कपिल सिब्बल के जन्मदिन की पार्टी पर राजनीति शतरंज की बिसात! विपक्षी को दावत कौन सा राजनीतिक खेल?


एस. ज़ेड.मलिक (पत्रकार) 

नई दिल्ली - करोना काल में संसद के मॉनसून सत्र में विपक्षी पार्टियां  सरकार को लगेतार घेरने की कोशिश कर रही हैं। और वहीं अवसर की तलाश में कपिल सिब्बल साहब का जन्मदिन भी आ गया और कपिल साहब सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट भला इस अवसर को हाँथ से कैसे जाने देते, दूसरी सब से बड़ी बात की कांग्रेस के वारिस बेटा बेटी यानी राहुल और प्रियंका गांधी सौभाग्य से दोनों  दिल्ली से बाहर यदि दावत दी भी होगी तो दोनों का आना सम्भव नहीं था इसलिये की कोई भी अपना मंच छोड़ कर तो नहीं आ सकता। और रही सोनिया जी की बात तो कोई भी माँ अपने बच्चों को छोड अपना पेट भर सकती है क्या, नहीं , फिर तो अवसर अच्छा था - कपिल सिब्बल जी द्वारा विपक्षी पार्टियों को दावत देना और इन सबके बीच एक बैठक वयावस्थित कर सभी के बीच अपनी बात रखने का इससे बेहतर अवसर और क्या हो सकता था।

बहरहाल - इस समय कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी श्रीनगर के दौरे पर थे और प्रियंका गांधी वाड्रा  विदेश में हैं। इस दावत में गांधी परिवार का कोई सदस्य नहीं था, लेकिन विपक्ष के कई नेता शामिल थे। क्योंकि ये दावत कपिल सिब्बल द्वारा दी गई थी, जो कि जी-23 ग्रुप के सदस्य भी हैं ऐसे में इसकी काफी चर्चा है।  ऐसे कपिल सर को अपनी बात कहने पूरा अवसर मिल गया। शायद हो सकता है कि आने वाले समय मे  कपिल सर को विपक्ष कांग्रेस का नेता घोषित कर दे। कपिल सर को बोलना भी न पड़े। लेकिन यह सच से परे नहीं है कि जब कांग्रेस पार्टी  के और 17 विपक्षी दलों के 45 नेता कपिल सिब्बल के निमंत्रण पर सोमवार को रात के डिनर पर एकत्रित हुए तो कांग्रेस आलाकमान के कई नेताओं के पेट में दर्द शुरू हो गया। होना लाजिमी भी था। अगर सिब्बल को सिर्फ अपना जन्मदिन ही मनाना था तो फिर वहां विपक्षी नेताओं की क्या ज़रूरत थी? आलाकमान को शक है कि जन्मदिन की पार्टी के नाम पर यह सिब्बल और कांग्रेस के G-23 के नेतावों द्वारा राहुल गांधी जैसे पार्टी के ‘बड़े नेता’ के कद को छोटा करने की एक कवायद थी।

बहरहाल - कपिल सिब्बल की इस दावत में शरद पवार, लालू प्रसाद यादव, शरद यादव, अखिलेश यादव, सीताराम येचुरी, संजय राउत, डेरेक ओ ब्रायन समेत अन्य कई नेता शामिल रहे. वहीं, कांग्रेस के जी-23 ग्रुप के गुलाम नबी आज़ाद, भूपेंद्र हुड्डा, आनंद शर्मा, मनीष तिवारी, शशि थरूर, संदीप दीक्षित यहां पर मौजूद रहे।

बैठक में उठी विपक्षी एकता की बात प्रमुखता से उठाई गई। सूत्रों के मुताबिक, दावत में सियासी तड़का लगाते हुए कपिल सिब्बल ने कहा कि भाजपा के खिलाफ एक मजबूत मोर्चे की जरूरत है। एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि कपिल सिब्बल जो मुद्दे उठाते हैं पार्टी के भीतर हों या बाहर, उनसे वह सहमत हैं और वह सही मुद्दे हैं। कपिल सिब्बल ने उस पर कहा कि वे पार्टी के वफादार सिपाही हैं, पार्टी के भीतर जो होता है वह पार्टी का विषय है, मगर पार्टी के बाहर विपक्ष को एकजुट रहने की जरूरत है।

राजद के लालू प्रसाद यादव ने भी इस पर हामी भरी कि विपक्ष को एकजुट रहने की जरूरत है। लालू ने कहा कि यहां जो नेता बैठे हैं उनमें वो ताकत है। कपिल सिब्बल का बखान करते हुए उन्होंने कहा कि वह हमेशा से ही जरूरत में काम आए हैं। उन्होंने कहा कि जब भी कोई मुश्किल में पड़ा है तो कपिल सिब्बल को याद किया है।

सपा नेता अखिलेश यादव ने भी इस पर जोर दिया कि विपक्ष को कपिल सिब्बल, गुलाम नबी आजाद जैसे लोगों के अनुभव का सही इस्तेमाल करना चाहिए।

गौरतलब है कि दावत में अकाली दल से इंद्र कुमार गुजराल, बीजेडी से पिनाकी मिश्रा, आम आदमी पार्टी से संजय सिंह समेत वाईएसआर (कांग्रेस), टीआरएस और रालोद के नेता भी शामिल थे। यह और बात है कि राहुल गांधी के नाश्ते के न्योता पर संजय सिंह नदारद रहे। महत्वपूर्ण मुद्दों पर टीआरएस और बीजेडी अक्सर बीच का रास्ता ले लेते हैं।

बीजेडी के पिनाकी मिश्रा ने कहा कि अक्सर कुछ मुद्दों पर उनकी पार्टी के साथ आना चाहती है, लेकिन उनको समझ नहीं आता कि कांग्रेस में इस विषय में किससे बात करें।

जानकारी के मुताबिक, बैठक में विपक्ष के एक नेता ने कहा कि अगर कांग्रेस पार्टी अपने आंतरिक मुद्दे सुलझाए तो विपक्ष के पास एक बेहतर चांस हो सकता है। क्योंकि करीब दो सौ सीटों पर ये दोनों पार्टियां आमने-सामने हैं। हालांकि, विपक्ष की इस साझा बैठक में कांग्रेस के किसी नेता ने अपनी पार्टी के आंतरिक मसलों पर ज़ोर नहीं दिया।

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