गुनहगार कोई भी जाती या धर्म का हो गुनहगार ही होता है इस्लाम में कोई जातियां नहीं जातियां जानवरों में होती हैं- गादरे*

 **गुनहगार कोई भी जाती या धर्म का हो गुनहगार ही होता है इस्लाम में कोई जातियां नहीं जातियां जानवरों में होती हैं- गादरे*





 


 


 

एम सी सी हॉस्पीटल मे इन्सानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना की निन्दा

मेरठ:- गुनहगार कोई भी जाति धर्म का हो इस्लाम मजहब में कोई जाति नहीं होती ना ही इंसानों में जातियां होती है जातियां तो जानवरों में पाई जाती हैं।

बहुजन मुक्ति पार्टी के पश्चिमांचल जोन महासचिव एवं मेरठ मंडल अध्यक्ष आर डी गादरे डॉ जाकिर हुसैन कॉलोनी दक्षिण विधानसभा मेरठ में अजीजुर रहमान सैफी के छोटे भाई अब्दुल सलाम का 20 तारीख को इंतकाल हो जाने और उनके बुलाई बैठक में पहुंचे जिसमें जानकारी मिली कि एमसीसी हॉस्पिटल हापुड़ रोड निकट चुंगी पर उनके भाई का इंतकाल हो गया था एमसीसी हॉस्पिटल में अजीजुर रहमान और उनके भाई और दोस्तों ने पेट में दर्द होने की वजह से निकटतम अपने एमसीसी हॉस्पिटल में भर्ती करने के लिए ले गए लेकिन वहां कोई डॉक्टर ना मिलने पर वहां के ओनर सिराजुद्दीन सैफी या उनके किसी कार्यकर्ता ने तुरंत आनन-फानन में कोई इंजेक्शन लगा दिया और उसके 10:15 मिनट बाद ही उसकी मौत हो गई और उसमें कुछ लोगों ने वहां पर आवाज उठाई के डॉक्टर कहां है और इसका ट्रीटमेंट कैसे किया जा रहा है। लड़का नव युवा हेल्थी लेकिन 10:15 मिनट में ही उसकी मौत हो जाना से लोगों में रोष व्याप्त हो गया और हॉस्पिटल का कोई एक-दो शीशा टूट गया लेकिन सिराज सैफी हॉस्पिटल मालिक ने इनके परिजनों और कुछ अज्ञात लोगों के नाम से पुलिस में रिपोर्ट लिखाई जिसमें 12 लाख रूपए का मुआवजा अस्पताल ने मांगा यह बहुत ही निंदनीय घटना एक जवान बच्चे की अस्पताल की लापरवाही से मौत हो गई उधर से उनसे मुआवजा मांगना इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना और डॉ जाकिर हुसैन कॉलोनी वासियों को वहां के अस्पताल प्रबंधक लोगों के द्वारा इंडिकेट करना इस कॉलोनी में तो समस्त जाहिल लोग बसे हुए हैं और इनका इलाज करना बेकार है से पूरी जाकिर कॉलोनी में शोक रोष व्याप्त है। इस्लाम मजहब में जातियों का कोई मायने नहीं है इस्लाम एक समानता मसा वाद का मजहब है।  इसी को लेकर अजीजुर रहमान साहब के घर एक बैठक बुलाई गई जिसमें गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे कुछ लोगों ने सिराज सैफी का बहिष्कार किया और कुछ ने निंदनीय घटना करार दिया और इसमें कार्यवाही करने की मांग उठाई बैठक में हाजी अब्दुल जब्बार ने कहा कि यह एक इंसानियत मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना है हाजी यासीन झूले वालों ने कहा कि इस इंसानियत के खिलाफ अस्पताल वालों के लिए कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। पार्षद सिराजुद्दीन सैफी ने कहा कि मैं सिराज का इस रवैया से हमेशा के लिए बहिष्कार करता हूं। हाजी अंसार अंसारी ने कहा कि इस मामले की अस्पताल कमेटी के खिलाफ कार्यवाही करनी चाहिए आसिफ भारती ने कहा की अस्पताल इंसानों की हमदर्दी के लिए होता है कठोरता के लिए नहीं। इकरामुद्दीन पार्षद ने कहा कि हमने इस मामले में 20 तारीख को मृत्यु होने के बाद ही पीएम की मांग की थी लेकिन अस्पताल वालों ने इसको रफा-दफा करने के लिए गोल मटोल बातें की और कई रोज लगा दिए। आसिफ सैफी ने कहा कि हम राजू भाई के साथ हैं और इसमें परिवार के हमदर्दी के लिए खड़े हैं आर डी गादरे ने अपने वक्तव्य में आगे कहा कि जातियां इंसानों में नहीं होती जानवरों में होती है इंसानियत मानवता केवल समानता और मसा बाद के लिए होती है। इस्लाम में जातियों का कोई स्थान नहीं है अन्याय तो अन्याय है चाहे वह किसी भी जाति या मजहब के साथ हो जो सहन करने योग्य नहीं हैं। अन्याय के खिलाफ कार्यवाही होनी। चाहिए बैठक में बब्बू खान अजीजुर रहमान रिजवान मेहरबान आसिफ अरमान हाजी अब्दुल जब्बार हाजी अंसार अंसारी चौधरी इस्तयाक फिरोज राजू सैफी इकराम बालियान मुमताज अहमद अकमल खान अदनान हाजी यासीन झूला मुस्तकीम मलिक शमशाद पार्षद गफ्फार इमरान अंसारी नसीमुद्दीन आदि मौजूद रहे।

एम सी सी हॉस्पीटल मे इन्सानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना की निन्दा

मेरठ:- गुनहगार कोई भी जाति धर्म का हो इस्लाम मजहब में कोई जाति नहीं होती ना ही इंसानों में जातियां होती है जातियां तो जानवरों में पाई जाती हैं।

बहुजन मुक्ति पार्टी के पश्चिमांचल जोन महासचिव एवं मेरठ मंडल अध्यक्ष आर डी गादरे डॉ जाकिर हुसैन कॉलोनी दक्षिण विधानसभा मेरठ में अजीजुर रहमान सैफी के छोटे भाई अब्दुल सलाम का 20 तारीख को इंतकाल हो जाने और उनके बुलाई बैठक में पहुंचे जिसमें जानकारी मिली कि एमसीसी हॉस्पिटल हापुड़ रोड निकट चुंगी पर उनके भाई का इंतकाल हो गया था एमसीसी हॉस्पिटल में अजीजुर रहमान और उनके भाई और दोस्तों ने पेट में दर्द होने की वजह से निकटतम अपने एमसीसी हॉस्पिटल में भर्ती करने के लिए ले गए लेकिन वहां कोई डॉक्टर ना मिलने पर वहां के ओनर सिराजुद्दीन सैफी या उनके किसी कार्यकर्ता ने तुरंत आनन-फानन में कोई इंजेक्शन लगा दिया और उसके 10:15 मिनट बाद ही उसकी मौत हो गई और उसमें कुछ लोगों ने वहां पर आवाज उठाई के डॉक्टर कहां है और इसका ट्रीटमेंट कैसे किया जा रहा है। लड़का नव युवा हेल्थी लेकिन 10:15 मिनट में ही उसकी मौत हो जाना से लोगों में रोष व्याप्त हो गया और हॉस्पिटल का कोई एक-दो शीशा टूट गया लेकिन सिराज सैफी हॉस्पिटल मालिक ने इनके परिजनों और कुछ अज्ञात लोगों के नाम से पुलिस में रिपोर्ट लिखाई जिसमें 12 लाख रूपए का मुआवजा अस्पताल ने मांगा यह बहुत ही निंदनीय घटना एक जवान बच्चे की अस्पताल की लापरवाही से मौत हो गई उधर से उनसे मुआवजा मांगना इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना और डॉ जाकिर हुसैन कॉलोनी वासियों को वहां के अस्पताल प्रबंधक लोगों के द्वारा इंडिकेट करना इस कॉलोनी में तो समस्त जाहिल लोग बसे हुए हैं और इनका इलाज करना बेकार है से पूरी जाकिर कॉलोनी में शोक रोष व्याप्त है। इस्लाम मजहब में जातियों का कोई मायने नहीं है इस्लाम एक समानता मसा वाद का मजहब है।  इसी को लेकर अजीजुर रहमान साहब के घर एक बैठक बुलाई गई जिसमें गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे कुछ लोगों ने सिराज सैफी का बहिष्कार किया और कुछ ने निंदनीय घटना करार दिया और इसमें कार्यवाही करने की मांग उठाई बैठक में हाजी अब्दुल जब्बार ने कहा कि यह एक इंसानियत मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना है हाजी यासीन झूले वालों ने कहा कि इस इंसानियत के खिलाफ अस्पताल वालों के लिए कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। पार्षद सिराजुद्दीन सैफी ने कहा कि मैं सिराज का इस रवैया से हमेशा के लिए बहिष्कार करता हूं। हाजी अंसार अंसारी ने कहा कि इस मामले की अस्पताल कमेटी के खिलाफ कार्यवाही करनी चाहिए आसिफ भारती ने कहा की अस्पताल इंसानों की हमदर्दी के लिए होता है कठोरता के लिए नहीं। इकरामुद्दीन पार्षद ने कहा कि हमने इस मामले में 20 तारीख को मृत्यु होने के बाद ही पीएम की मांग की थी लेकिन अस्पताल वालों ने इसको रफा-दफा करने के लिए गोल मटोल बातें की और कई रोज लगा दिए। आसिफ सैफी ने कहा कि हम राजू भाई के साथ हैं और इसमें परिवार के हमदर्दी के लिए खड़े हैं आर डी गादरे ने अपने वक्तव्य में आगे कहा कि जातियां इंसानों में नहीं होती जानवरों में होती है इंसानियत मानवता केवल समानता और मसा बाद के लिए होती है। इस्लाम में जातियों का कोई स्थान नहीं है अन्याय तो अन्याय है चाहे वह किसी भी जाति या मजहब के साथ हो जो सहन करने योग्य नहीं हैं। अन्याय के खिलाफ कार्यवाही होनी। चाहिए बैठक में बब्बू खान अजीजुर रहमान रिजवान मेहरबान आसिफ अरमान हाजी अब्दुल जब्बार हाजी अंसार अंसारी चौधरी इस्तयाक फिरोज राजू सैफी इकराम बालियान मुमताज अहमद अकमल खान अदनान हाजी यासीन झूला मुस्तकीम मलिक शमशाद पार्षद गफ्फार इमरान अंसारी नसीमुद्दीन आदि मौजूद रहे।

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