जनता के सुझाव पर केजरीवाल सरकार की तरफ से पद्म पुरस्कारों के लिए डॉ. एसके सरीन, डॉ. सुरेश कुमार और डॉ. संदीप बुद्धिराजा के नाम की अनुशंसा*

नई दिल्ली, 28 अगस्त, 2021दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार की तरफ से पद्म पुरस्कारों के लिए डॉ. एसके सरीन, डॉ. सुरेश कुमार और डॉ. संदीप बुद्धिराजा के नाम की अनुशंसा की जाएगी। केंद्र सरकार हर साल पद्म पुरस्कारों के लिए राज्य सरकारों से सिफारिश मांगती है। दिल्ली सरकार ने तय किया था कि इस बार केवल डॉक्टर और पैरामेडिकल कर्मचारियों के नामों की ही अनुशंसा करेगी। दिल्ली सरकार ने लोगों से पद्म पुरस्कारों के लिए सुझाव मांगे। जिसके बाद 9427 लोगों ने 740 चिकित्सा कर्मियों के नाम का सुझाव दिया।


उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की अध्यक्षता वाली कमेटी ने सभी सिफारिशों की जांच कर 3 लोगों के नाम पद्म पुरस्कारों के लिए छांटे हैं। उन्होंने बताया कि आईएलबीएस के वाइस चांसलर डॉ. एसके सरीन ने दुनिया का सबसे पहला प्लाजमा बैंक चालू किया। दिल्ली सरकार की सबसे पहली आरटी-पीसीआर जांच सुविधा और जीनोम सीक्वेंसिंग लैब चालू की। एलएनजेपी अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. सुरेश कुमार की देखरेख में एलएनजेपी अस्पताल ने पूरे देश में सबसे ज्यादा 20,500 कोरोना मरीजों का इलाज किया। देश का दूसरा प्लाज्मा बैंक और कोरोना मरीजों की परिजनों से बात कराने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंस सुविधा शुरू की। मैक्स अस्पताल के ग्रुप मेडिकल डायरेक्टर डॉ. संदीप बुद्धिराजा ने देश का सबसे पहला प्लाज्मा ट्रीटमेंट शुरू किया। दिल्ली के सभी डॉक्टर्स, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ की तरफ से इन तीन नामों की पद्म पुरस्कारों के लिए संस्तुती की जा रही है। इन तीनों को पद्म पुरस्कार देकर देश के लोगों की इच्छा पूरी की जाए। 

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को डिजीटल प्रेसवार्ता को संबोधित किया। सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कोरोना के दौरान हमारे फ्रंटलाइन वर्कर्स, मेडिकल वर्कर्स, विशेषकर डॉक्टर और पैरामेडिकल वर्कर्स ने अपनी जान की बाजी लगाकर हम लोगों की जान बचाई है। अब यह समय है उनको बताने का कि पूरा देश उनका शुक्रगुजार है और सम्मान करता है। डॉक्टर्स-पैरामेडिकल कर्मचारियों ने सेवाएं देकर जिस तरह से पूरे देश में लोगों की जानें बचाई, हम उसके लिए उनका सम्मान करते हैं। 

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हर साल राज्य सरकारों से नाम पूछती है कि आप बताइए कि इस बार आपके यहां से पद्म पुरस्कार (पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण) किसको दिए जाएं। इसके लिए केंद्र सरकार हर साल राज्य सरकारों से सिफारिश मांगती है। दिल्ली सरकार ने तय किया कि इस बार हम लोग केवल डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ के नामों की ही अनुशंसा करेंगे। 

सीएम केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार ने इसके लिए लोगों के सुझाव मांगे। हमें 9427 लोगों ने 740 पेशेवर चिकित्साकर्मियों के संबंध में सुझाव दिए थे। उन सभी सिफारिशों की जांच करने के लिए कमेटी बनाई गई। उस कमेटी की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने की। कमेटी के सदस्य दिल्ली के मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य और डिविजनल कमिश्नर थे। दिल्ली सरकार की तरफ से कमेटी ने सभी सिफारिशों की जांच करके 3 लोगों के नाम पद्म अवॉर्ड्स के लिए छांटे हैं। इन तीन नामों में आईएलबीएस के डॉ. एसके सरीन, एलएनजेपी अस्पताल के डॉ. सुरेश कुमार और मैक्स अस्पताल के ग्रुप मेडिकल डायरेक्टर डॉ. संदीप बुद्धिराजा शामिल हैं।

*आईएलबीएस के वीसी एसके सरीन ने शुरू किया था देश का पहला प्लाज्मा बैंक- अरविंद केजरीवाल*

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आईएलबीएस के डॉ. एसके सरीन वाइस चांसलर हैं। उन्होंने देश ही नहीं दुनिया का सबसे पहला प्लाज्मा बैंक आईएलबीएस में चालू किया। यह प्लाज्मा बैंक चौबीसों घंटे चलता था। यहां से आठ हजार से ज्यादा प्लाज्मा यूनिट डोनेट किए गए। इन्होंने दिल्ली सरकार की सबसे पहली आरटी-पीसीआर सुविधा शुरू की। जिसके बाद यहां पर आरटी-पीसीआर टेस्ट होने लगे। उन दिनों जब आरटी-पीसीआर जांच कोई नहीं करता था, तब इन्होंने अपने यहां सुविधा शुरू की। अभी इन्होंने दिल्ली की सबसे पहली जीनोम सीक्वेंसिंग लैब चालू की है। कोरोना वायरस की जांच के लिए अभी तक हमें सारे नमूने केंद्र सरकार के पास एनसीडीसी भेजने पड़ते थे कि दिल्ली के अंदर जो वायरस है, वह वायरस कौनसा वायरस है। कोरोना के वायरस का प्रकार जानने के लिए उन्होंने जीनोम सीक्वेंसिंग लैब चालू की है। कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने लोगों की सेवा की और दिल्ली सरकार को समय-समय पर सलाह देते रहे।

*एलएनजेपी अस्पताल में डॉ. सुरेश कुमार की देखरेख में देश में सबसे ज्यादा कोरोना मरीजों का इलाज किया गया- अरविंद केजरीवाल*

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि एलएनजेपी अस्पताल के डॉ. सुरेश कुमार मेडिकल डायरेक्टर हैं। एलएनजेपी अस्पताल में उनकी देखरेख में देश के सबसे ज्यादा मरीज का इलाज किया गया। एलएनजेपी अस्पताल में 20,500 कोरोना मरीजों का इलाज किया। इसके अलावा इन्होंने देश का दूसरा प्लाज्मा बैंक शुरू किया। इसके अलावा कोरोना मरीजों के लिए यूनिक सुविधा शुरू की। कोरोना की वजह से जो मरीज एडमिट होते थे उनसे रिश्तेदार-परिजन मिल नहीं सकते थे। ऐसे में कोरोना मरीजों की रिश्तेदारों-परिजनों से आपस में बात कराने के लिए एक यूनिक वीडियो कॉन्फ्रेंस सुविधा शुरू की। जिसकी वजह से मरीज अपने रिश्तेदारों से बात कर सकते थे और बात करके तसल्ली हो जाती थी कि इलाज ठीक चल रहा है। इन्होंने भी अपने यहां जीनोम सीक्वेंसिंग की सुविधा शुरू की। कोरोना महामारी जब शुरू हुई तब एलएनजेपी में 50 आईसीयू बेड थे। इन्होंने आईसीयू बेड को बढ़ाकर 900 कर दिया। उसी तरह से उन्होंने ऑक्सीजन के बहुत सारे बेड बढ़ाए। इसके अलावा एलएनजेपी अस्पताल में कोरोना संक्रमित मांताओं की डिलीवरी के लिए विशेष चिकित्सकिय सुविधाओँ से युक्त डेडीकेटेड लेबर रूम तैयार किया। यहां पर 627 महिलाओं ने बच्चों को जन्म दिया, जिसमें से 266 सीजेरियन ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए गए। इसके अलावा डायलिसिस मरीजों के लिए डेडीकेटेड डायलिसिस की सुविधा शुरू की। 17 डायलिसिस मशीनों के जरिए अस्पताल में 2151 लोगों को 24 घंटे डायलिसिस की सुविधा दी गई। अभी एलएनजेपी अस्पताल के अंदर बहुत बड़े स्तर पर वैक्सीनेशन का काम चल रहा है।

*डॉक्टर संदीप बुद्धिराजा ने देश का सबसे पहला प्लाज्मा उपचार शुरू किया*

पूरी दिल्ली ही नहीं पूरे उत्तर भारत से मरीज मैक्स अस्पताल में इलाज कराने आते थे। मैक्स अस्पताल के ग्रुप मेडिकल डायरेक्टर डॉक्टर संदीप बुद्धि राजा ने उनका इलाज किया। देश का सबसे पहला प्लाजमा ट्रीटमेंट शुरू किया। इनकी देखरेख में हजारों होम केयर मरीजों, ओपीडी और भर्ती मरीजों का इलाज किया गया। मैं सभी की तरफ से इन डॉक्टर्स को बधाई देता और शुक्रिया अदा करता हूं। 

उन्होंने कहा कि मुझे कमेटी ने बताया कि जितने नाम आए थे सभी ने इतना शानदार काम किया था कि तीन नामों का चयन करना बहुत मुश्किल था। मैं उन सभी लोगों को यह कहना चाहता हूं कि इन 3 लोगों को चुनने का मतलब यह नहीं है कि बाकी लोगों का योगदान किसी भी तरह से कम है। मैं समझता हूं कि यह माना जाए कि दिल्ली के सभी डॉक्टर्स, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ की तरफ से इन तीन नामों की पद्म पुरस्कारों के लिए संस्तुती की जा रही हैं। मैं पूरी उम्मीद और प्रार्थना करता हूं कि इनको पद्म पुरस्कार देकर देश के लोगों की इच्छा पूरी की जाए।

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