लोकतंत्र और सेकुलर, समाजवादी और पंथनिरपेक्ष शब्द संविधान की प्रस्तावना से हटाए जाने को लेकर राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा।

रिपोर्ट -मुस्तकीम मंसूरी

कानून मंत्रालय द्वारा नई संसद भवन के उद्घाटन समारोह में दुर्भावना पूर्ण बदलाव कर संविधान की प्रस्तावना की प्रति बाटे जाना लोकतंत्र के विपरीत है।

बरेली, उत्तर प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश अध्यक्ष शाहनवाज आलम के आवाहन पर कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के जिला अध्यक्ष क़मर गनी के नेतृत्व में देश की महामहिम राष्ट्रपति महोदय के नाम जिला अधिकारी की अनुपस्थिति में प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से एक ज्ञापन प्रेषित किया गया। इस संबंध में कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के जिला अध्यक्ष क़मर गनी ने बताया की कानून मंत्रालय द्वारा संसद भवन के उद्घाटन समारोह में दुर्भावना पूर्ण बदलाव कर संविधान की प्रस्तावना की प्रति बांटे जाने के संदर्भ में महा महिमा राष्ट्रपति द्रोपति मुर्मू को ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि राष्ट्रपति महोदय संज्ञान ले की प्रस्तावना को भारतीय संविधान का हृदय और आत्मा माना जाता है।

इसकी मूल संरचना में बदलाव नहीं किया जा सकता। ज्ञापन में आगे कहा गया है, कि इस ज्ञापन के माध्यम से आपको अवगत कराना है कि साल 2008 में कोलकाता के एक एनजीओ गुड गवर्नेंस फाउंडेशन ने प्रस्तावना से समाजवादी शब्द हटाने से जुड़ी एक जनहित याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की थी। कोर्ट ने इस अर्जी को यह कहते हुए खारिज कर दिया था की समाजवाद शब्द का अर्थ नागरिकों के लिए कल्याणकारी उपाय है। वही साल 2021 में बीजेपी सांसद के जे अल्फोंस ने राज्यसभा में प्राइवेट मेंबर बिल्ला कर प्रस्तावना से समाजवादी शब्द हटाने का प्रस्ताव पेश किया था, वही साल 2020 में बीजेपी सांसद राकेश सी ने भी ऐसी ही मांग करते हुए राज्यसभा में एक प्रस्ताव पेश किया था। साल 2015 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने अपने विज्ञापन में संविधान की प्रस्तावना की जगह ऐसी प्रति का इस्तेमाल किया था जिसमें सोशलिस्ट और सेकुलर समाजवादी और पंथनिरपेक्ष शब्द नहीं थे। 19 सितंबर 2023 को भी नई संसद भवन के उद्घाटन समारोह में कानून मंत्रालय द्वारा फिर से संविधान की प्रस्तावना की ऐसी ही प्रति दुर्भावनापूर्ण वितरण की गई जिसमें सोशलिस्ट और सेकुलर शब्द नहीं है। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल का यह कृत्य संविधान विरोधी है। संघ की कार्यकारी शक्ति राष्ट्रपति में निहित होती है इसलिए हम आपसे आग्रह के साथ उम्मीद करते हैं कि आप इस विषय में आवश्यक हादसा से कर संविधान की सुरक्षा का भरोसा देश को दिलाएंगे। इसी आशा के साथ जिला कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग माध्यम से बरेली के यह ज्ञापन आपकी सेवा में प्रेषित किया जा रहा है। इसके साथ ही कल संसद के चल रहे विशेष सत्र में दिल्ली से भाजपा सांसद रमेश चंद्र बिधूड़ी द्वारा जिस तरह संसद की गरिमा को दुनिया के सामने संसार किया गया है यह घटना भी संसदीय इतिहास में पहली बार घटी है जहां पर सत्ताधारी दल के सांसद ने अमरोहा से बसपा सांसद कुंवर दानिश अली के लिए जिन असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल किया है वह भारत के लोकतंत्र के लिए घातक है इस संबंध में भी आपसे अनुरोध है कि भाजपा सांसद रमेश चंद्र बिधूड़ी के विरुद्ध विरुद्ध स्पीकर को तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करने का निर्देश दें। जिससे लोकतंत्र के मंदिर में इस तरह की घटना की पुर्नवृत्ति ना हो सके।

इस अवसर पर जिला कांग्रेसअल्पसंख्यक विभाग के जिला अध्यक्ष क़मर गनी के नेतृत्व में कांग्रेस प्रदेश सचिव चौधरी असलम मियां, मोहसिन रज़ा, गुलाम हुसैन, मैदान शाह, वसीउद्दीन, अवनीश बक्शी, दानिश, हेमेंद्र शर्मा, आरिफ, कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग बरेली के महानगर अध्यक्ष आफताब आलम, आदि उपस्थित रहे।

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