द्वारका में हज हाउस के विरोध में अब भाजपा भी उतरी

 अनवार अहमद नूर

नई दिल्ली, 7 अगस्त । कोई नमाज़ नहीं पढ़ने दे रहा, तो कोई हज हाउस नहीं बनने देना चाहता, आखिरकार यह देश की राजधानी दिल्ली में हो क्या रहा है -? यहां का जागरूक और पढ़ा-लिखा वर्ग इस सवाल को बार-बार पूछ रहा है कि भारत की गंगा जमुनी संस्कृति की प्रतीक दिल्ली में अब कुछ सांप्रदायिक तत्व जिनको भारतीय जनता पार्टी का पूरा पूरा संरक्षण प्राप्त है अपना सिर ऐसे मुद्दों पर उठा रहे हैं जिनका वास्तव में उनसे कोई संबंध नहीं है और इनके कृत्यों से सांप्रदायिकता की गंध आती है। जी हां यूं तो कई दिन से द्वारका के क्षेत्र को सांप्रदायिकता का रंग देने के प्रयास किए जा रहे थे और इसमें भारतीय जनता पार्टी के कुछ लोग बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं लेकिन आज आरडब्ल्यूए के सहारे इन्होंने खुलकर एक प्रदर्शन किया और इसमें ऐसी मानसिकता का परिचय दिया जो सांप्रदायिकता से भरा तो है ही भारत के संविधान के भी विरुद्ध है।

द्वारका में सैक्टर 22 की एक खाली पड़ी जमीन पर बनने वाले हज हाउस को लेकर किए गए प्रदर्शन में जहां एक और जय श्री राम हिंदू एकता जिंदाबाद हज हाउस नहीं बनने देंगे जैसे नारे लगाए गए वहीं दूसरी ओर साफ-साफ कहां गया की हज हाउस यहां नहीं बनेगा द्वारका रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के लोगों के बीच भाजपा नेताओं ने इसके लिए एक पत्र दिल्ली के उपराज्यपाल श्री अनिल बैजल को लिखा और इसमें उनसे इस बात की मांग की गई कि जिस खाली पड़ी जमीन पर हज हाउस बनना है ।

उस भूमिका आवंटन रद्द किया जाए उन्होंने अपनी तरफ से कहा कि यहां हज हाउस बनने से शांति और भाईचारा खराब हो सकता है दंगे हो सकते हैं यहां से हिंदुओं का पलायन हो सकता है यह क्षेत्र शाहीन बाग और जाफराबाद बन सकता है और यहां तक के कश्मीर जैसे हालात बन सकते हैं ऐसी बातें अपने पत्र में लिखकर इस बात को कहा है कि हर हाल में यहां हज हाउस नहीं बनना चाहिए। आपको बता दें कि द्वारका में हज हाउस बनाने का निर्णय इस आधार पर किया गया कि क्योंकि यह स्थान एयरपोर्ट के निकट है और हाजियों को यहां से एयरपोर्ट जाने में किसी ट्रैफिक जाम या दूसरी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। लेकिन दुखद है कि उसका निर्माण कार्य शुरू होने से पहले ही कुछ लोग इस पर अपनी राजनीति करने लगे हैं। और साम्प्रदायिक वातावरण खराब करके अपनी स्वार्थ पूर्ती में जुट गए हैं।  दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष आदेश गुप्ता का यह बयान कि द्वारका में हज हाउस नहीं बनने देंगे ने आग में घी का काम किया है। वहीं दूसरी ओर अब्दुर रहमान जैसे नेताओं ने कहा है कि हज हाउस की तामीर में रुकावट डालने वालों को दिल्ली वाले मुंहतोड़ जवाब देंगे।

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