तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की प्रधानमंत्री की घोषणा पर साडम में सैकड़ों महिला-पुरुष किसान इकट्ठा हुए

 पिछले एक साल से विरोध झेल रहे तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की प्रधानमंत्री की घोषणा पर साडम में सैकड़ों महिला-पुरुष किसान इकट्ठा हुए और एक दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशियों का इजहार किया।


इस अवसर पर एकत्रित किसानों को संबोधित करते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी राज्य कार्य समिति के सदस्य एवं झारखंड आंदोलनकारी इफ्तेखार महमूद ने कहा कि कृषि कानूनों को वापस लेने कि प्रधानमंत्री की घोषणा किसानों के 'हार न मानने की अदम्य साहस और स्वाभिमान का प्रमाण है ।श्री महमूद ने कहा कि आधुनिक विश्व का इस विशालत्म आंदोलन ने ठंडा, गर्मी और वर्षा को सड़कों पर बैठकर झेलते रहा। 700+ किसानों की शहादत हुई, गाड़ियों से कुचल कर भी मार डाले गए लेकिन आंदोलन पीछे नहीं हटी। उन्होंने कहा कि किसान विरोधी कृषि कानूनों की वापसी देश का संविधान, लोकतंत्र और अहिंसक आंदोलन का जीत है।

                         इस अवसर पर अखिल भारतीय किसान सभा के देवानंद प्रजापति, मौजी लाल महतो, बद्री मुंडा सुरेश प्रजापति तथा दिलगर केवट, आदिवासी महासभा के जिला सचिव सोमर मांझी, देवीराम मांझी,आंल इण्डिया तंजीम ए इंसाफ के अशरफ अंसारी, महिला कृषक बंधनी देवी, सीता देवी, रंजू देवी,मुख्य रूप से उपस्थित थे।  

 


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