कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच त्रिपुरा भवन का घेराव, हल्ला बोल और नारेबाजी,

त्रिपुरा की साम्प्रदायिक हिंसा पर मूकदर्शक बनी है सरकार 

नई दिल्ली (अनवार अहमद नूर) दिल्ली में त्रिपुरा भवन का घेराव करने आए कई संगठनों के लोगों ने मिल कर अपना विरोध प्रदर्शन किया और वर्तमान सरकार, त्रिपुरा सरकार तथा आरएसएस और उससे जुड़े संगठनों के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। इन प्रदर्शनकारियों का कहना था  कि त्रिपुरा में लगातार सांप्रदायिक हिंसा और एक धर्म के धार्मिक स्थलों उनके घरों, उनकी दुकानों और उनके मकानों में आगज़नी, लूटपाट की जा रही है और वहां की सरकार तथा केंद्र की सरकार इस पर खामोश तमाशाई बनी हुई है।





इसलिए उन्होंने वर्तमान सरकार को दलित और मुस्लिम तथा संविधान विरोधी बताते हुए जमकर नारेबाजी की और दंगाइयों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग रखी। त्रिपुरा भवन के आसपास आज कड़े सुरक्षा प्रबंधों के साथ-साथ धारा 144 लागू करने की घोषणा के बाद भी कई संगठनों के लोग जिसमें कई छात्र छात्राएं भी शामिल रहे ने त्रिपुरा भवन को घेरने का प्रयास किया और पुलिस की बेरीकेट के पास अपना रोष प्रकट करते हुए जमकर नारेबाजी की। इनके हाथों में प्ले कार्ड्स भी मौजूद थे जिन पर सरकार विरोधी और त्रिपुरा की हिंसा के विरोध में स्लोगन लिखे हुए थे। 
इन प्रदर्शनकारियों ने त्रिपुरा भवन के पास हल्ला बोलते हुए कुछ इस तरह के नारे लगाए, मुस्लिम विरोधी यह सरकार,नहीं चलेगी अब की बार। संघ परिवार मुर्दाबाद, संघी गुंडे मुर्दाबाद, बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद और आरएसएस मुर्दाबाद, ब्राह्मणवाद मुर्दाबाद, मनुवाद मुर्दाबाद,। मुस्लिम और दलित विरोधी यह सरकार, नहीं चलेगी अब की बार। 
मोदी - शाह जब-जब डरता है, पुलिस को आगे करता है तथा नरेंद्र मोदी गद्दी छोड़ो, दंगाइयों की सरकार गद्दी छोड़ो, संविधान विरोधी यह सरकार, नहीं चलेगी अबकी बार। दंगाइयों की यह सरकार नहीं चलेगी अबकी बार। 
यहां प्रदर्शन में मौजूद शेख जिलानी ने बताया कि त्रिपुरा में लगातार अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ गुंडों ने हिंसा का तांडव कर रखा है। लेकिन इनके ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं हो रही क्योंकि ये आरएसएस के पालतू हैं। 
प्रदर्शनकारियों ने खुलकर कहा कि बजरंगदल,हिंदू युवा वाहिनी,हिंदू महा सभा,विश्वहिंदू परिषद यह जितने भी आतंकवादी संगठन हैं इन पर लगाम लगाई जानी चाहिए क्योंकि यह देश की शांति, एकता और अखंडता के दुश्मन साबित हो रहे हैं। 
त्रिपुरा में हो रही एक पक्षीय सुनियोजित हिंसा की चारो ओर निंदा और विरोध हो रहा है। देश के कई राज्यों में त्रिपुरा के मामले में चिंता और निंदा भर्त्सना की गई है। केन्द्र की सरकार के मूकदर्शक बने रहने पर आश्चर्य प्रकट किया जा रहा है। 
कांग्रेस पार्टी के राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में कहा है कि त्रिपुरा में हमारे मुसलमान भाइयों पर क्रूरता हो रही है हिंदू के नाम पर नफ़रत व हिंसा करने वाले हिंदू नहीं ढोंगी हैं। सरकार कब तक अंधी बहरी होने का नाटक करती रहेगी। 

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