अपर उपायुक्त ने जिला पर्यावरण योजना की समीक्षा की, अधिकारियों को उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश

 इश्फाक वागे

अनंतनाग 29 अक्टूबर : जिला पर्यावरण योजना की समीक्षा को लेकर अपर उपायुक्त अनंतनाग, घ.  हसन शेख।  पर्यावरण प्रदूषण के दुष्प्रभावों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।  औद्योगिक प्रक्रियाओं के प्रतिकूल प्रभाव पर भी चर्चा की गई और उचित शमन उपायों पर चर्चा की गई। उपस्थित लोगों को उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त और उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।  खुले में शौच, ईंट भट्ठों से कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन, औद्योगिक अपशिष्ट आदि जैसे पर्यावरणीय क्षरण के प्रमुख कारणों पर प्रकाश डालते हुए सभी उपस्थित अधिकारियों को एडीसी द्वारा जागरूकता अभियान, नालों, नदियों, झरनों और अन्य पर खुले शौचालयों के विध्वंस जैसे परिणामोन्मुखी हस्तक्षेप करने के निर्देश दिए गए थे।  जल समिति। हॉट मिक्स प्लांट, ईंट भट्ठों, खनन एजेंसियों आदि जैसी एजेंसियों को उनकी औद्योगिक गतिविधियों के कारण होने वाले पर्यावरण प्रदूषण के बारे में शिक्षित किया जाना चाहिए और कानून के तहत आवश्यक सभी शमन उपायों को अपनाने के लिए परामर्श दिया जाना चाहिए।


शेख ने अधिकारियों से कहा कि वे वन अधिनियम, जल निकाय प्रबंधन अधिनियम आदि के प्रासंगिक प्रावधानों को अपने अधिकार क्षेत्र में लागू करना सुनिश्चित करें।

वृक्षारोपण अभियान, जागरूकता शिविर, हाईड्रॉ ब्रिकलिन्स की स्थापना, संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया गया।  एडीसी ने देखा कि संरक्षण के उद्देश्य से व्यापक नागरिक भागीदारी के साथ-साथ संगठित संस्थागत कार्यों के माध्यम से ही जिला पर्यावरण योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकता है।

 बैठक में सीईओ एमसीए, सीईओ, डीएफओ, एसीडी, डीपीओ, एसडीएम कोकरनाग, पहलगाम, तहसीलदार, एमसी के ईओ और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


Ishfaq Wagay


Anantnag 29 October: A meeting to review the the District Environment plan was held under the chairmanship of Additional Deputy Commissioner Anantnag, Gh. Hassan Sheikh. There was thorough deliberation on the ill effects environmental pollution. The adverse effect of industrial processes was also discussed and appropriate mitigation measures debated. 

The attendees were directed to take strict and appropriate action agaist the violators. Throwing light on major causes of environmental degradation like open defecation, CO2 emissions of brick kilns, industrial wastes etc all attending officers were directed by ADC to make result oriented interventions like awareness campaigns, demolition of open toilets on streams, rivers , springs, and other water bodies. 

The agencies like Hot Mix plants, brick kilns, mining agencies, etc must be educated about the environmental pollution caused by their industrial activities and counselled to adopt all mitigation measures as warranted under law. 

Sheikh exhorted the officers to ensure application of relevant provisions of forest act, water bodies management act, etc in their jurisdictions jn letter and spirit.

Stress was laid upon plantion drives, awareness camps, installation of highdraw brickklins, preservation, conservation of natural resources and environmental protection. ADC observed that it is only through concerted institutional actions along with widespread citizen participation aimed at conservation, that the district environment plan can be effectively implemented.

 The meeting was attended by CEO MCA, CEO, DFO,ACD,DPO,   SDM kokernag , Pahalgam, Tehsildars, Eos of MCs,  and other officials.

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