*मेरे देशप्रेमियों! आपस में प्रेम करो*

 अंधी नफ़रत सिर्फ़ बर्बादी लाती है, काश ये बात हमारे देश के नेताओं की समझ में आ जाए। अपने सियासी फ़ायदे के लिये लगाई गई नफ़रत की आग से चुनाव तो जीते जा सकते हैं लेकिन इस आग में देश की तरक़्क़ी जलकर भस्म हो रही है।

जोधपुर के साँसद और केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह जी शेखावत के बयान का एक साइड इफेक्ट सामने आया है।


राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को उनके गृह नगर के ही रहने वाले एक युवक ने सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकी दे डाली है। फेसबुक पर राकेश सिंह नाम के एक व्यक्ति ने लिखा, *'एक कोई राजपूत ज़िंदा हो जो मुझे रिवाल्वर सके मुझे इस गहलोत को सबक सिखाना है।'*

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, *आरोपी राकेश सिंह शेखवात 47 साल का है। वह सीकर का रहने वाला है और जोधपुर की एक फैक्ट्री में काम करता है।*

आरोपी की उपरोक्त पोस्ट के वायरल होने के बाद जोधपुर के रातानाड़ा थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

*राकेश सिंह ने पुलिस की हिरासत के दौरान बताया कि उसे जोधपुर डिस्कॉम ने रमजान के महीने में बिजली कटौती नहीं करने के आदेश पर गुस्सा आया था। उसने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को हिंदू त्यौहार पर ऐसे आर्डर जारी नहीं करने को लेकर गुस्सा जाहिर किया है।* राकेश सिंह ने बताया कि इस तरह के सरकारी आदेश से वह काफी आहत हुआ था।

*राजस्थान देश का एक शांत राज्य माना जाता है। यहाँ साम्प्रदायिक सद्भाव लोगों के ख़ून में शामिल है। राजस्थान में दीपावली पर भी बिना कटौती किये बिजली उपलब्ध कराई जाती है। दशहरा पर रावण के पुतले बनाने के लिये स्थानीय निकायों द्वारा सरकारी फंड दिया जाता है। आशूरा (10 मुहर्रम) के दिन शर्बत बनाने के लिये सरकार द्वारा शक्कर एलॉट की जाती है।* 

राजस्थान वो राज्य है जहाँ टूरिस्टों को भी *पधारो म्हारे देस (मेरे राज्य में तशरीफ़ लाइयेगा)* के स्लोगन के ज़रिए सरकारी स्तर पर निमंत्रण दिया जाता है।

*राजस्थान की विधिक राजधानी कहे जाने वाले जोधपुर में "अपणायत (अपनापन)" सदियों से चली आ रही एक परम्परा है।* उस जोधपुर के एक युवा के मन में इतनी नफ़रत कैसे आ गई?

*हम जोधपुर के मुसलमान अशोक गहलोत सरकार से निवेदन करना चाहते हैं कि हमें बिजली कटौती मंज़ूर है लेकिन साम्प्रदायिक सद्भाव में कटौती मंज़ूर नहीं है।*

इसके साथ ही हम पूरे राजस्थान के लोगों से *डॉ. बशीर बद्र* के इस शेर के ज़रिए नफ़रत की आग को बुझाने का आह्वान करते हैं।

*सात संदूक़ों में भर कर दफ़्न कर दो नफ़रतें*

*आज इंसाँ को मोहब्बत की ज़रूरत है बहुत*

नफ़रत को मिटाने के लिये सबको अपना सहयोग देना होगा। अगर आप इस सोच से सहमत हैं तो फिर इस पोस्ट को शेयर कीजिएगा। *सलीम ख़िलजी* (एडिटर इन चीफ़ आदर्श मुस्लिम व आदर्श मीडिया नेटवर्क) मोबाइल : 9829346786

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