نے کہاکہ آپ کا کام مقدس ہے جس طرح اولیاء اللہ اللہ کے پیغام کو پہنچاتے تھے اسی طرح آپ بھی صحیح پیغام دونوں ملکوں تک پہنچاسکتے ہیں۔ 

اس موقع پر اردو صحافیوں کو  ایران  کےکلچرکاؤنسلر ڈاکٹر محمد علی بانی نے سپاس نامہ دیکر عزت افزائی بھی کی۔

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