मुस्लिम समाज इंसानियत से इंसाफ और अछूतों समानता की लड़ाई लड़ता है मनु वादियों को खलता है--गादरे*






मेरठ/ किठौर:-मुस्लिम सिख बौद्ध लिंगायत जैन ईसाई आदि जो मजहब समानता बंधुता मसाबाद की बात करते हैं वह मनु वादियों को खलते हैं। मनुवाद के कट्टर दुश्मन होते हैं। बैठक की अध्यक्षता बहुजन मुक्ति पार्टी प्रदेश मीडिया प्रभारी एवं मेरठ मंडल अध्यक्ष आर डी गादरे ने की और संचालन पंकज कुमार ने किया।

 मेरठ मंडल के गांवों में दौरा कर छत्रपति साहू जी महाराज जो सहभागिता हिस्सेदारी आरक्षण के निर्माता का जन्म जयंती पर लोगों को बधाई दी और शिक्षा की ओर अग्रसर होने का आह्वान करते हुए अपने वक्तव्य में लोगों को जानकारी दी छत्रपति शाहूजी महाराज जो भारत  के शोषित समाज को उभारने का इंसानियत से इंसाफ का जो कानून लागू किया वही कानून इस्लाम मजहब कहता है सब धर्मों की एक ही बात भारतीय संविधान में जो हक अधिकार है बराबर दिए गए हैं लेकिन मनुस्मृति उम्र मनुवाद ऊंच-नीच का जो लोगों में भेदभाव करने का षड्यंत्र है वह इंसानियत मानवता के खिलाफ है।

ग्राम अजराड़ा में पंकज कुमार ने अपने वक्तव्य में कहा कि आज लोकतंत्र खत्म करने की साजिश है मनु वादियों की जोर जोरों पर है क्योंकि बिना एग्जामिनेशन के आईएएस पीसीएस जज जैसे सर्वोच्च पदों पर मनु वादियों ने ब्राह्मणों को सर्वोच्च पदों पर बिना एग्जामिनेशन के मनोनीत कर नियुक्त कर दिया है। विधायिका न्यायपालिका कार्यपालिका मीडिया जो देश के चारों स्तम्भ सर्वोच्च पदों पर मनु वादियों ने लोगों को हिंदुत्व का ढकोसला में बहकावे में फुसलाकर मूल निवासियों को धोखा देने का काम किया जो बहुजन समाज इसको कतई स्वीकार नहीं करेगा। बहुजन मुक्ति पार्टी की क्रांति कारी विचारधारा लोगों को घर-घर जन जन तक पहुंचाने का काम किया है। ओमपाल कुमार ने अपने वक्तव्य में कहां कि आज एससी एसटी ओबीसी माइनॉरिटी को आपस में लड़ वाया जा रहा है और इसका लाभ 3% यहूदी मनुस्मृति मनुवादियों को मिल रहा है। लेकिन हमारा समाज को जागृत करने के लिए बहुजन मुक्ति पार्टी लगातार मेहनत कर रही है और जन जन तक पहुंच रही है लेकिन आने वाले वक्त में आंदोलन में शामिल होकर अपने आने वाली नस्लों को बचाने का काम करना है। कांग्रेस सपा बसपा आप अथवा अन्य भाजपा नामक जो पार्टियां सब एक ही थाली के चट्टे बट्टे हैं कोई बहुजन समाज को हित में काम नहीं कर रहा है सब गुलामी में चल रहे हैं। ईवीएम की मुक्ति चाहिए हमें आजादी मुक्ति यदि बहुजन समाज को चाहिए तो बहुजन मुक्ति पार्टी को लाना होगा। आर डी गादरे ने आगे बताया कि राजनीति जन आंदोलन के लिए राजर्षि छत्रपति शाहू जी महाराज का जन्म 26 जून 1874 को हुआ था। शाहू जी महाराज 2 अप्रैल,1894 को राजसिंहासन पर बैठे ही वास्तविक लोकतांत्रिक व्यवस्था के लागू करते हुए 26 जुलाई,1920 को शूद्रों व अछूतों के लिए अरक्षण लागू किया। 1917 में विधवा पुनर्विवाह को को कानून मान्यता दिया और बाल विवाह पर रोक लगाया। इतना ही नहीं छुआ छूत को मिटाने के लिए अछूत गंगाराम कांबले को पैसा देकर चाय पानी का दुकान खुलवाया और सबसे पहले शाहू जी ने ही अछूत गंगाराम के हाथों से बनाया हुआ चाय पीकर बहुत बड़ा संदेश दिया की मैं पहले इंशान हूँ बाद में राजा हूँ वैसे ही अछूत भी इंसान है।                 शाहू जी महाराज इस बात को अच्छी से जानते थे कि समाज आदेशों से नहीं बल्कि संदेशों और ठोस पहल करने से बदलता मनुवादी ब्राह्मणों ने जो व्यवस्था बनाया था अछूतों का परछाई तक नही लगना चाहिए तो अछूतों के हाथों से पानी पीना तो बहुत ही दूर के बात था। शाहू जी अछूत के हाथों से चाय पीकर ब्राह्मणों व्यवस्था पर लात मारा। युवओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुये जिमनासियम व कुश्ती पिच का निर्माण करवाया।                 किसानों को सिंचाई के पानी मिलना चाहिए इसके लिए 1907 में रागाधारी बाँध बनवाया।

 ऐसे अनिगिनित काम  शाह जी ने Sc,St,Obc & Minority के लिए किया था। इनसे ही प्रेरणा लेकर बाबा साहब अम्बेडकर ने लड़ाई लड़ी और मूलनिवासी बहुजनों को हक़ अधिकार व सविंधान दिया। बैठक में चौधरी यार मुनेंद्र गौतम रियासत अली मेहरबान सुमित मुनेश खलील अहमद रिफाकत अली राशिद कुरैशी आधार मलिक चौधरी नियमत महेश गुर्जर राहुल कुमार अज्जू अंसारी शैलेंद्र जैन हसमुद्दीन चौधरी जब्बार चौधरी तनवीर कारी इरशाद मौलाना इरफान सत्येंद्र गौतम आदि मौजूद रहे।

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