23 मार्च 21 शहीदे आजम भगतसिंह और उनके साथियो को मदर डेरी के सामने श्रद्धांजलि अर्पित की गई ।




 23 मार्च  21  शहीदे आजम भगतसिंह और उनके साथियो को मदर डेरी के सामने श्रद्धांजलि अर्पित की गई ।

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          अखिल भारतीय नौजवान सभा पूर्वी दिल्ली, जिला परिषद् की तरफ से  23 मार्च  2021  को शहीदे आजम भगतसिंह, सुखदेव, राजगुरू शहीदी दिवस पर उनको याद करते हुए  मदर डेयरी के सामने श्रद्धांजलि सभा की गयी ।

                श्रद्धांजलि सभा को संबोधित का0 अल्का श्रीवास्तव सचिव भारतीय महिला फेडरेशन दिल्ली राज्य कमिटी, का0 शशि कुमार गौतम सचिव (ए आई वाई एफ )अखिल भारतीय नौजवान, दिल्ली राज्य परिषद् और का0 केहर सिंह, सचिव, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, पूर्वी दिल्ली, जिला परिषद् ने किया ।

              का0 अल्का श्रीवास्तव ने शहीदे को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि  शहीदे आजम भगतसिंह और उनके साथियो ने छोटी उम्र मेरी भारत की आजादी के लिए संघर्ष करना शुरू कर दिया था ।उनके संघर्ष से ब्रिटिश हुकूमत के पैर हिल गये थे ।ब्रिटिश हुकूमरानो ने उन्हे जेल मे डाल दिया और उनपर देश द्रोह का मुकदमा चला गया ।अन्ततोगत्वा शहीदे आजम भगतसिंह और उनके साथियो 23 मार्च 1931 को समय से पहले फांसी दे दी गई ।आज की युवा वर्ग को भगतसिंह को समझना होगा तथा उनके सपनो का पुनः भारत बनाना होगा ।

           का0 शशि कुमार गौतम सचिव एआईवाईएफ दिल्ली ने शहीदे को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद जनता को सम्बोधित करते हुए कहा कि शहीदे आजम भगतसिंह 13 वर्ष की उम्र मे ही भारत की आजादी के आंदोलन से जुड़ गये थे ।गांधी जी के साथ असह्योग आन्दोलन मे भाग लिया उसके बाद चंद्रशेखर के साथ संघर्ष किया और अन्त मे भगतसिंह ने भारत नौजवान सभा का गठन किया ।भगतसिंह ने असेंबली बम फेंका जिससे अंग्रेजों की गूंगी बहरी सरकार उनकी बातों को सुन सके  उसके लिए उन्हे गिरफदार करके लाहौर जेल मे केश चलाया गया ।भगतसिंह और उनके साथियो ने पूरे भारत मे भारत नौजवान सभा की शाखाओ का गठन किया और आजादी के आंदोलन को मजबूत किया ।भगतसिंह ने जेल मे रहते समय मे मार्क्स और  लेलिन  किताबो का अध्ययन किया ।उनका सपना था कि भारत मे कोई शिक्षा ,रोजगार, स्वस्थ्य, सुरक्षा और आवास के बिना नही रहे।लेकिन आज मोदी की भाजपा सरकार रोजगार देने की बजाय वेरोजगारी बढ़ा ,शिक्षा ,स्वास्थ्य  का व्यवसायीकरण ,और सुरक्षा की बजाय पूरे भारत मे असुरक्षा का महोल बनाया जा रहा है ।हमारे संवैधानिक अधिकार को दवाया जा रहा है ।इसी के चलते भारत का संविधान और लोकतंत्र आज खतरे मे है ।अतः सभी श्रोताओ से श्रद्धांजलि के अवसर पर अपील है कि इस सरकार का बिरोध करे अपने अधिकारो के लिए अनवरत संघर्ष जारी रखे ।

 भगत सिंह ने अंतिम समय में नारा दिया साम्राज्यवाद मुर्दाबाद इंकलाब जिंदाबाद, लेकिन आज हमारा देश पूंजीपतियों का गुलाम बन चुका है।

          अन्त मे भगतसिंह को अर्पित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए का0 केहर सिंह, सचिव, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, पूर्वी दिल्ली कहा आज पूरा भारत शहीदे आजम भगतसिंह और उनके साथियो कि सहादत दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है ।इस अवसर पर भगतसिंह, सुखदेव राजगुरू और अशफाक उल्ला खान के सपनो के भारत होने का भी बाते करते आ रहे है ।लेकिन भारत पूजीपति वर्ग और काले अंग्रेजो ने भगत सिंह के सपनो का भारत नही बनने दिया ।भगतसिंह चाहते थे कि भारत मे समान शिक्षा ,समान स्वास्थ्य सुविधा, सबको रोजगार तथा वेरोजगारो को वेरोजगारी भत्ता हो और सभी को सुरक्षा तथा आवास की व्यवस्था हो ।लेकिन आज आर एस एस समर्थित भाजपा की मोदी सरकार से पहली सरकार ने जितने भी सरकारी संस्थान बनाये थे आज उन्हे सरमायेदारो को मनमानी करके कोङियो के भाव बेचा जा रहा है ।पैट्रोल डीजल के दाम 100 के पार जा रहे है ।जिसके कारण रोज रोज  जनता के उपयोग मे आने वाली वस्तुओ के दाम आसमान छू रहे है ।

शिक्षा ,स्वास्थ्य और आवास सब महंगे और प्राइवेट कर दिये गये है तो गरीव मजदूर का ठीक से इलाज हो नही पाने के कारण अकाल मृत्यु हो जाती है ।सुरक्षा नाम की कोई वस्तु नही है ।भारत महिलाओ अबोध बालिकाओ के साथ अनाचार हत्या आदि बढ़ती चली जा रही है ।शहीदे आजम भगतसिंह का सपना इस सरकार ने चकनाचूर कर दिया है ।हमारे देश का किसान आज चार महीने से अपने अधिकारो की मांग को लेकर जो तीन काले कानून है की वापिसी की माॅग को लेकर दिल्ली की सीमा पर आन्दोलनरत है ।उनके इन काले कानूनो मे भारत की जनता के तनाम हित भी सामिल है ।यह सरकार भारतीय संविधान और लोकतंत्र पर हमला कर रही है ।जिसमे सभी के हित अधिकार समाहित है ।हमारी जनता से शहीदी दिवस के अवसर पर अपील है कि अपने अधिकारो भारत के संविधान व लोकतंत्र को बचाने के लिए किसानो के आन्दोलन मे बढ़ चढ़कर भाग ले यहीशहीदेो को सच्ची श्रद्धांजलि होगी ।

         

का0 शशि कुमार गौतम, 

        सचिव 

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