देवरिया के बेटे "मुनिस" ने लहराया चांद पर परचम, उत्तर प्रदेश का नाम किया रोशन।


बेताब समाचार एक्सप्रेस के लिए नाजिश अली की रिपोर्ट,

देवरिया: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (आईएसआरओ) ने हाल ही में चंद्रयान-3 मिशन का सफल प्रक्षेपण किया है और इस महत्वपूर्ण मिशन में एक दिलचस्प चुनौती ने अपना चेहरा दिखाया है। यह चुनौती है भारतीय खगोलशास्त्री विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर में कार्यरत देवरिया शहर के निवासी जनाब हाजी शमशाद अहमद के पुत्र मोहम्मद मुनिस की।

मोहम्मद मुनिस ने चंद्रयान-3 मिशन में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने चंद्रयान-3 मिशन में पायरो डिवाइसेस और स्टेज सेपरेशन की कड़ी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

जनाब हाजी शमशाद अहमद ने बताया कि उनके पुत्र जनाब मोहम्मद मुनिस भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन में वरिष्ठ वैज्ञानिक के रूप में काम कर रहे हैं और उनके अध्ययन और योगदानों के साथ चंद्रयान-3 मिशन के सफल प्रक्षेपण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। मोहम्मद मुनिस का बचपन से ही वैज्ञानिक बनने और चांद पर जाने का सपना था। उन्होंने  देवरिया के प्रसिद्ध विद्यालय जीवन मार्ग सोफिया सेकेंडरी स्कूल से 10वीं कक्षा की पढ़ाई पूरी की । उन्होंने इंटरमीडिएट और बी. टेक (मैकेनिकल इंजीनियरिंग) , अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू )से किया है और चंद्रयान-3 के बाद वर्तमान में वे गगनयान मिशन और आदित्य-एल1 मिशन पर काम कर रहे हैं और भारत को नई ऊँचाइयों पर ले जाने का दृष्टिकोण देख रहे हैं।

चंद्रयान-3 मिशन के सफल प्रक्षेपण में मोहम्मद मुनिस के प्रयासों के साथ ही उनके परिवार और देवरिया के लोग भी गर्वित हैं। उनकी इस सफलता का परिणाम है कि उनके परिवार के सभी लोग उन्हें बधाई देते हैं और उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को सलाम करते हैं।

देशवासियों की ओर से मोहम्मद मुनिस के इस अद्भुत प्रयास की सराहना की जाती है और उन्हें उनके भविष्य के मार्ग में और भी उच्चाईयों तक पहुंचने का काम करते हुए देखना है।

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