ना कोई कागज,न कोई सबूत, फोर्स के बल पर छीनी गई है मेरी जमीन चौ. शेरनबी चमन

 उत्तर पूर्वी दिल्ली के प्रमुख समाजसेवी चौधरी शेरनबी चमन से "हम करेंगे समाधान" हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र के संपादक एस ऐ बेताब से बात चीत

 सवाल : चौधरी शेरनबी चमन साहब आप की जमीन के खिलाफ शिक्षा विभाग और दूसरे विभागों ने कब्जा किया है तोड फोड करके उस पर कब्जा किया है, बाउंड्री वाल की है इस बारे में आपका क्या कहना है?

 जवाब : कोर्ट में इन लोगों के खिलाफ स्टे हो गया है कंडम ओफ कोर्ट की कार्यवाही हो गई है,लेकिन इसके बावजूद लोकल पुलिस नाजायज तरीके से इन लोगों का साथ दे रही है कोई बहुत बड़ा लालच शायद लोकल पुलिस को दिया गया है एडिशनल एसएचओ कहता है यहा तो डंडे का कानून चलता है और हमारे पास कोर्ट का कोई कानून नहीं चलता। कोर्ट की तारीख थी लेकिन कोर्ट में भी नहीं पहुंचे, मान ही नहीं रहे हैं कोर्ट के आदेश को,   जबकि इन्हें दस्ती  और स्पीड पोस्ट से भी नोटिस भिजवा दिए हैं। ये परवाह नहीं कर रहे हैं शायद इसलिए कि जब जज साहब के सामने पहुंचेंगे जज साहब के सामने हाथ जोड़कर  कह देंगे सर गलती हो गई और जज साहब माफ कर देंगे बस ये है।



 
चौधरी शेरनबी चमन

सवाल : क्या आपके वकील के द्वारा कंडम आँफ कोर्ट की कार्यवाही की गई है? 

 जवाब : हो चुकी है मेरे पास नोटिस मौजूद है चाहो तो दिखला देंगे।  

सवाल : तो अब  इस जमीन की बाबत क्या कहना चाहते हैं?  जवाब:  यह जमीन हमारी है दादा ईलाही है और यह बदमाशियां दिल्ली सरकार के मंत्री करा रहे हैं।

 सवाल : आप कब से काबिज है? 

 जवाब : 40 साल से तो हम काबिज है इस जमीन पर, और 125 साल पुराना रिकॉर्ड हमारे फेवर में मौजूद है।

 सवाल : इसके बावजूद सरकार ने बाउंड्री वाल कैसे करी ?

 जवाब: सरकार दरअसल यह समझती है कि जिन लोगों के पास कोई बैकग्राउंड न हो, कोई वसीला न हो,उन लोगों की जमीनों को छीना जाए और मालदार बना जाए। पूरे भारत में पार्टी को फैलाया जाए,कोठियां बेहतरीन बने सबकी,रईस ए आजम बना जाए, सारे पार्टी के जो जिम्मेदार, सीनियर्स है यह सरकार की सोच है। अगर सरकार वाकई मुखलिस है, सच्ची है तो मैं चैलेंज करता हूं दिल्ली के चीफ मिनिस्टर को खासतौर से दिल्ली के एजुकेशन मिनिस्टर को, दिल्ली के जन कल्याण मंत्री को कि इस फोर्स को इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं, ताकत को इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं है, मैं जानता हूं कि बजो़र ताकत तो मुझे जान से भी मार सकते हो,मुझसे मेरा घर भी छीन सकते हो , लेकिन अगर वाकई ईमानदार हैं तो आप तीनों मंत्री मीडिया के सामने, कैमरे के सामने ईमानदारी से आप यह साबित कर दीजिए कि जो जमीन है चमन एस्टेट नाम की यह सरकारी है,या कम से कम इतना साबित कर दीजिए कि अगर जमीन सरकारी नहीं है तो चौधरी चमन की भी नहीं है। तो मैं उसी वक्त मीडिया के सामने कैमरे के सामने यह लिखकर दे दूंगा कि आज के बाद मेरा इस जमीन से कोई ताल्लुक नहीं होगा।और अगर मेरे पास इस जमीन के अलावा और कोई भी प्रॉपर्टी  हुई तो मैं उसे दान कर दूंगा।  और दिल्ली छोड़ कर चला जाऊंगा। क्योंकि मैं चाहता हूं कि हिंदुस्तान के दिल इस दिल्ली में कोई भी गलत आदमी नहीं रहना चाहिए। और अगर ये साबित नहीं कर पाते हैं  जमीन मेरी भी नहीं है, सरकार की भी नहीं है,ये भी साबित नहीं कर पाते हैं तो फिर मैं कहना चाहूंगा यह तीनों मंत्री अपनी जिम्मेदारी से इस्तीफा दें और इनकी दिल्ली में जो प्रॉपर्टी है उसे दान करें और  हमेशा के लिए दिल्ली छोड़कर चले जाएं। अगर यह ईमानदार है तो मेरे इस चैलेंज को कुबूल करें। वरना मैं यह मान लूंगा कि अबकी बार दिल्ली में जो सरकार है वह डाकुओं की रहजनों की सरकार है। बेईमानों की सरकार है। वरना मैं यह मान लूंगा  कि पर्दे के पीछे मेरी साइकोलॉजी के अनुसार दिल्ली सरकार के मंत्री करा रहे हैं।

इन्होंने 4 साल में मेरी जमीन पर दिल्ली सरकार के इशारे पर चार बार हमला किया। पहली बार 27 फरवरी 2016 को हमला किया। मेरी जमीन का डेमोलेशन कर दिया। कोई सबूत नहीं, कोई कमी नहीं बताई गई।कोई पूछताछ नहीं की गई ।और मैंने माननीय सिशोदिया जी को जो शिक्षा मंत्री है वहां कंप्लेंट लगाई कि मुझे यह बताया जाए कि मेरी जमीन का डेमोलेशन एमसीडी के कहने पर किया गया, डीडीए वालो के कहने पर किया गया है,या एजुकेशन वालों के कहने पर किया गया है, या कोर्ट के आदेश से किया गया है, या किसके आदेश से किया गया ?  मै  3 महीने बाद में पूछने के लिए पहुंचा प्रगति मैदान के पास उनका ऑफिस है वहां के चीफ सेक्रेटरी ने बताया कि अभी टाइम नहीं है 10 - 15 दिन बाद जवाब दिया जाएगा।  3 साल होने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला तो मैंने माननीय मुख्यमंत्री के यहां शिकायत की कि मुझे नहीं बताया गया मेरी जमीन  पर क्यों तोड़फोड़ की। मेरी गलती क्या है? मेरी जमीन छीनने की कोशिश क्यों की जा रही है? तो उनकी तरफ से एक लैटर आया कि हमने उचित कार्यवाही हेतु इंक्वायरी हेतु एसडीएम हैड ऑफिस को लेटर भेज दिया है। उसके बाद में उन्होंने उचित कार्यवाही मे  ये किया कि 8 मार्च 2019 टाइम सुबह के 9:40 पर चार पांच थानों की फोर्स और चार पांच थानों के एसएचओ ,ACP, डीसीपी, डीसी,एडीएम, पीडब्ल्यूडी के अफसरान ,बहुत सारे मजदूर और कई जेसीबी मेरी जमीन पर आकर कब्जा करने की कोशिश करने लगे। भीड़ इकट्ठा हो गई, शोर मच गया तो मैंने पूछा क्यों कब्जा कर रहे हो? कहने लगे एजुकेशन की जमीन है  मैंने कहा कोई सबूत दिखलाओ, कोई अलॉटमेंट लैटर दिखलाओ, लैटर सबूत तो नहीं दिखलाया और एक डेढ़ घंटे तक खड़े रहे  और वापस चले गए। फिर इन्होंने एक प्लानिंग की और मुझे सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि दिल्ली के शिक्षा मंत्री ने डीडीए वालों से कहा कि कोई लैटर दे दीजिए चमन एस्टेट पर कब्जा करने के लिए,जब उन्हें ज्यादा मजबूर किया गया। ज्यादा इंप्रेशन में लिया गया तो दिल्ली के शिक्षा मंत्री को उन्होंने एक लैटर दिया, जिसमें उन्होंने सिर्फ लिखा की सुंदर नगरी में ढाई एकड़ में बाउंड्री वाल की जाए। उसमें कोई खसरा नंबर नहीं दिए गए,जब इस बारे में बात की गई  एसडीएम सीमापुरी से तो उन्होंने कहा कि भैया वह बड़ा काईया आदमी है जिसकी जमीन है। और खसरा नंबर के बगैर मैं तो जाऊंगा नहीं।खसरा नंबर दो, लोकेशन लिखो, इसके लिए तो मना कर दिया। 
मेरा ट्रांसफर करा दो मैं यह बात नहीं मानूंगा। फिर एजुकेशन के डायरेक्टर ने कहा एसडीएम को जनाब आगे तो सुनो कि मंत्री जी का कहना है सब को बहुत फायदा होगा। मैं कमिश्नर से कहकर फोर्स  दिलवा देता हूं।आप एक दफे कब्जा कर ले फिर इस जमीन का मालिक जो है कब्जे की कार्यवाही करता रहेगा,लड़ता रहेगा मुकदमा। कब्जा हमारा हो जाएगा । यह दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री की बात है उनके एजुकेशन डायरेक्टर ने कहा और इत्तेफाक से उस वक्त मैं वहां बैठा हुआ मौजूद था। मैंने अपने कानों से यह बात सुनी फोन का स्पीकर खोलकर बात कर रहे थे एसडीएम सीमापुरी , तो फिर उन्होंने 21/9 /2020 को मेरी जमीन पर होल्डर बोला और इस दफे कोई सबूत न दिखाकर मेरे साथ बदतमीजी की, धक्का दिया और जब मैंने ज्यादा जिद की एसडीएम को पकड़ लिया, एजुकेशन वालों को पकड़ा और पूछा,क्या कर रहे हो कुछ सबूत दिखलाओ तो एक पुलिस अफसर बोला इनके खिलाफ एक्शन लो यानी इन का सबूत एक्शन था उन्होंने मेरे साथ मारपीट की, बेज्जती की ,मुझे धक्का दिया, एडिशनल एसएचओ आरके मीना थाने का स्टाफ था,  बहुत सारी गाड़ियां आ गई और चौथी बार कब्जा करने की कोशिश की।

 दिल्ली सरकार मेरी सोच में तो डाकूओ की सरकार है। इसलिए मैं बचपन से कांग्रेसी कार्यकर्ता रहा हूं। मेरे बाप दादा कांग्रेसी रहे हैं ,मैंने कांग्रेस पार्टी में कोई ख्वाहिश भी नहीं की, कभी कुछ मांगा भी नहीं,और मुझे आज तक कुछ शिकायत भी नहीं है,लेकिन अब मैं जब तक दिल्ली में आम आदमी पार्टी की हुकूमत रहेगी। मैं इसके खिलाफ इसका सूपड़ा साफ करने के लिए कार्य करता रहूंगा। मैं इसके लिए चाणक्य साबित बनकर दिखलाउंगा अपने आपको । इस धनानंद सरकार का जब तक मलियामेट नहीं हो जाएगा मैं दिल की गहराइयों से बीजेपी का कार्यकर्ता बनकर रहूंगा। और मुझे उम्मीद है यही पार्टी सरकार का सूपड़ा साफ कर सकती है , मलियामेट कर सकती है और दिल्ली के लिए कोई ऐसा मुख्यमंत्री दे सकती है जो दिल्ली को मजबूती के साथ चला सके। आखिर में  मिस्टर बेताब आपको कहना चाहता हूं कि भविष्य में मुझ पर झूठे मुकदमे लगाए जा सकते हैं, मुझे झूठे मुकदमे में जेल भेजा जा सकता है, भविष्य में मेरा क़त्ल भी करवाया जा सकता है। पुलिस द्वारा मेरा एनकाउंटर किया जा सकता है, मुझे मरवाया जा सकता है।

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