ईद मिलादुन्नबी के जुलूस में डी जे और बड़े वाहन पर पाबन्दी|

 रिपोर्ट- मुस्तकीम मंसूरी

बरेली,पुराना शहर में निकलने वाले ईद मिलादुन्नबी के जुलूस के काईद और दरगाह तहसीनी के सज्जादा नशीन हज़रत मौलाना हस्सान रज़ा खां साहब नूरी और जुलूस की आयोजक मरकजी जुलूस कमेटी अंजुमन इत्तेहादे मुस्लेमीन के साथ एक बैठक दरगाह तहसीनी पर हुई जिसमे तय हुआ कि जुलूस में बड़ रही गैर इस्लामी रस्मो रिवाज को हर हाल में रोका जाएगा जिसके लिए डी जे और हैवी साउंड के साथ साथ बड़े वाहन पर भी पाबंदी रहेगी उस को रोकने के लिए जुलूस के रास्ते पर जगह जगह छोटे गेट बनाए जाएंगे जिससे डी जे,बड़े साउंड,और बड़े वाहन ना निकल सकें।मालूम हो कि पुराना शहर में जुलूस 11 रबी उल अव्वल (सितंबर लास्ट) को निकाला जाएगा सभी


अंजुमनो से कहा गया है अपने साउंड में चार सुराई से ज्यादा ना लगाएं और आवाज़ ऐसी रखें कि समझ में आ सके और बीमारो और बुजुर्गों का भी ख्याल रखें।लगभग 2 महीने पहले अंजुमनों को इस लिए आगाह किया गया है कि डी जे और हैवी साउंड का बयाना न दें अगर किसी ने बयाना दे दिया हो तो उसे फौरन वापस लेलें क्यों कि किसी हाल में भी डी जे और बड़े साउंड को जुलूस में शामिल नहीं किया जायेगा।

दरगाह तहसीनी पर साहिबे सज्जादा और मरकजी जुलूस कमेटी के साथ हुई बैठक में निम्न बिंदु पर चर्चा के बाद यह सहमति बनी

. जूलूस मे डी जे और हैवी साउंड के साथ साथ बड़े वाहन भी लाने की इजाज़त नहीं है जिसको रोकने के लिए जुलूस के रास्तों पर  छोटे गेट बनाए जाने पर भी ज़ोर दिया गया हर अंजुमन को सिर्फ चार चार सुराई लगाने की इजाज़त है और उसकी भी आवाज़ ऐसी हो जो सुनने वाले को अच्छी लगे और म्यूजिक वाली नातें बिलकुल न बजाई जाएं बेहतर होगा कि ज़ुबान से नात शरीफ़ पढ़ी जाएं।और लोगों से अपील की गई कि ज्यादा से ज्यादा लोग पैदल ही चलें।

. जूलूस के रास्ते पर जगह जगह जो लोग इस्तकबालिया कैंप या खाने पीने का इंतज़ाम करते हैं वोह लोग और अंजुमने इस बात का ख्याल रखें कि जुलूस को रोके नहीं बल्कि उनका इस्तकबाल यूंही चलते चलते कर दें और खाने पीने के पैकेट भी यूंही चलते चलते तकसीम कर दें ताकि जूलूस टुकड़े टुकड़े ना हो और उसकी रौनक बनी रहे।

.जो लोग सड़को के किनारे खड़े हो कर या चलते फिरते जुलूस का नज़ारा देखते हैं उनको चाहिए कि वोह जुलूस में ब अदब शरीक हों और जुलूस के साथ साथ चलें।

. औरतो को हिदायत दी गई कि वोह सड़को और छतों पर जमा हो कर जूलूस का नज़ारा ना करें बल्कि घरों मे रह कर दुरूद ए पाक, कुरआन ख्वानी और नज़रो नियाज़ का एहतीमाम करें।

. बाइक सवार लोगों को आगाह किया गया कि एक बाइक पर सिर्फ दो ही लोग बैठें और इस्तंड बाज़ी न करें।

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