दिल्ली में अल्पसंख्यक आयोग ने मुसलमानों के लिए क्या कुछ किया, हमें बताएं मुख्यमंत्री केजरीवाल : *कलीमुल हफीज़*(प्रदेश अध्यक्ष एआईएमआईएम)

*समय देकर भी आयोग के चेयरमैन ज़ाकिर खान नहीं रहे उपस्थित* 

* एआइएमआइएम (दिल्ली प्रदेश) का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग 

नई दिल्ली (अनवार अहमद नूर / हिरा मीडिया)

आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन दिल्ली के अध्यक्ष कलीमुल हफ़ीज़ के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल आज दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग पहुंचा। चेयरमैन ज़ाकिर खान ने हालांकि आज मिलने के लिए इनको समय दे दिया था लेकिन वह नहीं मिले, चूंकि प्रतिनिधिमंडल कुछ महत्वपूर्ण मुददे उठा कर उस पर बात करना चाहता था और एआईएमआईएम ने पूर्व में कहा था कि वह केजरीवाल सरकार की अल्पसंख्यक विरोधी पॉलिसी को बेनक़ाब करेगा। शायद इसीलिए ही आज चेयरमैन यहां उपस्थित नहीं रहे। न ही उन्होंने अपनी अनुपस्थिति में इस प्रतिनिधिमंडल से मिलने (बात करने) के लिए किसी को अधिकृत किया।




बारिश और जाम की समस्या के उपरांत भी मजलिस के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष कलीमुल हफीज़ अपने लोगों के साथ दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के दफ्तर पहुंचे। काफ़ी प्रतिक्षा और जानकारी के बाद भी जब चेयरमैन  ज़ाकिर खान के मिलने की कोई आशा नहीं रही तो उन्होंने यहां उपस्थित एक सदस्य नैंसी बार्लो से बात की, लेकिन उन्होंने भी अपना पल्ला झाड़ लिया। और अल्पसंख्यक आयोग की कार्यशैली पर सवालों के जवाब देने से बच गयीं । तब कलीमुल हफीज़ ने मीडिया के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि अयोग्य और अनैतिक व्यक्तियों को चेयरमैन पद पर बैठाना बिल्कुल ग़लत है। दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन ज़ाकिर खान समय देकर भी अनुपस्थित हो गये। तो अब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को स्वयं उन प्रश्नों के उत्तर देने होंगे जो हम चेयरमैन से पूछने आए थे। दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग पर बेईमानी का आरोप लगाते हुए कलीमुल हफीज़ ने कहा कि, स्कालरशिप से लेकर माइनारटी कमीशन अवार्ड तक बंद कर दिए गए हैं, पुराने कमीशन की रिपोर्टों को लागू करने के बजाय उसके छापने वाले तक की पेमेंट नहीं दी है। दिल्ली की मस्जिदों में जुमा बंद कर दिया गया इस पर आयोग ने क्या किया,कितनी शिकायतें आयीं और कितनी का समाधान आयोग ने किया यही सब जानने के लिए हम आज दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग आये थे चेयरमैन ज़ाकिर खान ने हमें समय भी दिया लेकिन वह मोजूद नहीं रहे। हमारे सवालों का जवाब अब केजरीवाल या उनकी सरकार दे कि मुस्लिम अल्पसंख्यकों को क्यों उपेक्षित किया जा रहा है-? क्या मुसलमानों ने उन्हें वोट नहीं दिया -?

केजरीवाल सरकार पारदर्शिता की बात करते हैं और उनके अल्पसंख्यक आयोग का चेयरमैन समय देकर भी सवालों से बचने के लिए अनुपस्थित हो जाता है क्या यही पारदर्शिता है। प्रतिनिधिमंडल में दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष कलीमुल हफीज़ के अलावा महासचिव शाह आलम, प्रेस प्रवक्ता डॉ मुमताज़ आलम रिज़वी, राजीव रियाज़, सरताज अली, मोहम्मद इसरार,उमर अनीस, मक़सूद,तहसीन हुसैन, एजाज़ खान, शाहिद अहमद, इंतज़ार प्रधान, खुर्शीद अहमद, सहित कई अन्य लोग भी मौजूद रहे।

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