लखीमपुर हिंसा में शामिल तत्वों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई हो : मौलाना महमूद मदनी, (अध्यक्ष जमीयत उलमा-ए-हिंद)

नई दिल्ली,( अनवार अहमद नूर ) लखीमपुर-खीरी (उत्तर प्रदेश) में किसानों को कुचल कर मार दिए जाने की घटना पूरे देश में चर्चा में है। सरकार के एक भाजपाई केन्द्रीय राज्य मंत्री के बेटे के नाम हत्या दर्ज हो गयी है। किसान शवों को रखकर अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखे हुए हैं। देश भर के वरिष्ठ नेताओं और संस्थाओं के प्रमुखों ने अपनी प्रतिक्रिया और मारे गए किसानों से शोक संवेदना प्रकट की है। 

देश की प्रमुख संस्था जमीयत उलमा ए हिंद जो किसानों की मांगों को सरकार द्वारा पूरा करने की गुहार शुरू से लगाते हुए इंसाफ़ की लड़ाई में उनके साथ खड़ी रही है। 
आज भी जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी ने लखीमपुर खीरी (यूपी) में हुई हिंसक घटना की कड़ी निंदा और भर्त्सना करते हुए कहा है कि इसमें शामिल लोगों के खिलाफ़ तत्काल और कड़ी कार्रवाई की जाए। मौलाना मदनी ने कहा कि जो कुछ भी हुआ है वह किसानों के प्रति सरकार के असंवेदनशील रवैये और अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठाने वालों का गला दबाने  की फासीवादी शैली की अभिव्यक्ति है।
मौलाना मदनी ने कहा कि जमीयत उलमा-ए-हिंद  मरने वालों के   परिवारों के साथ शोक संवेदना और एकजुटता व्यक्त करती  है। तथा न्याय की लड़ाई में उनके साथ  खड़ी है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से राज धर्म का पालन करने और इस तरह के जघन्य और अमानवीय कृत्यों में शामिल लोगों को बिना किसी भेदभाव के दंडित करने की मांग की।

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