राजभाषा हिंदी के साथ-साथ अन्य क्षेत्रीय भाषाओं को भी बढ़ावा मिले : यूडीओ

दिल्ली उर्दू अकादमी और एनसीपीयूएल के शीघ्र गठन की मांग 


नयी दिल्ली (अनवार अहमद नूर) देश की राजभाषा के साथ साथ अन्य भाषाओं का भी विकास होना चाहिए इसमें उर्दू भाषा को नज़रंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए इसी तरह के विचारों से भरी हुई एक बैठक उर्दू विकास संगठन (यूडीओ) के तत्वावधान में दिल्ली के दरियागंज इलाके में हुई। जिसकी अध्यक्षता  युवा नेता अलीम अंसारी ने की। बैठक में सभी लोगों द्वारा राजभाषा हिंदी के साथ-साथ अन्य राजभाषा उर्दू और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देने की मांग उठाई गई। बैठक में असर हसन अंसारी,आफ़ताब आलम,शमशाद अली मसौदी, शान मुहम्मद, मौलाना अब्दुल रशीद, रिज़वान खान, इमरान रजा व रेणु चौहान ने भाग लिया और विचार व्यक्त किए। बैठक में भाग लेने वालों ने विशेष रूप से जल्दी से जल्दी दिल्ली उर्दू अकादमी के गठन की मांग रखी। साथ ही वर्षों से बंद पड़े उर्दू शिक्षण केंद्रों को फिर से चालू करने की मांग की। इसी तरह केंद्र सरकार से भी मांग की गई कि राष्ट्रीय उर्दू भाषा संवर्धन परिषद (एनसीपीयूएल) के गठन में और देरी न होने दी जाए और उर्दू की इस राष्ट्रीय संस्था का समुचित विकास किया जाए ताकि देश में इसका प्रचार-प्रसार हो सके। डॉ. सैयद अहमद खान ने सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद किया।


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