मदरसा बाबुल उलूम में जलसा दस्तारबंदी का आयोजन, 15 बच्चों ने किया कुरान हिफ्ज़

 उत्तर पूर्वी दिल्ली के मदरसा बाबुल उलूम जाफराबाद में जलसा दस्तारबंदी का आयोजन किया गया। बाद नमाजे मगरिब आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जमीअत उलमा ए हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी रहे।  इस मौके पर मौलाना महमूद मदनी ने अपने संबोधन में कहा कि जब लोग यह पूछते हैं कि भारत में मुसलमानों ने क्या कारनामा अंजाम दिया है तो मैंने उनको बताया कि भारत में मुसलमान अल्पसंख्यक है और विभाजन से पहले भी अल्पसंख्यक थे, मुसलमानों ने अपने अकीदे, अपनी पहचान, अपने मदरसा के ऐसे निजाम को बनाया है जो दुनिया के बहुसंख्यक मुस्लिम देशों में भी नहीं है।

उन्होंने कहा कि मदरसे बेहतर काम कर रहे हैं और इन्हें और बेहतर बनाने की जरूरत है। आज जिन 15 बच्चों ने कुराने पाक हिफ्ज़ किया है उन्हें दीन के काम को अंजाम देना है। उन्होंने आह्वान किया कि मुस्लिम सादगी के साथ आगे बढ़े। अगर सादगी को छोड़ दिया तो हमारा बहुत बड़ा नुकसान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि कोई भी आपकी मदद के लिए आने वाला नहीं है, उल्मा हजरात को खड़ा होना पड़ेगा और अपनी पूरी कौम को साथ खड़ा करना पड़ेगा काम करने के लिए, क्योंकि वक्त आवाज दे रहा है ना इससे घबराना है,न डरना है, बल्कि हिम्मत और हौसले के साथ खड़े रहना है। जब तक कौम और कौम के अफराध तब्दीली के लिए तैयार नहीं होंगे तो अल्लाह की मदद कैसे आएगी ? कौम के अफराध कौम को बदलने के लिए खड़े होंगे तभी काम बनेगा।जब तक हम खुद से लड़ने के लिए तैयार नहीं होंगे तो दुश्मन से कैसे लड़ेंगे। हमें अपने अंदर तब्दीली लानी होगी और यह तब्दीली अभी नजर नहीं आ रही है। मदरसा बाबुल उलूम के मोहतमिम मौलाना दाऊद अमीनी ने आए हुए मेहमानों का इस्तकबाल किया और कुरान ए हिफ्ज़ करने वाले बच्चों को इनामात से नवाजा गया। इस मौके पर आए हुए सभी मेहमानों को खाना खिलाया गया और मेहमान नवाजी की गयी।

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