डॉक्टर को दूसरा भगवान क्यों कहा गया है, इस कहावत को सही साबित किया मंदिर के महंत के लिए मसीह बने, डॉक्टर वसीम ने

बेताब समाचार एक्सप्रेस के लिए मुस्तकीम मंसूरी की रिपोर्ट

डॉक्टर वसीम ने फ्री में किया महंत का हर्निया का ऑपरेशन महंत का इस दुनिया में कोई नहीं पैसे भी नहीं थे पास इलाज के लिए।

शाहजहाँपुर। इंसानियत के लिए पहचाने जाने वाले जिले के मशहूर सर्जन डॉक्टर वसीम हसन खां एक बार फिर गरीब के लिए मसीहा बनकर सामने आए। जिसका दुनिया मे कोई नही उसका फ्री में इलाज कर इंसानियत की मिसाल कायम करके बता दिया इंसानियत आज भी जिंदा है। 

शहर के रेती मोहल्ले में स्थित काली मंदिर के महंत महेशदास का इस दुनिया मे कोई नही है। वह मंदिर पर रहकर की अपना जीवन यापन करते है। कुछ दिन से वह हर्निया की दिक्कत से जूझ रहे थे। किसी ने उन्हें डॉक्टर वसीम की दरिया दिली की बारे में बताया तो वह डॉक्टर वसीम के क्लिनिक पर आकर उनसे मिले और अपनी पीड़ा बताई। उन्होंने डॉक्टर वसीम से कहा कि उनके पास इलाज के लिए पैसे नही हैं, आपके बारे में सुना है कि आप गरीबो की निस्वार्थ भाव से मदद करते हैं इसलिए मैं आपके पास इलाज करवाने को आया हूँ। डॉक्टर वसीम ने उनकी बात को सुना और उनकी जांच करवाकर उन्हें भर्ती कर लिया। डॉक्टर वसीम ने महेशदास का न सिर्फ निशुल्क हर्निया का ऑपरेशन किया बल्कि उन्हें अपने पास से दवाइयां व खाने-पीने की चीजें भी दी। महेशदास से होश में आते ही डॉक्टर साहब को धन्यवाद दिया। डॉक्टर वसीम के इस कार्य की चारो ओर शहर में प्रशंसा हो रही है। इस संबंध में डॉक्टर वसीम ने कहा मैं एक डॉक्टर हूं मेरा काम लोगों का जीवन बचाना है, उन्होंने कहा पैसा कमाना मेरा मकसद नहीं मेरी कोशिश रहती है मरीज की जान बच जाए, यही डॉक्टरी पेशे का सबसे बड़ा उसूल है, जिस पर मैं चलने की हमेशा कोशिश करता हूं।

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