डीजल और गैस की बढ़ी हुई कीमतों की मार देश की मध्यवर्गीय और गरीब जनता को झेलना पड़ेगी- मुस्तकीम मंसूरी


 लखनऊ 15 फरवरी ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस के राष्ट्रीय महासचिव मुस्तकीम मंसूरी ने आज जारी एक बयान में कहा कि केंद्र सरकार पेट्रोल डीजल और गैस की कीमतों में लगातार वृद्धि करके देश में महंगाई को बढ़ाने का कार्य करने में लगी है। उन्होंने कहा पिछली सरकारों में जब पेट्रोल और डीजल और गैस के दामों में बढ़ोतरी होती थी। तो यही भाजपाई सड़कों पर उतर कर मूल्य वृद्धि का विरोध करते थे। जिसमें राजनाथ सिंह, स्मृति ईरानी, नितिन गडकरी, जैसे भाजपा के दिग्गज नेता सड़कों पर उतर आते थे। और मूल्य वृद्धि का विरोध करते थे। परंतु आज वही नेता खामोशी से बैठकर बढ़ती हुई कीमतों का तमाशा देख रहे हैं। कभी राजनाथ सिंह धरने पर बैठते थे। कभी स्मृति ईरानी रोड जाम करते हुए सड़कों पर भाजपाइयों के साथ विरोध प्रदर्शन करती थी। तो कभी नितिन गडकरी बड़ी हुई  किम़तो के विरोध में सड़क से संसद तक कुर्ता फाड़ प्रदर्शन करते थे।

मुस्तकीम मंसूरी ने कहा उत्तर प्रदेश के अंदर भाजपाइयों के सुर में सुर मिला कर सपा और बसपा के नेता और कार्यकर्ता बढ़ती हुई कीमतों का विरोध करते थे। परंतु जिस तरह आज भाजपा सत्ता में है। और भाजपाई खामोश हैं। उसी तरह सपा और बसपा के लोग भी ट्वीट करके ट्विटर पर बयान देकर विरोध दर्ज कराते हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा  सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती द्वारा पेट्रोल, डीजल और गैस की बढ़ी हुई कीमतों का सड़कों पर विरोध ना करके भाजपा सरकार का सहयोग कर रहे हैं।

मुस्तकीम मंसूरी ने सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो में मायावती से सवाल करते हुए कहा कि वह कौन सी मजबूरी है। जिसकी वजह से आपकी पार्टी और आपके कार्यकर्ता किसान आंदोलन से दूरी बनाए हुए हैं। और बढ़ती हुई कीमतों पर मौन धारण किए हुए हैं। उन्होंने कहा जहां किसान आंदोलन किसानों द्वारा जनहित में किया जा रहा है। वही पेट्रोल डीजल और गैस की बढ़ी हुई कीमतों की मार देश की मध्यवर्गीय और गरीब जनता को झेलना पड़ेगी। क्योंकि पेट्रोल और डीजल और गैस से सीधा जनता की जरूरतों पर असर पड़ेगा। और महंगाई चरम पर पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा पेट्रोल और डीजल की मूल्य 30.91 पैसे केंद्र सरकार का टैक्स 32.98 पैसे और राज्य सरकार का टैक्स 19.55 पैसे और वितरण करने वाला 3.62 पैसे लेता है। इस तरह आम जनता को 87.06 प्रति लीटर के हिसाब से पेट्रोल और डीजल दिया जाता है। जबकि हमारे पड़ोसी देशों श्रीलंका, नेपाल, और बांग्लादेश मैं तेल की कीमतें हमारे देश से आधी है। यह स्थिति हमारे देश में इसलिए उत्पन्न हो रही है। क्योंकि हमारे देश में संसद के अंदर जो विपक्ष है। वह कमजोर होने के कारण या दबाव में होने के कारण अपनी भूमिका का सही तरह से निर्वाह नहीं कर पा रहा है। जिसका खामियाजा हमारे देश की गरीब और मध्यवर्गीय जनता के साथ ही देश के किसानों को भी भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने देश की विशेषकर उत्तर प्रदेश की राजनीतिक पार्टियों से अपील करते हुए कहा की बढ़ती हुई महंगाई पेट्रोल, डीजल और गैस की बढ़ती हुई कीमतों का वह सड़कों पर विरोध करें। मुस्लिम मजलिस हर विरोध प्रदर्शन में उनके साथ खड़ी होगी।

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